मेरठ:
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मंगलवार की शाम मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के स्याल गाँव में उस वक्त दहशत और कोहराम मच गया, जब "पुलिस" की वर्दी का रौब दिखाकर कुछ अज्ञात लोग एक किसान के बेटे को उसके घर के दरवाजे से जबरन कार में डालकर अगवा कर ले गए। परिवार ने जब विरोध किया तो उन्हें चुप करा दिया गया। घंटों बाद भी जब बेटे का कुछ पता नहीं चला और स्थानीय थाने ने भी ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार कर दिया, तो पीड़ित पिता ने रोते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे के एनकाउंटर की आशंका जताई है। यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।READ ALSO:-दिवाली से पहले मेरठ में आबकारी विभाग का 'डबल एक्शन': 54 नए बार लाइसेंस से माफियाओं पर नकेल, सरकारी खजाने में लाखों की बौछार!
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क्या है पूरा मामला: घर के दरवाजे पर मौत की दस्तक
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स्यल गाँव निवासी किसान मनोज बिधूड़ी का परिवार मंगलवार शाम अपने घर पर था। करीब 5 बजे, एक सफेद वैगनआर कार उनके घर के ठीक बाहर आकर रुकी। कार में तीन से चार लोग बैठे थे। एक व्यक्ति नीचे उतरा और उसने मनोज के बेटे हर्ष बिधूड़ी को नाम लेकर आवाज दी।
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जैसे ही हर्ष घर से बाहर आया, पहले से घात लगाए बैठे उन लोगों ने उसे दबोच लिया और जबरदस्ती कार की ओर खींचने लगे।
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"हम पुलिस से हैं, चलो हमारे साथ"
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हर्ष ने जब चीख-पुकार मचाई तो उसके पिता मनोज और अन्य परिजन लाठी-डंडे लेकर बाहर भागे। उन्होंने कार सवारों को घेरने की कोशिश की और बेटे को छुड़ाने का प्रयास किया। इस पर कार में बैठे एक व्यक्ति ने रौब दिखाते हुए कहा, "चुपचाप पीछे हट जाओ, हम पुलिस से हैं। इसे पूछताछ के लिए ले जा रहे हैं।" पुलिस का नाम सुनते ही एक पल के लिए परिवार वाले सहम गए, और इसी मौके का फायदा उठाकर बदमाश हर्ष को कार में डालकर वहां से फरार हो गए।
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थाने का चक्कर और टूटती उम्मीदें
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घटना के तुरंत बाद, बदहवास परिजन और सैकड़ों ग्रामीण भावनपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरी घटना बताई और अपने बेटे हर्ष के बारे में पूछा। लेकिन थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने ऐसी किसी भी गिरफ्तारी या हिरासत से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी कोई भी टीम स्याल गाँव नहीं गई थी। यह सुनते ही परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि अब यह साफ हो चुका था कि हर्ष का अपहरण किया गया है और अपहरणकर्ता पुलिस की वर्दी में थे।
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सोशल मीडिया पर पिता की गुहार, "मेरे बेटे को बचा लो"
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जब हर तरफ से निराशा हाथ लगी, तो पिता मनोज बिधूड़ी ने एक वीडियो बनाकर सोशल media पर पोस्ट कर दिया। आंसुओं से भरी आंखों के साथ पिता कह रहे हैं: "मेरा नाम मनोज बिधूड़ी है, गाँव स्याल। आज शाम 5 बजे मेरे बेटे हर्ष को कुछ लोग पुलिस बताकर जबरदस्ती गाड़ी में डालकर ले गए हैं। हमें शक है, हमें डर है कि कहीं ये लोग मेरे बेटे का एनकाउंटर न कर दें। मेरा बेटा कोई गलत काम नहीं करता, घर पर रहकर खेती-बाड़ी में मेरी मदद करता है। कृपया मेरे बेटे को बचाने में मदद करें।"
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पुलिस का क्या कहना है?
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मामले के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया है। युवक की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और गाँव के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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