साइबर फ्रॉड और अनचाही कॉल्स की समस्या से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि अब कॉल आने पर नंबर के साथ ही फोन करने वाले का नाम भी मोबाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित होना चाहिए। यह सुविधा जल्द ही देश के किसी एक सर्किल में प्रायोगिक तौर पर (Pilot Project) शुरू की जाएगी, जिसके सफल परीक्षण के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।READ ALSO:-मेरठ: 'रामायण' के 'राम' ने बचाईं सेंट्रल मार्केट की दुकानें! MP अरुण गोविल के एक भरोसे पर खत्म हुआ धरना, 5 सूत्रीय सहमति बनी
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पारदर्शिता और धोखाधड़ी पर लगाम
\r\n\r\nयह कदम TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) और DoT के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत संचार नेटवर्क में पारदर्शिता लाई जा रही है और फर्जी कॉल्स पर नकेल कसी जा रही है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्पैम कॉल्स और पहचान बदलकर की जाने वाली धोखाधड़ी से बचाना है।
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- \r\n नया नियम: DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी पसंद के किसी एक सर्किल में यह सर्विस एक हफ्ते के भीतर शुरू करें।\r\n \r\n
- \r\n सत्यापन: कॉल करने वाले का नाम संभवतः ग्राहक के KYC (Know Your Customer) रिकॉर्ड के आधार पर प्रदर्शित होगा।\r\n \r\n
- \r\n ट्रायल: इस सर्विस का परीक्षण लगभग 60 दिन तक किया जाएगा।\r\n \r\n
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देशव्यापी रोलआउट की योजना
\r\n\r\nDoT ने टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वे हर हफ्ते इस सर्विस की प्रगति की रिपोर्ट सरकार को सौंपें।
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- \r\n उद्देश्य: रिपोर्ट के आधार पर सरकार इस नई सुविधा को लागू करने में आने वाली तकनीकी और परिचालन संबंधी दिक्कतों को दूर करेगी।\r\n \r\n
- \r\n अंतिम चरण: 60 दिन का सफल परीक्षण होने के बाद, इस सुविधा को पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा, जिससे साइबर क्राइम की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।\r\n \r\n
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Vodafone Idea (VI) को AGR मामले में बड़ी राहत
\r\n\r\nइसी बीच, संकटग्रस्त टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea Limited (Vi) के वजूद को लेकर एक सकारात्मक खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया निर्देश से कंपनी को AGR (Adjusted Gross Revenue) बकाए पर बड़ी राहत मिल सकती है।
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- \r\n मामला: Vi पर ₹5,606 करोड़ का AGR बकाया था, जिसके कारण कंपनी की वित्तीय स्थिरता पर अनिश्चितता बनी हुई थी।\r\n \r\n
- \r\n अदालती फैसला: विश्लेषकों का मानना है कि अदालत ने सरकार को AGR बकाए पर पुनर्विचार और सामंजस्य (harmonizing) का निर्देश दिया है, जो Vi के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n ब्रोकरेज रिपोर्ट: ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दूरसंचार क्षेत्र और खासकर Vodafone Idea पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।\r\n \r\n
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बैंक फंडिंग और इक्विटी जुटाना
\r\n\r\nAGR विवाद के कारण Vi की ₹25,000 करोड़ की बैंक वित्तपोषण (Bank Financing) जुटाने की प्रक्रिया रुकी हुई थी।
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- \r\n निवेशक विश्वास: अगर कंपनी को AGR बकाए में आंशिक माफी या भुगतान समयसीमा में विस्तार के रूप में राहत मिलती है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।\r\n \r\n
- \r\n आर्थिक मजबूती: इससे कंपनी को अतिरिक्त इक्विटी (Additional Equity) जुटाने में मदद मिल सकती है, जिससे कंपनी के स्थायित्व को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होगी और सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी में भी कमी आ सकती है।\r\n \r\n
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60 दिनों का सफल परीक्षण, फिर देशव्यापी लॉन्च
\r\n\r\nयह सुविधा शुरुआत में 60 दिनों के लिए ट्रायल बेसिस पर शुरू की जाएगी। इस ट्रायल के दौरान, कंपनियों को हर हफ्ते अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। दूरसंचार विभाग इस रिपोर्ट के आधार पर सर्विस में आने वाली दिक्कतों या चुनौतियों की समीक्षा करेगा और उन्हें दूर करने के लिए कदम उठाएगा।
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लगभग 60 दिनों के सफल परीक्षण के बाद, जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि सिस्टम ठीक से काम कर रहा है, तो इस सुविधा को पूरे देश में सभी यूजर्स के लिए लागू कर दिया जाएगा। इससे आम यूजर्स को अनचाही कॉल्स और फ्रॉड से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।