डिजिटल इंडिया के इस युग में सरकारी कामकाज बेहद आसान और पारदर्शी हो गए हैं। पहले जहां वाहन का चालान कटने पर लोगों को ट्रैफिक पुलिस के कार्यालयों या कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। अगर आपके वाहन का चालान कट गया है, तो अब आपको घबराने या लंबी लाइनों में लगने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए कुछ ही मिनटों में Traffic E-Challan Online Payment कर सकते हैं।READ ALSO:-WhatsApp SIM Binding: अलर्ट! अब बिना SIM कार्ड के नहीं चला पाएंगे व्हाट्सएप, सरकार के नए नियमों से बदलने वाला है पूरा सिस्टम
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हालांकि, इस डिजिटल सुविधा के साथ ही साइबर ठगों ने भी लोगों को लूटने का नया तरीका खोज लिया है। साल 2026 में 'फेक ई-चालान स्कैम' (Fake e-Challan Scam) के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसलिए, यह जानना बहुत जरूरी है कि चालान भरने का सही और सुरक्षित तरीका क्या है। इस लेख में हम आपको ई-चालान चेक करने, उसका भुगतान करने, नए ट्रैफिक नियमों और साइबर ठगी से बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
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1. ई-चालान (e-Challan) क्या है और यह कैसे काम करता है?
\r\n\r\nई-चालान ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जारी किया गया एक डिजिटल जुर्माना है। जब कोई चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है— जैसे रेड लाइट जंप करना, ओवर-स्पीडिंग, बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के गाड़ी चलाना— तो सिस्टम द्वारा ऑटोमैटिकली चालान जनरेट कर दिया जाता है।
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यह सिस्टम कैसे काम करता है?
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- \r\n ANPR कैमरे: आजकल प्रमुख चौराहों और हाईवे पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगे होते हैं। जैसे ही कोई गाड़ी नियम तोड़ती है, कैमरा उसकी नंबर प्लेट की फोटो खींच लेता है।\r\n \r\n
- \r\n डेटाबेस से लिंक: यह कैमरा सीधे RTO (Regional Transport Office) के डेटाबेस से जुड़ा होता है। गाड़ी के नंबर के आधार पर मालिक का नाम, पता और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर निकाल लिया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n SMS अलर्ट: चालान जनरेट होते ही वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक SMS आता है, जिसमें चालान कटने की वजह, जगह, तारीख और जुर्माने की राशि दर्ज होती है।\r\n \r\n
- \r\n मैनुअल ई-चालान: इसके अलावा, अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी आपको रोककर चालान काटता है, तो वह भी एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन (e-Challan Device) के जरिए सीधा आपके वाहन या ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है।\r\n \r\n
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2. Parivahan Sewa पोर्टल पर E-Challan चेक और भुगतान का Step-by-Step तरीका
\r\n\r\nभारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने चालान के भुगतान के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल 'परिवहन सेवा' (Parivahan Sewa) बनाया है। इस सुरक्षित पोर्टल के जरिए Traffic E-Challan Online Payment करना बहुत ही आसान है।
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नीचे दिए गए स्टेप्स को सावधानीपूर्वक फॉलो करें:
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स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
\r\n\r\nसबसे पहले अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन के ब्राउज़र में परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
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- \r\n सुरक्षित और असली वेबसाइट का URL है: [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया]\r\n \r\n
- \r\n वेबसाइट के होमपेज पर आपको "Check Online Services" या "Check Challan Status" का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करें।\r\n \r\n
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स्टेप 2: वाहन या चालान की जानकारी दर्ज करें
\r\n\r\nनए पेज पर आपको चालान खोजने के तीन विकल्प मिलेंगे:
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- \r\n Challan Number (चालान नंबर): अगर आपके पास SMS में चालान नंबर आया है, तो उसे दर्ज करें।\r\n \r\n
- \r\n Vehicle Number (वाहन नंबर): अगर चालान नंबर नहीं पता है, तो अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर (जैसे- DL 12AB 0000) दर्ज करें। इसके साथ ही आपको चेसिस नंबर (Chassis Number) या इंजन नंबर (Engine Number) के आखिरी 5 अंक भी डालने होंगे।\r\n \r\n
- \r\n DL Number (ड्राइविंग लाइसेंस): आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस नंबर से भी पेंडिंग चालान चेक कर सकते हैं।\r\n \r\n
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अपनी सुविधानुसार कोई एक विकल्प चुनें, स्क्रीन पर दिख रहा 'कैप्चा कोड' (CAPTCHA) भरें और "Get Detail" बटन पर क्लिक करें।
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स्टेप 3: चालान का विवरण (Details) देखें
\r\n\r\nजैसे ही आप सबमिट करेंगे, स्क्रीन पर आपके वाहन से जुड़े सभी पेंडिंग और भुगतान किए जा चुके चालान की लिस्ट आ जाएगी।
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- \r\n अगर आपकी गाड़ी पर कोई जुर्माना नहीं है, तो स्क्रीन पर "Challan Not Found" लिखा आएगा।\r\n \r\n
- \r\n अगर चालान है, तो आप वहां देख सकते हैं कि चालान किस नियम को तोड़ने पर, किस तारीख को, कितने बजे और कहां कटा है। आप चालान की रसीद (PDF) और सबूत के तौर पर कैमरे द्वारा खींची गई फोटो भी देख सकते हैं।\r\n \r\n
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स्टेप 4: ऑनलाइन पेमेंट करें (Pay Now)
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- \r\n जिस चालान का आपको भुगतान करना है, उसके सामने दिए गए "Pay Now" बटन पर क्लिक करें।\r\n \r\n
- \r\n इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वेरिफिकेशन के लिए एक OTP (One Time Password) आएगा। OTP डालकर सबमिट करें।\r\n \r\n
- \r\n अब आपको राज्य के पेमेंट गेटवे (Payment Gateway) पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n आप अपनी सुविधानुसार डेबिट कार्ड (Debit Card), क्रेडिट कार्ड (Credit Card), नेट बैंकिंग (Net Banking) या UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm) के जरिए भुगतान कर सकते हैं।\r\n \r\n
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स्टेप 5: रसीद (Receipt) डाउनलोड करें
\r\n\r\nभुगतान सफल होने के बाद, आपको स्क्रीन पर 'Payment Successful' का मैसेज दिखाई देगा। वहां से ई-रसीद (e-Receipt) को डाउनलोड या प्रिंट जरूर कर लें। यह रसीद भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए एक मजबूत सबूत होती है। (External link: source URL)
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3. mParivahan ऐप और राज्य के पोर्टल से चालान कैसे भरें?
\r\n\r\nपरिवहन वेबसाइट के अलावा, आप स्मार्टफोन एप्लिकेशन और अपने राज्य की विशिष्ट वेबसाइटों के माध्यम से भी Traffic E-Challan Online Payment कर सकते हैं।
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mParivahan App का उपयोग
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- \r\n Google Play Store या Apple App Store से mParivahan ऐप डाउनलोड करें।\r\n \r\n
- \r\n अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें।\r\n \r\n
- \r\n ऐप के मेनू में जाकर "e-Challan" या "Traffic Services" सेक्शन में जाएं।\r\n \r\n
- \r\n अपना वाहन नंबर दर्ज करें।\r\n \r\n
- \r\n पेंडिंग चालान को चुनें और सुरक्षित पेमेंट गेटवे के जरिए भुगतान पूरा करें।\r\n \r\n
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राज्यों के अपने ई-चालान पोर्टल
\r\n\r\nकई राज्यों की ट्रैफिक पुलिस ने अपने स्थानीय पोर्टल भी बनाए हुए हैं, जो सीधे परिवहन डेटाबेस से जुड़े हैं:
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- \r\n उत्तर प्रदेश: echallan.up.nic.in या echallan.parivahan.gov.in\r\n \r\n
- \r\n मध्य प्रदेश: e-challan.mp.gov.in\r\n \r\n
- \r\n महाराष्ट्र: mahatrafficechallan.gov.in\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली: delhitrafficpolice.nic.in\r\n \r\n
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आप इन आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर भी आसानी से अपना ई-चालान क्लियर कर सकते हैं।
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4. सावधान! 2026 में तेजी से बढ़ रहा है 'Fake e-Challan Scam'
\r\n\r\nऑनलाइन सुविधाएं जहां हमारे काम को आसान बनाती हैं, वहीं साइबर अपराधियों को नए मौके भी देती हैं। साल 2026 में 'फेक ई-चालान स्कैम' भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाले साइबर अपराधों में से एक बन गया है। हाल ही में फरवरी 2026 में, कोलकाता पुलिस ने हरियाणा के एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी ई-चालान मैसेज के जरिए लोगों के खातों से 5.43 लाख रुपये उड़ा लिए थे।
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कैसे होती है चालान के नाम पर ठगी?
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- \r\n फर्जी SMS या WhatsApp मैसेज: साइबर ठग आपको एक ऐसा मैसेज भेजते हैं जो बिल्कुल सरकारी मैसेज जैसा दिखता है। इसमें लिखा होता है: "आपके वाहन (नंबर) पर ₹500 का चालान पेंडिंग है। कोर्ट की कार्रवाई से बचने के लिए तुरंत नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके भुगतान करें।"\r\n \r\n
- \r\n खतरनाक लिंक (Phishing Link): मैसेज में एक लिंक (URL) होता है। जैसे ही आप डर के मारे उस लिंक पर क्लिक करते हैं, वह आपको परिवहन विभाग जैसी दिखने वाली एक फर्जी (Fake) वेबसाइट पर ले जाता है।\r\n \r\n
- \r\n APK फाइल डाउनलोड (Malware): कई बार ये लिंक आपके फोन में चुपके से 'mParivahan' नाम की एक फर्जी 'APK फाइल' (Mobile App) डाउनलोड कर देते हैं।\r\n \r\n
- \r\n बैंक खाता साफ: जैसे ही आप यह ऐप इंस्टॉल करते हैं, यह आपके फोन का कंट्रोल (SMS पढ़ने की परमिशन) ले लेता है। जब आप पेमेंट करने के लिए अपने कार्ड की डिटेल्स डालते हैं, तो यह ऐप बैकग्राउंड में आने वाले बैंक OTP को चुरा लेता है और मिनटों में आपका बैंक अकाउंट खाली कर देता है।\r\n \r\n
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फर्जी और असली चालान मैसेज की पहचान कैसे करें?
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- \r\n URL की जांच करें: सरकारी वेबसाइट का डोमेन हमेशा .gov.in या .nic.in पर समाप्त होता है (जैसे: echallan.parivahan.gov.in)। ठग अक्सर .com, .net, .in या मिलते-जुलते अजीब लिंक (जैसे https://www.google.com/search?q=parivahan-update.com) भेजते हैं।\r\n \r\n
- \r\n SMS सेंडर ID: असली चालान का मैसेज हमेशा 'VAAHAN' या ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक ID (जैसे: VD-ECHALN) से आता है। फर्जी मैसेज अक्सर 10 अंकों के साधारण मोबाइल नंबर से या WhatsApp पर आते हैं।\r\n \r\n
- \r\n कोई ऐप (APK) इंस्टॉल न करें: सरकार कभी भी चालान भरने के लिए WhatsApp या SMS पर कोई APK फाइल इंस्टॉल करने को नहीं कहती। ऐप्स हमेशा आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें।\r\n \r\n
- \r\n सीधे पोर्टल पर जाएं: अगर आपको कोई मैसेज आता है, तो लिंक पर क्लिक करने के बजाय सीधे अपने ब्राउज़र में 'Parivahan' की वेबसाइट खोलें और वहां अपना गाड़ी नंबर डालकर चेक करें।\r\n \r\n
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5. क्या होगा अगर आपने समय पर ई-चालान नहीं भरा?
\r\n\r\nकई लोग सोचते हैं कि अगर वे ऑनलाइन चालान को इग्नोर कर देंगे तो कुछ नहीं होगा। लेकिन ऐसा सोचना आपको भारी परेशानी में डाल सकता है।
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- \r\n जुर्माना बढ़ना (Late Fees): चालान जनरेट होने के आमतौर पर 60 दिनों के भीतर आपको भुगतान करना होता है। समय सीमा पार होने पर विलंब शुल्क (Late Fine) लगाया जा सकता है।\r\n \r\n
- \r\n कोर्ट का समन (Court Summons): यदि आप 60 से 90 दिनों तक चालान नहीं भरते हैं, तो मामले को स्थानीय अदालत (Traffic Court) में स्थानांतरित कर दिया जाता है। अदालत आपके घर के पते पर समन भेज सकती है। कोर्ट में हाजिर न होने पर गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) भी जारी हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n आरसी (RC) सेवाएं ब्लॉक होना: परिवहन विभाग आपकी गाड़ी की तमाम सेवाओं को 'ब्लैकलिस्ट' (Blacklist) कर सकता है। इसका मतलब है कि जब तक आप पुराना चालान नहीं भरते, तब तक आप अपनी गाड़ी को बेच नहीं पाएंगे (Ownership Transfer), गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं होगा, और न ही पॉल्यूशन (PUC) बन पाएगा।\r\n \r\n
- \r\n वाहन की जब्ती: बार-बार नियम तोड़ने और कई चालान पेंडिंग होने पर ट्रैफिक पुलिस चेकिंग के दौरान आपके वाहन को जब्त (Impound) कर सकती है। (External link: source URL)\r\n \r\n
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6. लोक अदालत (Lok Adalat) में चालान माफ कराने का विकल्प
\r\n\r\nअगर आपके वाहन पर कई चालान पेंडिंग हैं और जुर्माने की रकम बहुत ज्यादा हो गई है, तो आपके पास 'राष्ट्रीय लोक अदालत' (National Lok Adalat) का एक बेहतरीन कानूनी विकल्प होता है।
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- \r\n क्या है लोक अदालत? यह विवादों को आपसी सुलह और समझौते से निपटाने का एक मंच है। राज्य सरकारें समय-समय पर ट्रैफिक लोक अदालतों का आयोजन करती हैं।\r\n \r\n
- \r\n क्या फायदा होता है? यहां मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर आप अपनी गलती मान सकते हैं। अक्सर लोक अदालत में भारी-भरकम जुर्माने की राशि को 50% से 70% तक कम कर दिया जाता है, या कई बार कुछ शर्तों के साथ माफ भी कर दिया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n कैसे जाएं? इसके लिए आपको अपने राज्य के ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर जाकर लोक अदालत के लिए ऑनलाइन टोकन बुक करना होता है और तय तारीख पर कोर्ट में जाना होता है। (जैसे कि 2026 की शुरुआत में दिल्ली और तेलंगाना में ऐसी लोक अदालतें लगाई गई थीं)।\r\n \r\n
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7. भारत में नए ट्रैफिक नियम और प्रमुख जुर्माने (Traffic Fines List 2026)
\r\n\r\nई-चालान की परेशानी और आर्थिक नुकसान से बचने का सबसे अच्छा तरीका है ट्रैफिक नियमों का पालन करना। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 और हालिया अपडेट्स के तहत अब जुर्माने की रकम काफी बढ़ा दी गई है।
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यहाँ कुछ प्रमुख ट्रैफिक नियमों और उनके जुर्माने की सूची दी गई है:
\r\n\r\n| \r\n ट्रैफिक नियम का उल्लंघन (Traffic Violation) \r\n | \r\n \r\n जुर्माने की राशि (Fine Amount) \r\n | \r\n
| \r\n बिना हेलमेट के टू-व्हीलर चलाना \r\n | \r\n \r\n ₹1,000 और 3 महीने के लिए लाइसेंस रद्द \r\n | \r\n
| \r\n बिना सीटबेल्ट के गाड़ी चलाना \r\n | \r\n \r\n ₹1,000 \r\n | \r\n
| \r\n ओवर-स्पीडिंग (तेज गति) \r\n | \r\n \r\n LMV के लिए ₹1,000 से ₹2,000; भारी वाहनों के लिए ₹2,000 से ₹4,000 \r\n | \r\n
| \r\n रेड लाइट जंप करना (Dangerous Driving) \r\n | \r\n \r\n ₹1,000 से ₹5,000 या जेल की सजा \r\n | \r\n
| \r\n बिना वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के गाड़ी चलाना \r\n | \r\n \r\n ₹5,000 \r\n | \r\n
| \r\n बिना इंश्योरेंस (Insurance) के वाहन चलाना \r\n | \r\n \r\n पहली बार ₹2,000, दूसरी बार ₹4,000 \r\n | \r\n
| \r\n शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving) \r\n | \r\n \r\n ₹10,000 और/या 6 महीने की जेल \r\n | \r\n
| \r\n गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग \r\n | \r\n \r\n ₹5,000 \r\n | \r\n
| \r\n नाबालिग द्वारा वाहन चलाना (Juvenile Driving) \r\n | \r\n \r\n ₹25,000 का जुर्माना, 3 साल की जेल और RC रद्द \r\n | \r\n
(नोट: ऊपर दिए गए जुर्माने की राशि अलग-अलग राज्यों में थोड़ा बहुत भिन्न हो सकती है, क्योंकि राज्य सरकारों को कुछ रियायत देने का अधिकार है।)
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8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
\r\n\r\nप्रश्न 1: मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी गाड़ी का ई-चालान कट गया है?
\r\n\r\nउत्तर: जब चालान कटता है, तो आपके आरटीओ (RTO) में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक SMS आता है। इसके अलावा, आप कभी भी परिवहन सेवा (echallan.parivahan.gov.in) पर जाकर अपना गाड़ी नंबर डालकर खुद चेक कर सकते हैं।
\r\n\r\nप्रश्न 2: मैंने ऑनलाइन पेमेंट कर दिया है, लेकिन स्टेटस अभी भी 'Pending' दिखा रहा है, क्या करूं?
\r\n\r\nउत्तर: कभी-कभी बैंक सर्वर और परिवहन सर्वर के बीच तालमेल में समय लगता है। अगर आपके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं, तो दोबारा पेमेंट न करें। कम से कम 24 से 48 घंटे का इंतजार करें, स्टेटस अपने आप 'Paid' हो जाएगा। आप पोर्टल पर 'Verify Payment' का विकल्प भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
\r\n\r\nप्रश्न 3: अगर मुझे लगता है कि मेरा ई-चालान गलत कटा है, तो क्या मैं शिकायत कर सकता हूं?
\r\n\r\nउत्तर: जी हां। अगर आपको लगता है कि कैमरे ने गलती से आपकी नंबर प्लेट रीड कर ली है (अक्सर H और M, या 8 और 0 में मशीन कन्फ्यूज हो जाती है), तो आप परिवहन वेबसाइट पर ही "Grievance" या "Complaint" सेक्शन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आप ट्रैफिक पुलिस के ट्विटर हैंडल (X) या ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन पर भी सबूतों के साथ संपर्क कर सकते हैं।
\r\n\r\nप्रश्न 4: अगर मेरा मोबाइल नंबर RTO में अपडेट नहीं है तो क्या होगा?
\r\n\r\nउत्तर: अगर नंबर अपडेट नहीं है, तो आपको चालान का SMS नहीं मिलेगा, लेकिन चालान आपके वाहन पर चढ़ जाएगा। आपको खुद समय-समय पर पोर्टल पर चेक करना होगा। बेहतर यही है कि आप RTO जाकर या Vahan पोर्टल के जरिए अपना आधार और नया मोबाइल नंबर गाड़ी के RC से लिंक करवा लें।
\r\n\r\nप्रश्न 5: क्या मैं अपने दूसरे राज्य के चालान को ऑनलाइन भर सकता हूं?
\r\n\r\nउत्तर: हां। ई-चालान प्रणाली पूरे देश में लागू है। अगर आप दिल्ली की गाड़ी से उत्तर प्रदेश में नियम तोड़ते हैं, तो भी आप Parivahan पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन ही उस चालान का भुगतान कर सकते हैं।
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Traffic E-Challan Online Payment सिस्टम ने आम नागरिकों के लिए जुर्माने का भुगतान करना पारदर्शी और सुविधाजनक बना दिया है। अब बिचौलियों को पैसे देने या काम से छुट्टी लेकर RTO लाइनों में खड़े होने की जरूरत खत्म हो गई है। परिवहन सेवा (Parivahan Sewa) पोर्टल के जरिए आप कुछ ही क्लिक्स में अपना चालान चेक और जमा कर सकते हैं।
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हालांकि, सुविधा के साथ-साथ आपको साइबर सतर्कता भी बरतनी होगी। कभी भी अज्ञात नंबरों से आए लिंक पर क्लिक करके भुगतान न करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ट्रैफिक नियम आपकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। सड़क पर वाहन चलाते समय अनुशासन बनाए रखें, ताकि चालान कटने की नौबत ही न आए।
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भारत सरकार के 'परिवहन सेवा' पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) के जरिए आप अपने वाहन का पेंडिंग ई-चालान ऑनलाइन घर बैठे चेक और जमा कर सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट पर जाकर अपनी गाड़ी का नंबर और चेसिस/इंजन नंबर डालें। पेंडिंग चालान दिखने पर UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए सुरक्षित भुगतान करें और रसीद डाउनलोड कर लें। साल 2026 में फर्जी ई-चालान स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए किसी भी अज्ञात SMS या WhatsApp लिंक पर क्लिक करने से बचें और हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (.gov.in) का ही उपयोग करें। समय पर चालान न भरने पर वाहन की RC ब्लैकलिस्ट हो सकती है और कोर्ट का समन भी आ सकता है।