भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ने परिचालन के अपने दो साल के भीतर ही एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ने 2 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का माइलस्टोन पार कर लिया है, जो इस क्षेत्र में परिवहन के पसंदीदा और भरोसेमंद साधन के रूप में इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।READ ALSO:-मेरठ में भीषण सड़क हादसा: माता के जागरण से लौट रहे युवक-युवती को कैंटर ने कुचला, 10 मीटर तक घसीटा; 2 की मौके पर मौत, नाले में गिरे शव
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\r\nअक्टूबर 2023 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किमी लंबे प्राथमिक खंड का उद्घाटन किए जाने के बाद, इस कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या में लगातार और तेज वृद्धि देखी गई है। यह उपलब्धि न केवल NCRTC की परिचालन दक्षता को प्रमाणित करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि यात्री अब सड़क परिवहन पर निर्भरता छोड़कर, इस आधुनिक प्रणाली को अपना रहे हैं।
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\r\nराइडरशिप में 10 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी
\r\nपरिचालित खंड के चरणबद्ध विस्तार ने राइडरशिप को रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है:
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  •  शुरुआत (नवंबर 2023): परिचालन के पहले महीने, राइडरशिप 72,000 प्रति माह से अधिक दर्ज की गई थी।
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  •  पहला विस्तार (2024): वर्ष 2024 में, कॉरिडोर का खंड पहले मार्च में मोदीनगर नॉर्थ तक और फिर अगस्त में मेरठ साउथ तक विस्तारित किया गया।
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  •  रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ (दिसंबर 2024): नौ स्टेशनों के साथ 42 किमी खंड खुल जाने के बाद, दिसंबर 2024 तक मासिक राइडरशिप बढ़कर लगभग 7 लाख हो गई—जो एक साल पहले की संख्या से लगभग 10 गुना अधिक थी।
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दिल्ली से मेरठ की कनेक्टिविटी और 15 लाख का आंकड़ा
\r\nजनवरी 2025 में, माननीय प्रधानमंत्री द्वारा न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक दिल्ली सेक्शन में 13 किमी लंबे अतिरिक्त खंड का उद्घाटन किया गया, जिससे दिल्ली में आनंद विहार जैसे महत्वपूर्ण मल्टी-मॉडल हब सहित दो स्टेशन जनता के लिए खुल गए।
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  • दो गुना वृद्धि: इस खंड के परिचालन से, दिल्ली सीधे ऐतिहासिक शहर मेरठ से जुड़ गया। इसके परिणामस्वरूप, वर्ष 2025 के मध्य (जुलाई) तक प्रति माह राइडरशिप लगभग 15 लाख का आंकड़ा छूने लगी, जो पिछले वर्ष के अंत की संख्या के दोगुने से भी अधिक थी।
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  •  दैनिक यात्री संख्या: वर्तमान में, औसतन 55,000-60,000 लोग रोज़ाना नमो भारत ट्रेन में सफर कर रहे हैं, और एक दिन में सबसे अधिक यात्रियों की संख्या 81,550 दर्ज की गई है।
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  • तेज़ गति, सुविधा और विश्वसनीयता: सफलता के कारण
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  • नमो भारत की लगातार बढ़ती लोकप्रियता के पीछे कई मुख्य कारण हैं, जो यात्रियों के यात्रा अनुभव को बदल रहे हैं:
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  •  समय की बचत: दिल्ली और मेरठ के बीच लगने वाले यात्रा समय में भारी कमी।
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  •  आरामदायक अनुभव: वातानुकूलित (AC) कोच, आरामदायक सीटें और खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह।
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  •  निरंतर एवं कुशल सेवा: पीक आवर्स में भी समयबद्ध यात्रा और ट्रेन की उच्च विश्वसनीयता।
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  •  बढ़ी फ्रीक्वेंसी: यात्रियों की मांग को देखते हुए, NCRTC ने ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी 15 मिनट से घटाकर 10 मिनट कर दी है और भविष्य में इसे 3 मिनट तक करने का भी प्रबंध है।
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  • एक यात्री, मेरठ के अशोक राणा, ने बताया कि नमो भारत ने उनका समय बचाया है, जो पहले ट्रैफिक जाम में खराब हो जाता था। वहीं, मेरठ की एक सरकारी स्कूल टीचर ने महिलाओं के लिए आरक्षित कोच और सुरक्षित, वातानुकूलित यात्रा के अनुभव के लिए सरकार का धन्यवाद किया।
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  • फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर ज़ोर
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  • यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए NCRTC ने फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर निरंतर प्रयास किए हैं:
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  •  इंटिग्रेशन: रैपिडो और उबर जैसे लास्ट-माइल सर्विस प्रोवाइडर्स स्टेशनों पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
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  •  DEVI योजना: दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरचेंज स्कीम (DEVI) के तहत चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों के रूट को आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों के साथ इंटीग्रेट किया गया है।
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  •  इंटिग्रेटेड टिकटिंग: दिल्ली मेट्रो के साथ इंटीग्रेटेड टिकटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
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  • वर्तमान में, दिल्ली में न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ के बीच 11 स्टेशनों के साथ 55 किमी का खंड चालू है। शेष खंड, जिसमें सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक के सेक्शन शामिल हैं, के जल्द ही परिचालित होने की उम्मीद है।
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नमो भारत द्वारा 2 करोड़ कम्यूटर ट्रिप्स का माइलस्टोन हासिल करना, क्षेत्रीय यात्रा के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। यह आधुनिक परिवहन प्रणाली अब रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच के लिए लाखों यात्रियों का पसंदीदा विकल्प बन गई है, जिससे सड़क पर चलने वाले वाहनों पर निर्भरता में कमी आ रही है और यह कॉरिडोर क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
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