उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सदर बाजार इलाके में सोमवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रजबन के करई गंज में सुनील पुत्र मोहन सिंह के घर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त परिवार का कोई भी सदस्य प्रथम तल पर मौजूद नहीं था। परिवार ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खुद ही आग पर काबू पा लिया, लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।READ ALSO:-Baghpat News: आपके घर में इस्तेमाल होने वाला 'हार्पिक' और 'लाइजोल' असली है या नकली? बड़ौत में पुलिस ने पकड़ी 'फर्जी फैक्ट्री', सैकड़ों बोतलें बरामद
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बिल्ली बनी परिवार के लिए 'देवदूत'
\r\n\r\nहादसे के समय सुनील और उनकी पत्नी आरती मकान के निचले हिस्से में बनी अपनी पकौड़ी की दुकान पर बैठे थे। आरती ने बताया कि उन्हें आग लगने की जानकारी एक बेहद अनूठे तरीके से हुई।
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आरती ने बताया: "मैं नीचे काम कर रही थी। इसी दौरान एक बिल्ली जीने से नीचे उतरती हुई आई। जब मैं बिल्ली को भगाने के लिए ऊपर दौड़ी, तो हैरान रह गई। मेरे घर में चारों तरफ आग लगी थी।"
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आरती के शोर मचाने पर सुनील भी ऊपर भागे। लोगों का मानना है कि बिल्ली की यह मौजूदगी किसी देवदूत से कम नहीं थी, क्योंकि अगर आरती ऊपर नहीं जाती, तो आग पूरे मकान में फैल जाती और नुकसान कहीं ज्यादा भयानक हो सकता था।
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\r\n\r\nलाखों का सामान जलकर हुआ खाक
\r\n\r\nसुनील का मकान 22 गज में बना है, जिसके प्रथम और द्वितीय तल पर उन्होंने कमरे बना रखे हैं। हादसे के वक्त उनके दोनों बेटे, अंश और शिव, घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार ने दमकल विभाग को सूचना देने के बजाय, खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी।
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आग की चपेट में आने से परिवार का लगभग सारा सामान जलकर राख हो गया है। आरती के अनुसार, एलईडी टीवी, दो अलमारियां, पूरे परिवार के कपड़े, कुछ जेवर, महत्वपूर्ण कागजात (जैसे कंकरखेड़ा की जमीन के कागजात) और कुछ नकदी जल गई। दो दिन पहले खरीदा गया ₹2200 का एक कंबल भी आग की भेंट चढ़ गया।
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परिवार का मानना है कि आग संभवतः चलते हुए टीवी में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी।
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परिवार के पास अब एक भी जोड़ी कपड़ा नहीं बचा
\r\n\r\nआग से हुए लाखों के नुकसान ने परिवार की कमर तोड़ दी है। आरती ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उनके पूरे परिवार के पास अब पहनने के लिए एक भी जोड़ी कपड़ा नहीं बचा है। यह घटना दर्शाती है कि शहर के भीड़भाड़ वाले और पुराने इलाकों में बिजली के उपकरणों के रखरखाव और अग्निशमन व्यवस्था पर ध्यान देना कितना जरूरी है।
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पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि यह एक हादसा माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आने की अपील की गई है।
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मेरठ के सदर बाजार में हुई यह आगजनी की घटना सबक सिखाती है कि मामूली लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। हालांकि, इस मामले में एक बिल्ली का अनपेक्षित हस्तक्षेप परिवार के लिए वरदान साबित हुआ, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया। बिजली के उपकरणों की नियमित जांच और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता शहरी क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Sabse pehle comment karne wale banein.