भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश के लिए एक बड़ा बूम आने वाला है। नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत का रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) मार्केट 2030 तक लगभग दोगुना हो जाएगा। यह वृद्धि मुख्य रूप से ऑफिस, रिटेल और वेयरहाउसिंग जैसे वाणिज्यिक क्षेत्रों में निवेशकों की बढ़ती रुचि से संचालित होगी। यह अनुमान भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूत होती बुनियाद और वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।READ ALSO:-'एक राष्ट्र एक पुलिस वर्दी' पर बड़ा अपडेट: गृह मंत्रालय ने 16 राज्यों से 4 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट, पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी पहल पर काम शुरू
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CII कॉन्फ्रेंस में जारी हुई रिपोर्ट
\r\n\r\nयह महत्वपूर्ण रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2025 को कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कॉन्फ्रेंस में 'इंडियन रियल एस्टेट का इवॉल्विंग लैंडस्केप – CRE, अनलॉकिंग इन्वेस्टमेंट, ऑपर्च्युनिटीज और इकॉनॉमिक ग्रोथ' विषय पर जारी की गई।
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- \r\n मौजूदा स्थिति (2025): नाइट फ्रैंक के डेटा के अनुसार, भारत में वर्तमान में पाँच सूचीबद्ध REITs हैं, जो लगभग 177 मिलियन स्क्वायर फीट कमर्शियल और रिटेल स्पेस को कवर करते हैं। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 2.3 ट्रिलियन रुपये है और इनमें 290,000 से अधिक यूनिटहोल्डर्स हैं।\r\n \r\n
- \r\n विश्व में स्थान: रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का ऑफिस मार्केट 1 बिलियन स्क्वायर फीट से अधिक का हो गया है, जो वैश्विक स्तर पर चौथा सबसे बड़ा कमर्शियल स्पेस है।\r\n \r\n
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2030 तक वैल्यूएशन का अनुमान
\r\n\r\nनाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में REIT मार्केट के वैल्यूएशन में जबरदस्त वृद्धि का अनुमान लगाया गया है:
\r\n\r\n| \r\n सेक्टर \r\n | \r\n \r\n 2025 में अनुमानित वैल्यू (₹ ट्रिलियन) \r\n | \r\n \r\n 2030 तक अनुमानित वैल्यू (₹ ट्रिलियन) \r\n | \r\n \r\n वृद्धि का कारण \r\n | \r\n
| \r\n समग्र REIT मार्केट \r\n | \r\n \r\n 10.4 ट्रिलियन \r\n | \r\n \r\n 19.7 ट्रिलियन \r\n | \r\n \r\n ऑफिस, रिटेल और वेयरहाउसिंग \r\n | \r\n
| \r\n REIT-योग्य ऑफिस प्रॉपर्टीज \r\n | \r\n \r\n 8.2 ट्रिलियन \r\n | \r\n \r\n 16.0 ट्रिलियन \r\n | \r\n \r\n क्वालिटी सप्लाई और वैश्विक मानक \r\n | \r\n
| \r\n REIT-योग्य रिटेल प्रॉपर्टीज \r\n | \r\n \r\n 1.5 ट्रिलियन \r\n | \r\n \r\n 2.4 ट्रिलियन \r\n | \r\n \r\n बढ़ती उपभोक्ता मांग \r\n | \r\n
REIT के साइज में यह वृद्धि दर्शाती है कि आने वाले समय में निवेशकों के लिए पैसिव इनकम का यह माध्यम और अधिक आकर्षक होगा।
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गुणवत्ता और परफॉर्मेंस पर फोकस
\r\n\r\nKnight Frank India के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विरल देसाई ने इस ग्रोथ पर टिप्पणी की।
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- \r\n देसाई का बयान: उन्होंने कहा, "भारत का कमर्शियल रियल एस्टेट अब 'वादे से प्रदर्शन' (Promise to Performance) की ओर बढ़ गया है। जैसे-जैसे REITs का आकार 2030 तक ₹10.4 ट्रिलियन से बढ़कर ₹19.7 ट्रिलियन होने का अनुमान है, हमें क्वालिटी सप्लाई, सस्टेनेबिलिटी और ग्लोबल-स्टैंडर्ड एसेट मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करना होगा।"\r\n \r\n
- \r\n असली अवसर: उन्होंने जोर दिया कि असली अवसर इस निर्मित गति (Built Momentum) को दीर्घकालिक, समावेशी आर्थिक मूल्य (Long-Term, Inclusive Economic Value) में परिवर्तित करने में है।\r\n \r\n
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रिटेल सेक्टर में अपार संभावनाएं
\r\n\r\nऑफिस सेक्टर के साथ-साथ रिटेल सेक्टर में भी REIT के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।
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- \r\n रिटेल सेक्टर: वर्तमान में ग्रेड A के 66 मिलियन स्क्वायर फुट स्टॉक में से केवल 7.3 मिलियन स्क्वायर फुट ग्रेड A स्टॉक ही REIT के दायरे में है। बढ़ती उपभोक्ता मांग और संगठित (Formal) रिटेल फॉर्मेट की ओर रुझान के कारण इस सेक्टर में भी संस्थागत विस्तार (Institutional Expansion) का पर्याप्त मौका है।\r\n \r\n
- \r\n वेयरहाउसिंग: वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर भी ई-कॉमर्स की वृद्धि के कारण REIT मार्केट को सहारा देगा।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.