खबरीलाल डेस्क
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार देर शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। US Geological Survey (USGS) के अनुसार, महज एक मिनट के अंतराल पर आए इन दो झटकों ने राजधानी काराकास सहित पूरे देश को हिलाकर रख दिया। ताजा आंकड़ों के अनुसार, *Venezuela Earthquake* में अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 971 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।READ ALSO:-यूपी बीजेपी में बड़ा बदलाव: पूर्व मंत्री सुरेश राणा प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त, समर्थकों में दौड़ी खुशी की लहर
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\r\nक्या है पूरा मामला और जमीनी हकीकत?
\r\nबुधवार शाम 6 बजे के बाद वेनेजुएला में धरती कांप उठी। USGS की रिपोर्ट के मुताबिक, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसके महज 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का एक और भीषण झटका महसूस किया गया। यह पिछले 100 वर्षों में देश में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।
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\r\nराजधानी काराकास और ला गुएरा राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। यहाँ दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और सड़कें मलबे से पटी पड़ी हैं। कई रिहायशी इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे राहत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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\r\nआपातकाल और राहत बचाव कार्य
\r\nदेश की अंतरिम राष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में 'स्टेट ऑफ इमरजेंसी' (आपातकाल) घोषित कर दी है। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की है।

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\r\nसबसे ज्यादा तबाही वाले ला गुएरा प्रांत को 'डिजास्टर जोन' घोषित किया गया है। सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान के कारण बंद कर दिया गया है। फिलहाल, सेना, रेड क्रॉस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
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\r\nविशेषज्ञों की चेतावनी और आफ्टरशॉक्स का खतरा
\r\nविशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। मुख्य भूकंप के बाद से अब तक 30 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं। ये आफ्टरशॉक्स कमजोर हो चुकी इमारतों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।

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\r\nअमेरिकी भूवैज्ञानिकों के अनुसार, इतने कम समय में दो बड़े झटकों (Doublet Earthquakes) का आना बहुत असामान्य है। इस कारण से नुकसान का दायरा बहुत बड़ा है और मलबे के नीचे दबे लोगों तक पहुंचना एक कठिन चुनौती साबित हो रहा है।
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\r\nअंतरराष्ट्रीय मदद की पेशकश
\r\nइस भीषण आपदा के समय पूरी दुनिया वेनेजुएला के साथ खड़ी है। अमेरिका, ब्राजील, चीन और मेक्सिको सहित कई देशों ने तत्काल राहत सामग्री और बचाव दल भेजने की पेशकश की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
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\r\nवहीं, स्थानीय अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया है। स्कूलों और सार्वजनिक केंद्रों को अस्थाई राहत शिविरों और दान केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है।
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\r\nभविष्य की चुनौतियां और निष्कर्ष
\r\n*Venezuela Earthquake* ने देश की बुनियादी ढांचे की कमर तोड़ दी है। आने वाले दिनों में पुनर्निर्माण और लापता लोगों की तलाश सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। साथ ही, आर्थिक संकट से जूझ रहे वेनेजुएला के लिए इस आपदा से उबरना एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।
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\r\nफिलहाल, सरकार का पूरा ध्यान घायलों के उपचार और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है। आने वाले समय में आफ्टरशॉक्स की संभावना को देखते हुए लोगों को अभी भी घरों से बाहर रहने की सलाह दी गई है। यह समय वेनेजुएला के लिए एकजुटता और धैर्य दिखाने का है।
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