खबरीलाल डेस्क
नई दिल्ली: ज़िंदगी में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जब पैसों की सख़्त ज़रूरत आन पड़ती है. ऐसे में ’10 मिनट में इंस्टेंट लोन’ या ‘बिना झंझट तुरंत कैश’ जैसे विज्ञापन किसी वरदान से कम नहीं लगते. लेकिन यही वह पल होता है, जब धोखेबाज़ आपकी मज़बूरी का फ़ायदा उठाने के लिए जाल बिछाए बैठे होते हैं.READ ALSO:-UPI पेमेंट का झंझट खत्म! NPCI ने लॉन्च किया AI असिस्टेंट 'UPI हेल्प', EMI और बिजली बिल के सभी मैंडेट अब एक जगह दिखेंगे
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वे किसी बड़ी और भरोसेमंद कंपनी या बैंक का मुखौटा लगाकर आपसे जुड़ते हैं, कम ब्याज़ और तुरंत मंज़ूरी का लालच देते हैं. जैसे ही आप उनके झांसे में आते हैं, वे या तो आपकी निजी जानकारी (डेटा) चुरा लेते हैं या फिर ‘अपफ्रंट फीस’ (पहले पैसे) लेकर गायब हो जाते हैं. पर्सनल लोन के नाम पर 'लाखों का चूना' लग सकता है.
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'बस 999 रुपये दीजिए और लोन पक्का'

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यह धोखेबाज़ों का सबसे पुराना और कारगर तरीक़ा है. वे आपको ‘प्रोसेसिंग फीस’, ‘फ़ाइल चार्ज’, ‘बीमा शुल्क’ या ‘GST’ जैसे शब्दों के जाल में फंसाते हैं. आपसे कहा जाएगा कि आपका लोन मंज़ूर हो गया है, बस उसे आपके खाते में भेजने (disburse) के लिए आपको 999 से 4,999 रुपये तक की एक छोटी सी रक़म पहले जमा करनी होगी. यहीं पर आपको रुक जाना है.
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गोल्डन रूल: ध्यान रखें, कोई भी वैध बैंक या NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) लोन देने से पहले आपसे किसी भी तरह की फीस नहीं मांगता. जो भी जायज़ शुल्क (जैसे प्रोसेसिंग फीस) होते हैं, वे हमेशा आपके मंज़ूर हुए लोन की रक़म से काटकर आपको बची हुई रक़म दी जाती है. अगर कोई आपसे पैसा पाने के लिए पहले पैसा मांग रहा है, तो वह निश्चित तौर पर एक घोटाला है.
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कैसे पहचानें, लेंडर (Lender) असली है या फ़र्ज़ी?

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धोखेबाज़ हमेशा छिपकर काम करते हैं, जबकि असली ऋणदाता की जानकारी पारदर्शी होती है.
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    RBI की लिस्ट जांचें: किसी भी विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले, कंपनी का नाम भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की वेबसाइट पर अधिकृत बैंकों या NBFCs की सूची में जांचें.
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    वेबसाइट की पड़ताल: उनकी आधिकारिक वेबसाइट देखें. क्या वेबसाइट का डोमेन नाम पेशेवर है? क्या उस पर कंपनी का रजिस्टर्ड पता और संपर्क सूत्र स्पष्ट रूप से लिखा है? अगर पता किसी रैंडम को-वर्किंग स्पेस का है या कोई जानकारी ही नहीं है, तो यह खतरे की घंटी है.
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    फ़र्ज़ी Apps से बचें: आजकल फ्रॉड का बड़ा ज़रिया फ़र्ज़ी ऐप्स हैं. अगर कोई आपको किसी अनजान लिंक (जैसे SMS या WhatsApp पर आया लिंक) से ऐप (APK फाइल) इंस्टॉल करने को कहता है, तो भूलकर भी ऐसा न करें. भरोसेमंद कंपनियां हमेशा आपको गूगल प्ले स्टोर या ऐप्पल ऐप स्टोर जैसे आधिकारिक स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करने को कहेंगी.
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यहां छिपा है फ्रॉड का सुराग

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किसी भी संस्था की पहचान उसके संवाद करने के तरीक़े से होती है.
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    कम्युनिकेशन: बैंक कभी भी निजी WhatsApp नंबरों से या मुफ़्त वाली Gmail/Yahoo आईडी से आपसे संपर्क नहीं करेंगे. उनके ईमेल पते आधिकारिक होते (जैसे @bankname.com). धोखेबाज़ों के संदेशों में अक्सर वर्तनी (spelling) की ग़लतियां और अस्पष्ट वादे होते हैं.
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    शर्तें: एक असली लोन अधिकारी आपको लोन की सभी शर्तें स्पष्ट रूप से समझाएगा. वह आपको ब्याज़ दर, लोन की अवधि (tenure), ईएमआई (EMI), और सबसे महत्वपूर्ण APR (Annual Percentage Rate यानी कुल सालाना लागत) के बारे में जानकारी देगा.
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    दबाव बनाना: “यह स्पेशल ऑफर सिर्फ़ अगले 30 मिनट के लिए है.” यह एक मनोवैज्ञानिक चाल है, ताकि आप दबाव में आकर सोचने-समझने का वक़्त न लें और ग़लत फ़ैसला कर बैठें. एक असली और जायज़ लोन ऑफर अगले दिन भी वहीं रहेगा.
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दस्तावेज़ों और ऐप परमिशन को लेकर रहें सतर्क

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जब तक आप 100% आश्वस्त न हों, तब तक अपना पैन, आधार, सेल्फ़ी या बैंक स्टेटमेंट साझा न करें. कई फ़र्ज़ी ऐप्स आपसे आपके फ़ोन की कांटेक्ट लिस्ट, गैलरी, कैमरा और माइक का एक्सेस (permission) मांगते हैं.
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सोचिए, लोन देने के लिए उन्हें आपके दोस्तों के नंबर या आपकी तस्वीरों की क्या ज़रूरत है? वे इस डेटा को चुरा लेते हैं और बाद में उन कॉन्टैक्ट्स को कॉल करके आपको ब्लैकमेल करते हैं. भले ही आपने लोन न लिया हो. अगर कोई ऐप ऐसी इजाज़त मांगे जिसका कोई तुक न बनता हो, तो उसे तुरंत डिनाई (deny) करें.
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अगर फ्रॉड में फंस गए तो क्या करें?

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अगर आप ग़लती से किसी झांसे में आ भी गए हैं, तो घबराएं नहीं, बल्कि तेज़ी से क़दम उठाएं.
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    बैंक को बताएं: अगर आपने कोई फीस दे दी है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करके उस खाते को ब्लॉक करवाएं और ट्रांज़ैक्शन को रिपोर्ट करें.
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    शिकायत करें: तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं.
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    सुरक्षित करें: अगर आपने दस्तावेज़ साझा कर दिए हैं, तो अपने सभी पासवर्ड बदलें, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करें और अपने क्रेडिट स्कोर को फ्रीज़ करने पर विचार करें.
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