उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। महमूदपुर सिखेड़ा गांव में महज कुछ गज जमीन के लालच में एक बड़े भाई ने अपने ही सगे छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी और जुर्म छिपाने के लिए लाश को अपने ही खेत की मिट्टी में दफना दिया। READ ALSO:-महंगाई का 'डबल अटैक': आपकी जेब पर फिर कैंची चलाने की तैयारी, रोजमर्रा के जरूरी सामान होंगे महंगे!
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मेरठ (Meerut Crime News): अपराध और लालच जब इंसान के सिर पर हावी होता है, तो खून के रिश्ते भी मायने नहीं रखते। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ जिले से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला और रिश्तों को तार-तार कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहां संपत्ति और जमीन के बंटवारे की लालसा ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। बहसूमा थाना (Bahsuma Police Station) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महमूदपुर सिखेड़ा गांव में एक बड़े भाई ने अपने ही सगे छोटे भाई को मौत की नींद सुला दिया।
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हत्या की यह खौफनाक वारदात अचानक गुस्से में नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे गहरा पारिवारिक और जमीनी विवाद (Land Dispute) बताया जा रहा है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी भाई हत्या करने के बाद लगातार 23 दिनों तक गांव में सामान्य जीवन जीता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन कहते हैं न कि जुर्म कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। आखिरकार इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश हो ही गया।
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5 मई से लापता था 30 वर्षीय अंकुर

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घटनाक्रम की शुरुआत 5 मई 2026 से होती है। महमूदपुर सिखेड़ा गांव (Mahmudpur Sikheda Village) का रहने वाला 30 वर्षीय युवक अंकुर अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में गांव से गायब हो गया। शुरुआत में परिवार और गांव वालों को लगा कि वह शायद किसी काम से बाहर गया होगा या जल्द ही लौट आएगा। दिन बीतते गए, लेकिन अंकुर का कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान उसका बड़ा भाई कपिल भी अंकुर के गायब होने का नाटक करता रहा और किसी के सामने जाहिर नहीं होने दिया कि उसके ही हाथों अंकुर की जान गई है।
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अंकुर के अचानक इस तरह से गायब होने पर गांव वालों में कानाफूसी शुरू हो गई थी, लेकिन किसी के पास कोई ठोस सबूत या जानकारी नहीं थी। मोबाइल बंद होने और कोई संपर्क न होने के कारण स्थिति दिन-ब-दिन रहस्यमयी होती जा रही थी।
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मौसी जगबीरी की सतर्कता से खुला राज

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इस पूरे हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब मृतक अंकुर की मौसी जगबीरी ने मामले में हस्तक्षेप किया। जब अंकुर को लापता हुए कई दिन बीत गए और बड़े भाई कपिल का रवैया भी कुछ संदिग्ध लगने लगा, तो मौसी जगबीरी की चिंताएं बढ़ गईं। उन्हें कपिल की बातों और उसके हाव-भाव पर गहरा शक हुआ।
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अपने भांजे की सुरक्षा को लेकर आशंकित जगबीरी सीधे बहसूमा थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस (UP Police) को अंकुर के 5 मई से लापता होने की लिखित सूचना दी और साथ ही यह भी साफ तौर पर अंदेशा जताया कि अंकुर के बड़े भाई कपिल ने ही जमीनी विवाद के चलते उसके साथ कोई अनहोनी घटना को अंजाम दिया है। मौसी के इस शक ने ही पुलिस की जांच को सही दिशा दी और एक दबे हुए मुर्दे को बाहर लाने का काम किया।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

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बहसूमा थाना पुलिस ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। मेरठ पुलिस के आला अधिकारियों को भी इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस की एक टीम तुरंत महमूदपुर सिखेड़ा गांव पहुंची।
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पुलिस के गांव में प्रवेश करते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने बिना समय गंवाए सीधे आरोपी कपिल के घर पर दबिश दी और उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
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इस पूरे मामले की विस्तार से जानकारी देते हुए एसपी देहात (SP Rural Meerut) अभिजीत कुमार ने बताया कि, "महमूदपुर सिखेड़ा गांव की एक महिला जगबीरी ने बहसूमा थाने पर आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 30 साल का भांजा अंकुर पिछले 5 मई से लापता है। महिला ने अपने ही बड़े भांजे कपिल पर हत्या का शक जताया था। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया और आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की गई।"
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सख्ती के आगे टूटा कपिल, उगला जुर्म का सच

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पुलिस कस्टडी में शुरुआत में कपिल पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। उसने अनजान बनने का नाटक किया, लेकिन जब पुलिस ने उससे मनोवैज्ञानिक तरीके से और सख्ती के साथ पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक सच को छिपा नहीं सका।
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एसपी देहात ने बताया कि, "कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी कपिल टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने 5 मई 2026 को ही अपने छोटे भाई अंकुर की हत्या कर दी थी। इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य कारण दोनों भाइयों के बीच चल रहा पुराना जमीनी विवाद था।"
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लाश को ठिकाने लगाने की खौफनाक साजिश

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कपिल ने सिर्फ हत्या ही नहीं की, बल्कि सबूत मिटाने की एक बहुत ही खौफनाक साजिश भी रची। उसने पुलिस को बताया कि छोटे भाई की हत्या करने के बाद उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह लाश का क्या करे। पुलिस से बचने और हत्या को गुमशुदगी का रूप देने के लिए उसने रात के अंधेरे का फायदा उठाया।
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कपिल ने अंकुर की लाश को उठाया और अपने ही खेत में ले जाकर एक गहरा गड्ढा खोदा। उसके बाद उसने उस लाश को उसी खेत की मिट्टी के नीचे हमेशा-हमेशा के लिए दफना दिया। उसे लगा कि वह हमेशा के लिए बच गया है और पूरी जमीन अब उसकी हो जाएगी, लेकिन एक शिकायत ने उसके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया।
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फॉरेंसिक टीम (Forensic Investigation) की जांच और आगे की कार्रवाई

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आरोपी के इस इकबालिया बयान के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। आरोपी कपिल की निशानदेही पर पुलिस उस खेत में पहुंची जहां शव को दफनाया गया था। चूंकि हत्या को काफी दिन बीत चुके थे, इसलिए वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) जुटाने के लिए पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) को मौके पर तलब कर लिया।
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फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में खेत की खुदाई कर शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि पोस्टमार्टम के जरिए हत्या की सही वजह और मौत के समय का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके से कई अहम सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
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एसपी देहात अभिजीत कुमार ने स्पष्ट किया है कि आरोपी कपिल को विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं (Murder & Destruction of Evidence) में गंभीर मुकदमा दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस इस मामले में अदालत के समक्ष एक मजबूत चार्जशीट पेश करेगी ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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लालच ने ली एक और बलि

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मेरठ (Meerut) का यह हत्याकांड हमारे समाज के लिए एक बड़ा और कड़वा सबक है। यह इस बात का प्रमाण है कि कैसे आधुनिक समाज में भौतिक संपत्ति और जमीन का लालच खून के रिश्तों पर भारी पड़ रहा है। जिस भाई को अपने छोटे भाई का रक्षक होना चाहिए था, वही चंद गज जमीन के टुकड़े के लिए भक्षक बन गया। बहसूमा पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने भले ही इस मामले को सुलझा लिया हो, लेकिन महमूदपुर सिखेड़ा गांव में पसरा यह सन्नाटा लंबे समय तक लोगों को रिश्तों की अहमियत और उनके पतन की याद दिलाता रहेगा। पुलिस की जांच अब इस दिशा में भी चल रही है कि क्या इस खौफनाक हत्याकांड में कपिल के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
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