मेरठ: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड की मुख्य आरोपी मुस्कान इन दिनों चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में अपने बदले हुए व्यवहार और धार्मिक आस्था के चलते सुर्खियों में है। मुस्कान, जिस पर अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की निर्मम हत्या का आरोप है, अब अपनी रिहाई के लिए नवरात्रों में व्रत रख रही है।Read also:-यूपी में गुस्से का खौफनाक अंजाम! युवक निगल गया 29 स्टील चम्मच, 19 टूथब्रश और 2 पेन; डॉक्टरों ने 5 घंटे ऑपरेशन कर 50 चीजें निकालीं
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भक्ति के सहारे जमानत की उम्मीद
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान ने जेल के भीतर भक्ति का रास्ता अपनाया है।
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    व्रत और पाठ: मुस्कान नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ कर रही है और नवरात्रि के दौरान व्रत भी रख रही है।
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    आस्था: मुस्कान का मानना है कि भगवान की भक्ति से उसकी जमानत की राह आसान हो सकती है और उसे जल्द रिहाई मिल सकती है।
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मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जाँच में सामने आया था कि हत्या की वजह मुस्कान और साहिल का प्रेम प्रसंग और नशे की लत थी।
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गर्भावस्था और एकाकी जीवन
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जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान की वर्तमान स्थिति भी उसे सुर्खियों में बनाए हुए है:
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    गर्भवती: मुस्कान इस समय आठ महीने की गर्भवती है।
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    इच्छा: बताया जा रहा है कि उसकी इच्छा है कि वह भगवान श्रीकृष्ण जैसी संतान को जन्म दे।
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    एकाकीपन: अधिकारियों ने बताया कि जहाँ साहिल से उसकी दादी और भाई नियमित रूप से मिलने आते हैं, वहीं मुस्कान से अब तक कोई मिलने नहीं आया है, जिसके चलते उसका जेल जीवन एकाकी रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार, मुस्कान ने जेल की चारदीवारी के भीतर धार्मिक अनुशासन अपनाने का रास्ता चुना है, जो उसके लिए मानसिक शांति और आत्मसंयम का माध्यम बन रहा है।
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जेल में बिताया गया समय कई बार लोगों के व्यवहार को बदल देता है। क्या आपको लगता है कि आपराधिक मामलों में आरोपी का धार्मिक झुकाव अपनाना कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है?
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