भारत में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल स्कैम्स को रोकने के लिए गूगल ने AI की सबसे पावरफुल सुरक्षा लाइन को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने भारत को ग्लोबल AI सेफ्टी का "प्रूविंग ग्राउंड" बताते हुए कई नए सुरक्षा फीचर्स की घोषणा की है, जिनमें पिक्सल (Pixel) फोन्स के लिए गूगल स्कैम डिटेक्शन फीचर सबसे बड़ा अपडेट है। अब आपका स्मार्टफोन खुद ही फ्रॉड कॉल्स और स्क्रीन-शेयरिंग खतरों के खिलाफ एक स्मार्ट सिक्योरिटी शील्ड बन जाएगा।READ ALSO:-Jio यूजर्स की 'बल्ले-बल्ले': अब सबको फ्री मिलेगा ₹35,100 वाला Google AI टूल, साथ में 2TB क्लाउड स्टोरेज का धमाका
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गूगल ने स्पष्ट किया है कि भारत की स्केल और डाइवर्सिटी को देखते हुए, AI-powered सुरक्षा यहां के बड़े डिजिटल मार्केट के लिए अनिवार्य हो चुकी है। कंपनी ऑन-डिवाइस और ऑन-क्लाउड दोनों स्तरों पर सुरक्षा मजबूत कर रही है।
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पिक्सल फोन्स के लिए रियल-टाइम Scam Detection
\r\n\r\nगूगल स्कैम डिटेक्शन का सबसे महत्वपूर्ण फीचर Pixel फोन्स में लाया गया है।
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- \r\n Gemini Nano आधारित: यह फीचर Gemini Nano नामक ऑन-डिवाइस AI मॉडल पर आधारित है, जो इसे डिवाइस पर ही काम करने में सक्षम बनाता है।\r\n \r\n
- \r\n बिना रिकॉर्डिंग के अलर्ट: यह फीचर फोन कॉल के दौरान रियल-टाइम में संदिग्ध बातचीत को पहचानता है और यूजर को तुरंत चेतावनी देता है। सबसे खास बात यह है कि यह फीचर बिना किसी ऑडियो रिकॉर्डिंग या डेटा ट्रांसफर के काम करता है, जिससे प्राइवेसी बनी रहती है।\r\n \r\n
- \r\n कैसे काम करता है?: यह फीचर केवल अननोन नंबरों पर काम करता है और स्कैमिंग पैटर्न को पहचानते ही कॉल के दौरान बीप के जरिए अलर्ट भी देता है। यूजर इसे खुद ही ऑन या ऑफ कर सकते हैं।\r\n \r\n
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वित्तीय ऐप्स के लिए एंटी-फ्रॉड सुरक्षा
\r\n\r\nगूगल ने भारत में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए Google Pay, PayTM और Navi जैसे प्रमुख वित्तीय ऐप्स के साथ मिलकर एक नया सुरक्षा फीचर टेस्टिंग के तौर पर शुरू किया है:
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- \r\n स्क्रीन-शेयरिंग प्रोटेक्शन: यदि कोई यूजर Android 11 या उससे ऊपर के डिवाइस पर स्क्रीन शेयरिंग (Screen Sharing) के दौरान इन वित्तीय ऐप्स को खोलता है, तो स्क्रीन पर तुरंत एक बड़ा चेतावनी अलर्ट दिखाई देता है।\r\n \r\n
- \r\n वन-टैप समाधान: यूजर एक टैप में स्क्रीन शेयरिंग और कॉल दोनों को समाप्त कर सकता है, जिससे स्कैमर्स को कोई संवेदनशील जानकारी जैसे ओटीपी (OTP) या पिन (PIN) नहीं मिल पाती।\r\n \r\n
- \r\n Play Protect की सख्ती: गूगल प्ले प्रोटेक्ट ने पहले ही भारत में 11.5 करोड़ से अधिक खतरनाक या स्कैम-प्रवण साइडलोडेड ऐप्स के इंस्टॉल प्रयासों को ब्लॉक किया है, जिससे सिस्टम-लेवल सुरक्षा मजबूत हुई है। (Internal link to related article on screen sharing fraud prevention)\r\n \r\n
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SynthID और ePNV जैसी उन्नत तकनीक
\r\n\r\nगूगल ने सुरक्षा इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई नए सिस्टम-लेवल टूल भी पेश किए हैं:
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- \r\n ePNV (Enhanced Phone Number Verification): यह एक नया एंड्रॉयड सिस्टम है जो साइन-इन सुरक्षा बढ़ाने के लिए SMS OTP की जगह अधिक सुरक्षित SIM-आधारित वेरिफिकेशन को सक्षम करता है।\r\n \r\n
- \r\n SynthID: गूगल ने SynthID Detector और API का शुरुआती एक्सेस भारत के मीडिया और शोध साझेदारों (जैसे Jagran, PTI और India Today) को दिया है। यह तकनीक AI-जनरेटेड कंटेंट की पहचान करने और गलत सूचना (Misinformation) को रोकने में उपयोगी होगी।\r\n \r\n
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गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने डिजिटल लिटरेसी और लगातार रिसर्च को इस सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बताया। गूगल स्कैम डिटेक्शन जैसे फीचर्स भारत के लिए एक मजबूत AI सुरक्षा इकोसिस्टम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
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भारत में गूगल स्कैम डिटेक्शन और एंटी-स्क्रीन-शेयरिंग जैसे AI-आधारित सुरक्षा फीचर्स का लॉन्च होना डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। अब आपका फोन ही फ्रॉड और स्कैम्स के खिलाफ एक स्मार्ट शील्ड का काम करेगा, जिससे करोड़ों भारतीय ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकेंगे।