Meerut Ring Road Project: मेरठ शहर को भीषण जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने संसद में महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने राज्यसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि मेरठ में आउटर रिंग रोड की तर्ज पर 'इनर रिंग रोड' का निर्माण भी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाना चाहिए। डॉ. बाजपेयी की इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए नितिन गडकरी ने सदन में आश्वासन दिया कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी और आवश्यक तकनीकी परीक्षण (Testing/Survey) कराएगी।READ ALSO:-New Year 2026 Gift: 1 जनवरी से सस्ता हो सकता है आपका किचन! LPG सिलेंडर और CNG-PNG की कीमतों में कटौती की तैयारी
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2012 से हवा में लटका है ओवरब्रिज सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने सदन का ध्यान मेरठ की एक बड़ी प्रशासनिक विफलता की ओर खींचा। उन्होंने बताया कि मेरठ-बुलंदशहर-हापुड़ हाईवे से जुर्रानपुर रेलवे लाइन और दिल्ली रोड होते हुए दून बाईपास को जोड़ने वाली रिंग रोड का काम 2012 से अधूरा पड़ा है।
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इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जुर्रानपुर रेलवे लाइन पर बना ओवरब्रिज पिछले 13 वर्षों से 'हवा में लटका' है। रेलवे ने समझौते के तहत अपने हिस्से का ओवरब्रिज बनाकर तैयार कर दिया था, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) आज तक पहुंच मार्ग (Approach Road) के लिए जमीन नहीं खरीद पाया है। 
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जमीन खरीद की पेचीदगियां और शासन की वार्ता

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प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार का मुख्य कारण जमीन अधिग्रहण के लिए फंड की कमी रही है। डॉ. बाजपेयी ने बताया कि:
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    समझौता: 2011 में हुए समझौते के अनुसार, एमडीए को जमीन खरीदनी थी और पीडब्ल्यूडी को सड़क बनानी थी।
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    फंडिंग का मुद्दा: हाल ही में शासन स्तर पर हुई वार्ता में तय हुआ था कि 100 करोड़ रुपये मेरठ विकास प्राधिकरण देगा और 62 करोड़ रुपये प्रदेश शासन द्वारा दिए जाएंगे।
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    अवरोध: इस सहमति के बावजूद जमीन खरीद की प्रक्रिया अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है, जिससे शहर के करोड़ों रुपये का निवेश बेकार साबित हो रहा है। 
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इनर रिंग रोड क्यों है जरूरी?

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मेरठ शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम करने के लिए इनर रिंग रोड को एक 'लाइफलाइन' के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. बाजपेयी का तर्क है कि यदि NHAI इस इनर रिंग रोड का जिम्मा संभाल लेता है, तो स्थानीय विकास प्राधिकरण की वित्तीय सीमाओं के कारण अटका यह काम जल्द पूरा हो सकेगा।
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इससे न केवल हापुड़ और बुलंदशहर की ओर से आने वाले ट्रैफिक को दून बाईपास तक निर्बाध रास्ता मिलेगा, बल्कि शहर के मुख्य चौराहों पर लगने वाले घंटों लंबे जाम से भी राहत मिलेगी।
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नितिन गडकरी का आश्वासन

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डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि मेरठ के ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इनर रिंग रोड की जरूरत को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, "मैं इस प्रस्ताव का विभाग से परीक्षण कराऊंगा और यदि तकनीकी रूप से यह संभव हुआ, तो एनएचएआई इस पर विचार करेगी।" 
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मेरठ में Meerut Ring Road Project का मुद्दा अब केंद्र सरकार की मेज पर पहुँच गया है। वर्षों से अटके हुए जुर्रानपुर ओवरब्रिज और इनर रिंग रोड के निर्माण से मेरठ की सूरत बदल सकती है। यदि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय बनता है, तो वह दिन दूर नहीं जब मेरठवासियों को जाम के झाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी की इस सक्रियता ने एक बार फिर मेरठ के विकास की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं।
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राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मेरठ में जाम के समाधान के लिए इनर रिंग रोड और वर्षों से अधूरे लटके जुर्रानपुर ओवरब्रिज का मुद्दा उठाया। नितिन गडकरी ने प्रस्ताव के परीक्षण का आश्वासन दिया है। जमीन अधिग्रहण न होने के कारण 2012 से यह प्रोजेक्ट अधर में है।
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