ग्रेटर नोएडा/नोएडा। ऑनलाइन ग्रॉसरी और फूड डिलीवरी कंपनियों की लापरवाही अब ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले एक ग्राहक ने पॉपुलर डिलीवरी प्लेटफॉर्म 'मिल्क बास्केट' (Milk Basket) से मंगवाए गए फूड प्रोडक्ट की गुणवत्ता को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने रखा है। ग्राहक को डिलीवरी में पूरी तरह से सड़ी-गली अवस्था में चीज सॉस प्राप्त हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने ऑनलाइन ऑर्डर किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।READ ALSO:-प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर का सियासी डेब्यू! बीजेपी के टिकट पर लड़ सकती हैं बिहार विधानसभा चुनाव
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सड़ा हुआ चीज सॉस: 'जान का भी खतरा'
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी सागर गुप्ता ने 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करते हुए मिल्क बास्केट की डिलीवरी पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि मिल्क बास्केट से ऑर्डर किया गया चीज सॉस (Cheese Sauce) इस्तेमाल करने लायक नहीं था और डिलीवरी के वक्त ही वह सड़ी हुई अवस्था में था।
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पीड़ित का बड़ा आरोप
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सागर गुप्ता का कहना है कि इस तरह के दूषित खाद्य सामग्री का सेवन करने से ग्राहक को न केवल फूड पॉइजनिंग हो सकती है, बल्कि पेट की गंभीर बीमारियां और यहां तक कि जान का भी खतरा हो सकता है। गुप्ता ने इसे महज ग्राहक सेवा की चूक नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताया है, जिस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से इस मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।
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क्यों हो रही ऐसी चूक? लापरवाही या सप्लाई चेन की कमी
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यह मामला ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की पूरी सप्लाई चेन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है:
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    कमजोर कोल्ड चेन: संभव है कि चीज सॉस जैसे खराब होने वाले (Perishable) उत्पाद को डिलीवरी के दौरान सही तापमान (Cold Chain) में नहीं रखा गया हो।
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    स्टोरेज की कमी: कंपनी के वेयरहाउस या डार्क स्टोर में सामान के स्टोरेज में कमी या अनियमितता हो सकती है।
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    एक्सपायरी डेट की अनदेखी: डिलीवरी से पहले प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट की जांच नहीं की गई।
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    तेजी का दबाव: तेजी से डिलीवरी करने के दबाव में कर्मचारियों द्वारा गुणवत्ता की जांच को नजरअंदाज करना।
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ग्रेटर नोएडा में लगातार मामले: पहले भेजी थी चिकन बिरयानी 
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यह पहला मौका नहीं है जब ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा से जुड़े ऐसे गंभीर मामले सामने आए हैं। पिछले दिनों:
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    वेज की जगह नॉन-वेज: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ही एक ग्राहक को एक नामी रेस्टोरेंट संचालक ने शाकाहारी (वेज) बिरयानी के ऑर्डर पर गलती से चिकन बिरयानी (नॉन-वेज) भेज दी थी।
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खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा में लगातार हो रही यह चूक उपभोक्ताओं के बीच ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के प्रति विश्वास को कम कर रही है और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का मामला भी बनता है।
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