खबरीलाल डेस्क
वह दिन अब बहुत दूर नहीं है, जब आप भारत के बड़े और ट्रैफिक से भरे शहरों में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए कैब (Cab) की तरह आसमान में उड़ने वाली एयर टैक्सी (Air Taxi) बुक कर पाएंगे। शहरी यातायात (Urban Mobility) को पूरी तरह से बदलने के उद्देश्य से भारतीय एयरोस्पेस स्टार्टअप 'द ईप्लान कंपनी' (The ePlane Company) ने भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी (India's First Electric Air Taxi) बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।READ ALSO:-यूपी में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का 9 साल का वनवास खत्म: मानदेय में ₹8,000 की बंपर बढ़ोतरी, अब मिलेगा 5 लाख का कैशलेस इलाज और मनचाहा ट्रांसफर
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आईआईटी मद्रास (IIT Madras) से जुड़े इस होनहार स्टार्टअप ने अपनी महत्वाकांक्षी एयर टैक्सी 'e200x' के विकास और परीक्षण के लिए अमेरिकी टेक दिग्गज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लीडर एनवीडिया (Nvidia) के साथ एक बड़ी साझेदारी की घोषणा की है। यह साझेदारी भारतीय एविएशन सेक्टर और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाली है।
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आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि यह एयर टैक्सी कैसे काम करेगी, एनवीडिया इसमें क्या भूमिका निभाएगा और आम लोगों को इस सुविधा का लाभ कब तक मिल सकेगा।
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ePlane और Nvidia की अनोखी साझेदारी

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द ईप्लान कंपनी (The ePlane Company) मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमान बनाती है। ये ऐसे विमान होते हैं जो हेलीकॉप्टर की तरह सीधे ऊपर उठते हैं और लैंड करते हैं, लेकिन इनमें एविएशन फ्यूल की जगह बैटरी का इस्तेमाल होता है।
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कंपनी ने अपनी e200x एयर टैक्सी को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए अमेरिकी कंपनी Nvidia के साथ हाथ मिलाया है। (Internal link to related article on: The Rise of eVTOL Startups in India) इस पार्टनरशिप की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से 'तकनीक और ज्ञान साझाकरण' (Knowledge and Tech Sharing) पर आधारित है। दोनों कंपनियों के बीच इस समझौते में किसी भी प्रकार का आर्थिक या पैसों का लेन-देन (Financial Transaction) नहीं हुआ है। इसका मुख्य फोकस अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके एयर टैक्सी के विकास की प्रक्रिया को तेज और सुरक्षित बनाना है।
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Nvidia Omniverse: डिजिटल ट्विन से होगा वर्चुअल टेस्ट

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भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी के निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा और टेस्टिंग की है। विमानन (Aviation) क्षेत्र में असली दुनिया में टेस्टिंग करना बेहद खर्चीला और जोखिम भरा होता है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए Nvidia की अत्याधुनिक तकनीक काम आएगी।
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इस समझौते के तहत, ePlane कंपनी Nvidia की 'Omniverse' लाइब्रेरी का इस्तेमाल करके अपने e200x विमान का एक 'डिजिटल ट्विन' (Digital Twin) यानी बिल्कुल असली जैसी वर्चुअल कॉपी (Virtual Copy) बनाएगी।
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इस वर्चुअल मॉडल (Virtual Model) के निम्नलिखित फायदे होंगे:

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    उड़ान के नियमों की जांच: वर्चुअल दुनिया में उड़ान की भौतिकी (Aerodynamics) का सटीक परीक्षण किया जा सकेगा।
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    सेंसर का तालमेल: एयर टैक्सी में लगे विभिन्न सेंसर्स और रडार का परीक्षण बिना किसी वास्तविक जोखिम के किया जा सकेगा।
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    कठिन परिस्थितियों का सिमुलेशन: खराब मौसम (तूफान, भारी बारिश), सेंसर फेल होने या आसमान में किसी पक्षी या वस्तु से टक्कर जैसी आपातकालीन स्थितियों का असली जैसा टेस्ट किया जा सकेगा।
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चूंकि असली टेस्ट में क्रैश होने पर करोड़ों का नुकसान और जान का खतरा होता है, इसलिए डिजिटल ट्विन के जरिए विमान को वर्चुअल दुनिया में लाखों किलोमीटर उड़ाया जाएगा ताकि सिस्टम को पूरी तरह से ट्रेन (Train) किया जा सके।
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Nvidia IGX प्लेटफार्म बनेगा एयर टैक्सी का 'दिमाग'

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डिजिटल टेस्टिंग के अलावा, एयर टैक्सी के अंदर के सिस्टम को भी स्मार्ट बनाने में Nvidia की भूमिका अहम होगी। ePlane कंपनी 'Nvidia IGX' प्लेटफॉर्म का उपयोग अपने eVTOL विमान के अंदर मुख्य कंप्यूटिंग सिस्टम (Computing System) के रूप में करेगी।
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विमान के हवा में रहते हुए जितने भी जरूरी एप्लिकेशन, ऑटोमैटिक सिस्टम और नेविगेशन (Navigation) चलेंगे, वे सभी इसी IGX प्लेटफॉर्म पर काम करेंगे। यह प्लेटफॉर्म AI और मशीन लर्निंग के जरिए एयर टैक्सी को स्वायत्त (Autonomous) रूप से सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करेगा। 
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क्या कहते हैं ePlane के संस्थापक?

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इस ऐतिहासिक साझेदारी को लेकर ePlane के फाउंडर और चीफ टेक्निकल ऑफिसर (CTO) सत्य चक्रवर्ती (Satya Chakravarthy) काफी उत्साहित हैं।
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उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह पार्टनरशिप कंपनी के एयरोस्पेस (Aerospace) सपनों को मजबूत करती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
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"हम सिर्फ एक उड़ने वाला विमान नहीं बना रहे हैं, बल्कि हम भविष्य के लिए एक पूरा यातायात सिस्टम (Ecosystem) तैयार कर रहे हैं। Nvidia के साथ काम करने से हमारी डिजिटल और असली दुनिया के बीच की दूरी कम हो रही है। सिमुलेशन (Simulation) में हजारों-लाखों बार टेस्ट करके हम असली दुनिया में आने वाले हर जोखिम को खत्म कर सकते हैं।"
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भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी: प्रोटोटाइप और सर्टिफिकेशन

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बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, ePlane कंपनी के प्रिंसिपल इंजीनियर (एवियोनिक्स सिस्टम और ऑटोनॉमी) बक्थकोलाहलन श्यामसुंदर ने प्रोजेक्ट के वर्तमान स्टेटस की जानकारी दी है।
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उन्होंने बताया कि भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी e200x का पहला प्रोटोटाइप (Prototype) बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
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    ग्राउंड टेस्टिंग: आने वाले कुछ ही महीनों में इस प्रोटोटाइप की ग्राउंड टेस्टिंग (Ground Testing) शुरू कर दी जाएगी।
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    DGCA सर्टिफिकेशन: कंपनी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए दो और प्रोटोटाइप बनाएगी। इन विमानों को कमर्शियल उड़ानों की मंजूरी के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सामने सर्टिफिकेशन के लिए पेश किया जाएगा।
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    DGCA के साथ मिलकर काम: अच्छी बात यह है कि चेन्नई में DGCA के कुछ सदस्य पहले से ही सुरक्षा मानकों और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। (Internal link to related article on: DGCA new guidelines for eVTOL aircrafts)
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किन शहरों को मिलेगी सबसे पहले सौगात?

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आईआईटी मद्रास (IIT Madras) से जुड़ा यह स्टार्टअप मुख्य रूप से उन बड़े महानगरों की समस्या हल करना चाहता है जो हर दिन भारी ट्रैफिक जाम (Traffic Congestion) से जूझते हैं।
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एक बार जब टेस्टिंग और DGCA से सर्टिफिकेशन (Certification) का काम पूरा हो जाएगा, तो कंपनी की योजना भारत के सबसे व्यस्त शहरों में अपनी कमर्शियल एयर टैक्सी सेवा शुरू करने की है। शुरुआती चरण में जिन शहरों को इसके लिए चुना गया है, वे हैं:
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    बेंगलुरु (Bengaluru): जो अपने आईटी कॉरिडोर के भयंकर ट्रैफिक के लिए जाना जाता है।
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    मुंबई (Mumbai): जहां घंटों का सफर एयर टैक्सी से मिनटों में तय हो सकेगा।
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    चेन्नई (Chennai): जो इस स्टार्टअप का होमग्राउंड भी है।
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इन एयर टैक्सी (Air Taxis) का किराया शुरुआत में सामान्य कैब से थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन यह यात्रियों का बहुमूल्य समय बचाएगी और प्रदूषण (Zero Emission) भी नहीं करेगी।
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अंततः, 'द ईप्लान कंपनी' और 'एनवीडिया' के बीच हुआ यह समझौता भारतीय विमानन और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी छलांग है। भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी के निर्माण में विश्वस्तरीय AI तकनीक और डिजिटल सिमुलेशन का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करता है कि जब e200x असल आसमान में उड़ेगी, तो वह पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद होगी। डीजीसीए के सहयोग और तेज टेस्टिंग प्रक्रिया को देखते हुए वह दिन दूर नहीं, जब हम अपने मोबाइल ऐप से एयर टैक्सी बुक करके बेंगलुरु या मुंबई के ट्रैफिक जाम के ऊपर से शान से उड़ते हुए अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे।
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भारतीय स्टार्टअप ePlane कंपनी ने भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी 'e200x' के विकास के लिए अमेरिकी कंपनी Nvidia के साथ करार किया है। इस साझेदारी के तहत Nvidia की Omniverse और IGX तकनीक का इस्तेमाल कर एयर टैक्सी का वर्चुअल टेस्ट (Digital Twin) किया जाएगा, ताकि असली उड़ान के जोखिमों को कम किया जा सके। एयर टैक्सी का पहला प्रोटोटाइप तैयार है और जल्द ही ग्राउंड टेस्टिंग शुरू होगी। DGCA सर्टिफिकेशन मिलने के बाद इसे सबसे पहले बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई जैसे ट्रैफिक वाले बड़े शहरों में शुरू करने की योजना है।