नई दिल्ली/मेरठ (Meerut News): मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और रामायण धारावाहिक में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल (Arun Govil) ने संसद में एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा उठाया है। बृहस्पतिवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान अरुण गोविल ने मांग की कि देश भर की मस्जिदों और मदरसों में सीसीटीवी कैमरे (CCTV in Mosques) लगाना अनिवार्य किया जाना चाहिए।READ ALSO:-SIR फॉर्म भरने से चूक गए? क्या कट जाएगा वोटर लिस्ट से नाम? घबराएं नहीं, 11 दिसंबर के बाद भी बचा है ये रास्ता
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अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने सऊदी अरब और मक्का का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस्लाम के पवित्र स्थलों पर सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए जा सकते हैं, तो भारत में इसमें संकोच क्यों होना चाहिए?
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सुरक्षा के लिए मस्जिदों में कैमरे क्यों नहीं?

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सांसद अरुण गोविल ने सदन में राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय उठाते हुए कहा कि आज के दौर में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, "देशभर में मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और रेलवे स्टेशन जैसे अधिकांश सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। ये कैमरे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं बल्कि अपराध रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद करते हैं।"
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गोविल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मस्जिदें भी सार्वजनिक स्थल की श्रेणी में आती हैं, जहां प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। इसके बावजूद वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम या कैमरों की निगरानी व्यवस्था (Surveillance System) अक्सर नदारद रहती है।
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'मक्का और मुस्लिम देशों में यह आम बात है'

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अरुण गोविल ने अपने वक्तव्य में सबसे अहम तर्क मुस्लिम देशों का दिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म के जन्मस्थान सऊदी अरब (Saudi Arabia) और पवित्र शहर मक्का (Mecca) में सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिदों में कैमरे लगाना एक सामान्य प्रक्रिया है। वहां तकनीक का इस्तेमाल कर सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है।
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सांसद ने कहा, "जब सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देशों में मस्जिदों और मदरसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं, तो भारत में भी आधुनिक सुरक्षा मानकों को लागू करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।"
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सरकार बनाए देशव्यापी सुरक्षा नीति

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मेरठ सांसद ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि इस विषय को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार एक देशव्यापी सुरक्षा नीति (National Security Policy) तैयार करे, जिसके तहत:
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    सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी अनिवार्य हों।
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    विशेषकर मस्जिदों और मदरसों को निगरानी के दायरे में लाया जाए।
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    किसी भी अनहोनी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में फुटेज की जांच की जा सके।
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पारदर्शिता और अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद

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अरुण गोविल का मानना है कि सीसीटीवी कैमरे लगने से पारदर्शिता आएगी। अक्सर धार्मिक स्थलों की आड़ में असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने की खबरें आती रहती हैं। कैमरों की मौजूदगी से ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगेगी और प्रशासन को जांच में मदद मिलेगी।
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मेरठ सांसद अरुण गोविल (Arun Govil) का यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर इसे राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) को मजबूत करने वाला कदम बताया जा रहा है, वहीं अब देखना यह होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है। अरुण गोविल ने स्पष्ट कर दिया है कि जब सार्वजनिक सुरक्षा की बात हो, तो धार्मिक स्थलों के लिए नियम अलग नहीं होने चाहिए।
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मेरठ सांसद अरुण गोविल ने लोकसभा में मांग की है कि भारत की मस्जिदों और मदरसों में भी सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि जब मक्का और सऊदी अरब जैसे मुस्लिम देशों में यह व्यवस्था लागू है, तो भारत में सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए इसे अपनाने में संकोच नहीं होना चाहिए।
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