उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला जेल में भैया दूज का पर्व भावनात्मक माहौल में मनाया गया। इस दौरान जेल में बंद, चर्चित 'नीले ड्रम वाली मुस्कान रस्तोगी' के लिए यह दिन खास बन गया। हालाँकि, मुस्कान का अपना भाई गुरुवार को उससे मिलने नहीं पहुँचा, लेकिन जेल में उसे एक 'नया भाई' मिला। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने खुद मुस्कान समेत उन 27 महिला बंदियों से तिलक करवाया, जिनसे मिलने उनके भाई नहीं पहुँचे थे।READ ALSO:-मेरठ में कुत्तों का 'आतंक राज'! रोज 500 लोग हो रहे शिकार, जिला अस्पताल में 'जीवनरक्षक' एंटी-रेबीज सीरम खत्म, गहरे जख्मों का इलाज ठप
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मार्च से जेल में बंद है मुस्कान

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मुस्कान रस्तोगी मेरठ के एक चर्चित आपराधिक मामले में मार्च से जेल में बंद है। वह वर्तमान में गर्भवती है। उसके भाई के न पहुँचने पर जेल प्रशासन ने एक मानवीय पहल की।
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    पहल: वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने उन महिला बंदियों को अकेला महसूस नहीं होने दिया जिनके भाई जेल में नहीं आ सके।
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    भावनात्मक पल: डॉ. वीरेश राज शर्मा ने मुस्कान से तिलक लगवाया और उसे मिठाई खिलाई। उन्होंने कहा कि मुस्कान भी उन 27 महिला बंदियों में शामिल है जिनके भाई उनसे मिलने नहीं आ पाए।
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जेल अधीक्षक बने 'नए भाई'

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जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उन्होंने हर उस महिला बंदी से तिलक करवाया, जिनके भाई इस पर्व पर उनसे मिलने जेल नहीं आ सके थे।
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    अधीक्षक का बयान: डॉ. वीरेश राज शर्मा ने कहा, "आज भाई दूज के दिन जिन बहनों के भाई उनसे मिलने जेल में नहीं आए, मैंने उनसे तिलक करवाया है। इसमें मुस्कान भी शामिल है।"
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    सराहनीय परंपरा: उन्होंने यह भी बताया कि वह जहाँ भी जेल में रहते हैं, वहाँ यह परंपरा निभाते हैं कि जिन महिला बंदियों के भाई नहीं आते, वह उनसे राखी बँधवाते हैं और टीका करवाते हैं।
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जेल में मनाया गया भैया दूज पर्व

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जेल प्रशासन ने भैया दूज पर्व के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की थी।
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    व्यवस्था: सुबह 6 बजे से ही जेल में बंद भाइयों को तिलक करने के लिए उनकी बहनें और बच्चे जेल में आना शुरू हो गए थे। जेल में रोली, चावल और मिठाई के स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ से बहनें पूजा का सामान ले सकती थीं।
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    आंकड़े: जेल में लगभग 2200 बंदी हैं, जिनसे मिलने के लिए उनकी बहनें और परिजन पहुँचे। महिला बंदियों की संख्या भी 26 है, जिनसे जेल अधीक्षक ने खुद तिलक करवाया।
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    जलपान की व्यवस्था: बहनों के लिए जलपान और बैठने के लिए छायादार जगह की भी व्यवस्था की गई थी।
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'जेल में बंद सभी महिलाएं मेरी बहन'

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जेल अधीक्षक ने बताया कि जिन महिला बंदियों के भाई उनसे तिलक कराने नहीं आ पाए, उनसे खुद वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने तिलक कराया। जेल में ऐसी 26-27 महिला बंदियों से जेल अधीक्षक ने टीका कराया।
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डॉ. वीरेश राज शर्मा ने कहा, "मैं जहां भी जेल में रहता हूं, वहां जिन महिला बंदियों के भाई उनसे मिलने नहीं आते, तो उन बहनों से मैं तिलक कराता हूं और राखी बंधवाता हूं। आज मेरठ जेल में भी महिला बंदियों से तिलक कराया है, इसमें मुस्कान भी शामिल है। जब तक ये महिला बंदी जेल में रहेंगी, इनकी सुरक्षा का जिम्मा हमारा है। इन्होंने क्या जुर्म किया है, उसके लिए कानून ने इन्हें सजा दी है।"
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Highlights:

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    मुस्कान रस्तोगी ने जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से तिलक करवाया।
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    वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने कुल 27 महिला बंदियों (जिनके भाई नहीं आए) से टीका करवाया।
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    मुस्कान मार्च से जेल में बंद है और वह इस समय गर्भवती है।
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    जेल में रोली, चावल और मिठाई के साथ भैया दूज पर्व का आयोजन किया गया।
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