मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण पर नगर निगम द्वारा की गई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद, विस्थापित हुए दुकानदारों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने घोषणा की है कि ध्वस्त किए गए अवैध कॉम्प्लेक्स के 22 दुकानदारों को नगर निगम अपने नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सब्सिडाइज्ड रेट (Subsidy Rate) पर दुकानें देगा। इस मानवीय पहल का उद्देश्य उन परिवारों को पुनः रोजगार शुरू करने में मदद करना है, जिनका कारोबार इस कार्रवाई से उजड़ गया है।Read also:-मेरठ: जैना ज्वेलर्स के 'अवैध' शोरूम पर आवास विकास का एक्शन, हेमा मालिनी ने किया था उद्घाटन; दूसरा नोटिस चस्पा
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कोर्ट के आदेश पर 22 दुकानें ध्वस्त
\r\n\r\nMeerut के सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद् द्वारा यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत की गई थी।
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- \r\n कार्रवाई: शनिवार और रविवार (दो दिनों तक) चली इस कार्रवाई में 22 दुकानों वाले अवैध कॉम्प्लेक्स को ढहा दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n दुकानदारों का दर्द: ध्वस्तीकरण से प्रभावित 22 दुकानों के मालिक सोमवार को जिलाधिकारी (DM) और मंडलायुक्त (Commissioner) से मिले। व्यापारी किशोर वाधवा ने बताया कि उन्होंने कमिश्नर से अनुरोध किया कि यदि सरकार उनकी दुकानें नहीं बचा सकती, तो कम से कम उन्हें ऐसी जगह दे जहाँ वे सम्मानपूर्वक अपना रोजगार फिर से शुरू कर सकें।\r\n \r\n
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नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पुनर्वास
\r\n\r\nमहापौर हरिकांत अहलूवालिया ने मीडिया को बताया कि कोर्ट की रूलिंग सभी के लिए मान्य है, लेकिन टूटी हुई दुकानों के मालिकों का दर्द महसूस करके उन्होंने यह घोषणा की है।
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- \r\n पुनर्वास स्थल: नगर निगम नई सड़क पर जो नया दफ्तर बना रहा है, उसी में एक मॉडर्न कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बनाया जा रहा है।\r\n \r\n
- \r\n प्राथमिकता: मेयर ने कहा कि उनकी टूटी हुई दुकानों के मालिकों को प्राथमिकता के आधार पर इस नए कॉम्प्लेक्स में दुकानें दी जाएंगी।\r\n \r\n
- \r\n आगे की प्रक्रिया: इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में लाकर पास कराया जाएगा और फिर शासन को भेजा जाएगा। महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी को भी इस निर्णय के संज्ञान में ला दिया गया है।\r\n \r\n
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जिला प्रशासन का समर्थन
\r\n\r\nजिला प्रशासन भी दुकानदारों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उनके पुनर्वास में मदद कर रहा है।
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- \r\n मंडलायुक्त का आश्वासन: कमिश्नर ने दुकानदारों को जल्द ही ऐसी जगह मुहैया कराने का आश्वासन दिया है जहाँ उन्हें सब्सिडी रेट पर जमीन या दुकानें मिल सकें। उन्होंने विकास प्राधिकरण और आवास विकास को भी उपयुक्त जगह तलाशने के लिए कहा है।\r\n \r\n
- \r\n डीएम का रुख: जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने भी कहा है कि प्रशासन शहर में ही एक ऐसा कमर्शियल कॉरिडोर विकसित करेगा जहाँ मुख्य सड़क किनारे इन दुकानदारों को दुकानें दी जा सकें, ताकि उनका रोजगार चल सके।\r\n \r\n
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31 और अवैध भूखंडों पर कार्रवाई
\r\n\r\nध्वस्तीकरण का असर यहीं नहीं रुकने वाला है।
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- \r\n अगला एक्शन: आवास विकास परिषद ने 31 और अवैध भवनों को खाली करने का नोटिस दिया है और 7 दिन का समय दिया है। इसके बाद उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गिराया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n बाजार की स्थिति: सोमवार को ध्वस्त कांप्लेक्स का मलबा हटाने का काम जारी रहा। सुरक्षा की दृष्टि से बाजार में पुलिस बल, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ तैनात रहीं। मलबे को उठाने की जिम्मेदारी भूस्वामियों की है, जिसमें लोहा और लकड़ी का काफी सामान मौजूद है।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.