उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कंकरखेड़ा थाना इलाके में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर दिनदहाड़े मेरठ में मां-बेटी पर हमला हुआ है। एकतरफा प्यार में पागल एक सिरफिरे आशिक ने बीच सड़क पर सरेआम मां और बेटी पर डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। इस जानलेवा हमले में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं और सड़क पर लहूलुहान अवस्था में तड़पती रहीं। हैरानी और शर्मिंदगी की बात यह है कि जब पीड़ितों ने मौके पर पहुंची पुलिस से मदद की गुहार लगाई, तो सुरक्षा का दावा करने वाले पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद करने से साफ इनकार कर दिया। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। READ ALSO:-मेरठ में नगर निगम की लापरवाही का दिखा खौफनाक मंजर: उफनाते नाले में समा गई Flipkart डिलीवरी बॉय की बाइक, बाल-बाल बची जान
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ में मां-बेटी पर हमला: क्या है पूरा मामला?

\r\n\r\n
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दिल्ली-देहरादून हाईवे की है। डबका गांव की रहने वाली एक महिला अपनी युवा बेटी के साथ हाईवे स्थित 'साहिल सेल परचेज' नामक एक कॉम्प्लेक्स में काम करती है। रोजाना की तरह दोनों मां-बेटी अपने काम पर पहुंची थीं। इसी दौरान परीक्षितगढ़ का रहने वाला आरोपी रिंकू वहां पहले से घात लगाए बैठा था।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आरोपी रिंकू युवती से एकतरफा प्यार करता था। उसने कॉम्प्लेक्स में पहुंचकर युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। जब युवती ने उसके इस अनुचित प्रस्ताव को ठुकरा दिया और शादी से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इनकार से बौखलाए रिंकू ने पास में पड़े डंडे को उठाया और दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी ने न केवल युवती को बुरी तरह पीटा, बल्कि उसे बचाने आई उसकी मां को भी नहीं बख्शा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खुलेआम जान से मारने की धमकियां देते हुए वहां से फरार हो गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

खाकी की संवेदनहीनता: डायल 112 ने किया मदद से इनकार

\r\n\r\n
हमले में युवती का सिर बुरी तरह फट गया और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ी। उसकी मां को भी गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ दोनों महिलाएं सड़क किनारे तड़प रही थीं। आसपास मौजूद भीड़ में से किसी ने तुरंत 'यूपी 112' पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके घटना की सूचना दी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कुछ ही देर में मौके पर पीआरवी-552 गाड़ी पहुंची। इस गाड़ी में दो महिला पुलिसकर्मियों समेत कुल चार पुलिसकर्मी तैनात थे। लेकिन जो इसके बाद हुआ, उसने पुलिस के मानवीय चेहरे को दागदार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाड़ी से नीचे उतरना तक मुनासिब नहीं समझा। जब घायल महिलाओं ने अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, तो पुलिसकर्मियों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए कह दिया कि, "गाड़ी में पहले से चार लोग बैठे हैं, और कोई जगह नहीं है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
करीब आधे घंटे तक घायल मां-बेटी सड़क पर तड़पती रहीं और रोती रहीं, लेकिन खाकी वर्दी वालों का दिल नहीं पसीजा। वे गाड़ी में बैठे-बैठे सिर्फ नाम और पता नोट करने की औपचारिकता पूरी करते रहे। यह घटना स्पष्ट करती है कि आपातकालीन सेवाओं में तैनात कुछ कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति कितने लापरवाह हो सकते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

हाईवे पुलिस चौकी ने दिखाई इंसानियत और तत्परता

\r\n\r\n
डायल 112 की लापरवाही के बीच, हाईवे पुलिस चौकी पर तैनात कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। कांस्टेबल विकास दहिया, अशोक नायक और फारुख को जब इस गंभीर घटना की भनक लगी, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की। तीनों पुलिसकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता और महिलाओं के बहते खून को देखकर उन्होंने तुरंत एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की और दोनों घायल महिलाओं को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

महिला सुरक्षा और प्रशासनिक दावों का विश्लेषण

\r\n\r\n
यह घटना समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक कड़ा संदेश है। मेरठ में मां-बेटी पर हमला इस बात का प्रमाण है कि एकतरफा प्यार और सनक किस तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं। दिनदहाड़े हाईवे जैसी व्यस्त जगह पर डंडों से पीटा जाना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बताया कि, "एकतरफा विवाद और शादी से इनकार करने पर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी रिंकू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हमारी टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डायल 112 के पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही पर भी थाना प्रभारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की आंतरिक जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत इस घटना ने उजागर कर दी है। मेरठ में मां-बेटी पर हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह सिस्टम की उस नाकामी का प्रतीक है जहां रक्षक ही मूकदर्शक बन जाते हैं। यह अत्यंत आवश्यक है कि पुलिस विभाग ऐसे संवेदनहीन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में कोई भी नागरिक आपात स्थिति में खुद को असहाय महसूस न करे। साथ ही, आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए ताकि समाज में कानून का राज और न्याय के प्रति विश्वास कायम रह सके। 
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित हाईवे पर एकतरफा प्यार में पागल रिंकू नाम के युवक ने शादी से इनकार करने पर एक युवती और उसकी मां को डंडों से बुरी तरह पीटा। घटना में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने गाड़ी में जगह न होने का बहाना बनाकर उन्हें अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। बाद में हाईवे चौकी के तीन कांस्टेबलों ने इंसानियत दिखाते हुए उन्हें ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और लापरवाह पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन