मेरठ। भामाशाह पार्क में चल रही श्रीराम कथा में सुरक्षा और व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही युवाओं की एक टोली ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अखंड हिन्द फौज (AHF) नामक यह स्वयंसेवी संगठन अपने उच्च अनुशासन, देशप्रेम और एकता के भाव के कारण आकर्षण का केंद्र बन गया। उनकी वर्दी और कार्यशैली किसी पैरामिलिट्री फोर्स से कम नहीं थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
क्या है अखंड हिन्द फौज?
\r\n\r\n
अखंड हिन्द फौज की स्थापना 23 जनवरी, 2007 को बांदा के राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने की थी। यह संगठन आज़ाद हिंद फौज के सिद्धांतों पर चलता है और युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षित कर उनमें देशभक्ति की भावना जगाता है। संगठन की वर्दी अनुशासन का प्रतीक मानी जाती है, जिसे पहनकर युवाओं में एक नया आत्मविश्वास भर जाता है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
अखंड हिन्द फौज के डिवीजनल कमांड ऑफिसर कुमार साहिल ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि हर जिले में उनकी 120 युवाओं की एक टोली है, जिसमें 60 छात्राएं शामिल हैं। ये युवा किसी भी आपात स्थिति में सेना जैसी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार रहते हैं। वर्तमान में इस संगठन की शाखाएं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण
\r\n\r\n
अखंड हिन्द फौज 12 से 17 साल की उम्र के छात्र-छात्राओं को एक से तीन साल तक का सैन्य प्रशिक्षण देती है। मेरठ में यह प्रशिक्षण राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित होता है, जहाँ हर हफ्ते 120 युवा परेड के लिए इकट्ठा होते हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को अग्निवीर, पुलिस सेवा और रक्षा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए तैयार करना है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ के युवाओं ने बताया कि वे इस संगठन से एक साल पहले जुड़े थे और अब देश सेवा के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इस प्रशिक्षण की मदद से हमारे लिए देश
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
सेवा के रास्ते अपने आप खुल जाते हैं।"
\r\n\r\n
श्रीराम कथा में अखंड हिन्द फौज के ये युवा मंच के आसपास की सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पुलिस की मदद कर रहे हैं, जिससे उनकी देशभक्ति और अनुशासन की भावना साफ झलकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन