टेक्नोलॉजी डेस्क
बीजिंग/नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में यह बहस चल रही है कि क्या यह इंसानों की नौकरियां खा जाएगा? इस बहस के बीच चीन की दिग्गज टेक कंपनी Xiaomi के सीईओ लेई जुन (Lei Jun) ने एक ऐसा दावा किया है जिसने सबको चौंका दिया है। लेई जुन का कहना है कि अगले 5 साल के भीतर फैक्ट्रियों में ह्यूमनॉइड रोबोट (Humanoid Robots) इंसानों की तरह काम करते नजर आएंगे। उनका मानना है कि हम ऑटोमेशन के एक ऐसे नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं जहां रोबोट सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि वर्कफोर्स का हिस्सा होंगे।READ ALSO:-Apple vs Govt: 'संचार साथी ऐप' पर सरकार से भिड़ी Apple, सुरक्षा का हवाला देकर आदेश मानने से किया साफ इनकार
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इंसानों जैसा काम करेंगे रोबोट

\r\n\r\n
'बीजिंग डेली' को दिए एक इंटरव्यू में लेई जुन ने कहा कि एआई और रोबोटिक्स तकनीक इतनी तेजी से विकसित हो रही है कि पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि आने वाले पांच वर्षों में शाओमी अपनी प्रोडक्शन लाइन्स पर बड़े पैमाने पर ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात करने की योजना बना रहा है। ये रोबोट उन शारीरिक कार्यों को करेंगे जिन्हें अब तक इंसानी मजदूर करते आए हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

EV प्लांट में शुरू हो चुका है AI का जादू

\r\n\r\n
लेई जुन का यह दावा हवा हवाई नहीं है। शाओमी ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लांट में इसका सफल प्रयोग शुरू भी कर दिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पुराना तरीका: पहले कार के बड़े डाई-कास्ट स्ट्रक्चर की जांच के लिए इंसानी निरीक्षण की जरूरत होती थी, जिसमें समय लगता था और गलती की गुंजाइश रहती थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नया AI तरीका: शाओमी ने अब वहां AI विजन मॉडल वाला X-ray सिस्टम लगाया है। यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में जांच पूरी कर लेता है। लेई जुन के मुताबिक, यह प्रक्रिया मानव निरीक्षण से करीब 10 गुना तेज और अधिक सटीक है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ट्रिलियन युआन का होगा मार्केट

\r\n\r\n
शाओमी सीईओ के अनुसार, एआई और ऑटोमेशन का यह बाजार भविष्य में ट्रिलियन युआन (Trillion Yuan) तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि चीन को अब 'सस्ते श्रम' (Cheap Labor) पर निर्भर रहने के बजाय 'स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग' की ओर तेजी से बढ़ना होगा ताकि वह ग्लोबल मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रख सके। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह इंडस्ट्री बहुत जटिल है और कोई एक कंपनी अकेले इसे नहीं संभाल सकती। इसके लिए पूरे इकोसिस्टम को मिलकर काम करना होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

CyberOne: शाओमी की पहली झलक

\r\n\r\n
आपको बता दें कि शाओमी रोबोटिक्स के क्षेत्र में नया नहीं है। कंपनी ने साल 2022 में अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट CyberOne पेश किया था। यह रोबोट इंसानों की भावनाओं को समझने और जटिल कार्यों को करने में सक्षम है। लेई जुन का कहना है कि फैक्ट्रियों में रोबोट की तैनाती तो बस पहला कदम है। आने वाले समय में घरेलू कामों के लिए भी ह्यूमनॉइड रोबोट की मांग फैक्ट्रियों से कहीं ज्यादा हो सकती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शाओमी के सीईओ का यह बयान तकनीकी विकास की एक नई तस्वीर पेश करता है, लेकिन साथ ही यह रोजगार को लेकर चिंताएं भी बढ़ाता है। अगर 5 साल में रोबोट फैक्ट्रियों का काम संभाल लेंगे, तो ब्लू-कॉलर जॉब्स (Blue-Collar Jobs) पर बड़ा संकट आ सकता है। बहरहाल, यह तय है कि मैन्युफैक्चरिंग का भविष्य अब एआई और रोबोटिक्स के हाथों में है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
Xiaomi के सीईओ लेई जुन ने दावा किया है कि अगले 5 साल में ह्यूमनॉइड रोबोट फैक्ट्रियों में इंसानों जैसा काम करने लगेंगे। कंपनी अपने EV प्लांट में पहले ही AI और X-ray सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है जो इंसानों से 10 गुना तेज है। लेई जुन के मुताबिक, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग ही भविष्य है और घरेलू रोबोट्स की मांग भी बढ़ेगी।