मेरठ, यूपी: मेरठ के दो गांवों, कपसाड़ और सलावा, में सम्राट मिहिर भोज के नाम पर लगे बोर्डों को लेकर उठा विवाद गहराने के बाद पुलिस-प्रशासन ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई की है। रात करीब एक बजे एसपी क्राइम और एडीएम सिटी ने भारी पुलिस बल के साथ दोनों गांवों से विवादित बोर्डों को हटा दिया। इन बोर्डों पर 'राजपूत सम्राट' लिखा हुआ था, जिसका गुर्जर समाज विरोध कर रहा था।READ ALSO:-मेरठ: मासूम की मौत के बाद भी नहीं लगा हाइट गेज, गुस्साए मां-बेटे ने कमिश्नर ऑफिस पर किया आत्मदाह का प्रयास
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क्या था विवाद?
\r\n\r\nयह विवाद तब शुरू हुआ जब 26 अगस्त को सम्राट मिहिर भोज की जयंती के बाद 6 सितंबर को कपसाड़ और सलावा गांव के मुख्य द्वारों पर बोर्ड लगाए गए, जिन पर 'राजपूत सम्राट' लिखा हुआ था। गुर्जर समाज ने इस पर आपत्ति जताई और दादरी में महापंचायत करने का फैसला लिया। उनका कहना था कि मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार वंश के शासक थे।
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इसी बीच, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जातिगत बोर्ड लगाने और टिप्पणी करने पर रोक लगा दी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इसी आदेश को आधार बनाते हुए दोनों बोर्ड को हटा दिया।
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आधी रात को कार्रवाई
\r\n\r\nरातभर एडीजी ऑफिस में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें बोर्ड हटाने का फैसला लिया गया। इसके बाद, देर रात करीब 1 बजे एसपी क्राइम अवनीश कुमार और एडीएम सिटी बृजेश सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले कपसाड़ और फिर सलावा गांव से बोर्ड उतरवाए और उन्हें सरधना थाने में रखवा दिया।
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पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के तहत की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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टिप्पणी करने वाले को जेल
\r\n\r\nइस मामले में, कपसाड़ गांव के प्रधान के बेटे सुधांशु को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उस पर अपनी सोशल मीडिया आईडी से जातीय टिप्पणी करने का आरोप है, जिससे इलाके में माहौल बिगड़ने की आशंका थी।
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Sabse pehle comment karne wale banein.