मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के रुहासा गांव में शुक्रवार तड़के एक पिता ने अपनी 20 वर्षीय बेटी पर मीट काटने वाले छुरे से एक के बाद एक ताबड़तोड़ पांच जानलेवा वार कर दिए। खून से लथपथ बेटी फर्श पर तड़पती रही और कलयुगी पिता मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मौत और जिंदगी के बीच झूल रही युवती का मेडिकल कॉलेज में गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।READ ALSO:-ग्रेटर नोएडा वेस्ट में खौफनाक मंजर: शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में भड़की भीषण आग, आसमान छूती लपटों में धू-धू कर जला लाखों का माल
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आइए, इस पूरी खौफनाक वारदात और इसके पीछे की खूनी साजिश को विस्तार से समझते हैं।

\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

क्या है पूरा मामला? कैसे शुरू हुई यह रंजिश?

\r\n\r\n
यह खौफनाक घटना मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रुहासा गांव की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस गांव का रहने वाला अल्ताफ पहले मीट बेचने का कारोबार करता था, लेकिन पिछले कुछ समय से वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पाल रहा था। अल्ताफ की 20 वर्षीय एक बेटी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पिछले कुछ समय से गांव में दबी जुबान से अल्ताफ की बेटी के प्रेम प्रसंग (Love Affair) की चर्चाएं हो रही थीं। बताया जा रहा है कि युवती का गांव के ही एक लड़के के साथ अफेयर चल रहा था। दोनों एक ही संप्रदाय (धर्म) से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनकी जातियां अलग-अलग हैं। यह बात जब अल्ताफ के कानों तक पहुंची, तो वह इसे अपनी और अपने परिवार की 'सामाजिक मान-मर्यादा' के खिलाफ मानने लगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
समाज के तानों और झूठी शान की खातिर अल्ताफ के मन में अपनी ही बेटी के खिलाफ नफरत के बीज बो दिए गए। वह अक्सर इस बात को लेकर घर में क्लेश करता था और बेटी को सख्त हिदायत दे रखी थी, लेकिन प्रेम की डोर इतनी आसानी से कहां टूटने वाली थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

लापता होने के दो दिन: पिता के अंदर खौलता गुस्सा

\r\n\r\n
घटना के पीछे की तात्कालिक वजह दो दिन पहले की है। बुधवार को अल्ताफ की 20 वर्षीय बेटी अचानक बिना किसी को कुछ बताए घर से लापता हो गई थी। जब काफी देर तक वह नहीं लौटी, तो परिवार में हड़कंप मच गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उसी दौरान गांव में किसी ने अल्ताफ को भड़काते हुए यह जानकारी दे दी कि उसकी बेटी अपने उसी प्रेमी के साथ कहीं भाग गई है। इस खबर ने अल्ताफ के गुस्से में घी का काम किया। वह पागलपन की हद तक अपनी बेटी की तलाश में जुट गया। हालांकि, 'समाज में बदनामी' (Social Stigma) के डर से उसने अपनी बेटी के लापता होने की कोई भी शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई। वह खुद ही उसे ढूंढने और 'सबक सिखाने' की फिराक में था। पिता के सीने में दो दिन तक बदले की आग धधकती रही।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शुक्रवार की खूनी सुबह: जब घर लौटी बेटी और कसाई बन गया पिता

\r\n\r\n
शुक्रवार (15 मई) की तड़के सुबह करीब 5:30 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था, अल्ताफ की बेटी अचानक अपने घर वापस लौट आई। शायद उसे लगा होगा कि माता-पिता का गुस्सा शांत हो गया होगा या वह किसी मजबूरी में वापस आई थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लेकिन जैसे ही उसने घर की दहलीज पर कदम रखा, दो दिन से आगबबूला बैठे पिता अल्ताफ का खून खौल उठा। उसने न तो बेटी से भागने का कारण पूछा और न ही कोई सफाई मांगी। अल्ताफ ने घर में रखा अपना पुराना 'मीट काटने वाला छुरा' उठाया और अपनी 20 साल की फूल सी बच्ची पर जानवरों की तरह टूट पड़ा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पिता ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। युवती अपनी जान बख्शने की भीख मांगती रही, चीखती रही, लेकिन दरिंदे बन चुके पिता के हाथ नहीं रुके। उसने बेटी के सीने, पेट, चेहरे और दोनों हाथों पर छुरे से गहरे और जानलेवा वार किए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
युवती के शरीर से खून का फव्वारा फूट पड़ा और वह लहूलुहान होकर घर के ही आंगन में बेहोश होकर गिर पड़ी। बेटी की चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग गहरी नींद से जाग गए। पड़ोसियों को अपनी तरफ आता देख, अल्ताफ के सिर से खून का भूत उतरा और वह मौका-ए-वारदात से छुरे समेत भाग खड़ा हुआ।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

खून से लथपथ बेटी अस्पताल में भर्ती: जिंदगी और मौत की जंग

\r\n\r\n
पड़ोसियों ने जब घर के अंदर का खौफनाक मंजर देखा, तो उनके होश उड़ गए। पूरा आंगन खून से लाल था और युवती अपनी आखिरी सांसें गिन रही थी। ग्रामीणों ने बिना कोई देरी किए तुरंत 'यूपी-112' (UP Police Control Room) और दौराला थाने को सूचना दी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौके पर पहुंची दौराला पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस का इंतजार किए बिना, अपनी ही गाड़ी में लहूलुहान युवती को लादा और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) दौराला लेकर भागे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने युवती की नाजुक हालत और शरीर से बह चुके अत्यधिक खून को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं (विशेषकर सीने और पेट के वार) कि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए और उसे मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज (LLRM Medical College) के लिए रेफर कर दिया गया। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के आईसीयू (ICU) में डॉक्टरों की एक विशेष टीम युवती की जान बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई है। पुलिस के अनुसार, उसकी हालत अभी भी बेहद चिंताजनक (Critical) बनी हुई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस का एक्शन: आरोपी पिता गिरफ्तार और गांव में भारी फोर्स तैनात

\r\n\r\n
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मेरठ पुलिस ने तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। सीओ दौराला (CO Daurala) प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित घेराबंदी करते हुए आरोपी पिता अल्ताफ को कुछ ही घंटों के भीतर हिरासत में ले लिया है। उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार (छुरा) भी बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सीओ ने अपने बयान में कहा: "मामले में अभी तक परिवार या किसी अन्य की ओर से कोई लिखित शिकायत (FIR) प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन पुलिस अपराध की गंभीरता को देखते हुए 'स्वतः संज्ञान' (Suo Motu) लेते हुए अपने स्तर पर घटना की गहन जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) को भी मौके पर बुलाया गया था, जिसने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य अहम सुराग जुटाए हैं।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
क्यों छावनी में तब्दील हुआ रुहासा गांव? चूंकि यह मामला 'प्रेम प्रसंग' का है और प्रेमी जोड़ा एक ही संप्रदाय (धर्म) का होने के बावजूद अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखता है, इसलिए गांव में दो गुटों के बीच जातीय तनाव फैलने की आशंका पैदा हो गई थी। घटना के तुरंत बाद गांव में सन्नाटा और खौफ पसर गया। स्थिति को बिगड़ने से रोकने और किसी भी तरह के दंगे या बवाल को टालने के लिए आला अधिकारियों के निर्देश पर रुहासा गांव में भारी पुलिस बल (PAC) तैनात कर दिया गया है। पुलिस गांव के हर चौक-चौराहे पर गश्त कर रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

'ऑनर किलिंग' के कलंक से कब मुक्त होगा समाज?

\r\n\r\n
मेरठ के रुहासा गांव की यह घटना कोई पहली वारदात नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) में 'ऑनर किलिंग' या झूठी शान की खातिर अपनों का ही खून बहाने की ऐसी रूह कंपा देने वाली घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह घटना हमारे समाज के उस काले चेहरे को बेनकाब करती है, जहाँ 'लोग क्या कहेंगे' का डर किसी भी इंसान को इतना अंधा बना देता है कि वह अपनी ही उस संतान का कत्ल करने पर उतारू हो जाता है, जिसे उसने खुद पाल-पोस कर बड़ा किया हो। समाज में जात-पात की गहरी जड़ें और झूठी प्रतिष्ठा का दंभ आज भी मानवीय संवेदनाओं और कानूनों पर भारी पड़ रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अब देखना यह है कि क्या मेरठ पुलिस इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी पिता को सख्त से सख्त सजा दिलवा पाती है? और सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही वह 20 साल की बेटी, क्या कभी अपने उस पिता को माफ कर पाएगी जिसने उसके ही शरीर को छुरे से छलनी कर दिया था? पूरे इलाके की नजरें अब मेडिकल कॉलेज से आने वाली स्वास्थ्य रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन