उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक बेहद संगीन और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मेरठ के मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक डॉक्टर पर 10 वर्षों तक शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और पीड़िता का चार बार जबरन गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़िता ने शनिवार को एडीजी और डीआईजी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। युवती का कहना है कि उसने 14 जून को मेडिकल थाने में तहरीर दी थी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है।READ ALSO:-जुलाई 2026 बैंक छुट्टियां: RBI ने जारी की लिस्ट, जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, शाखा जाने से पहले चेक करें पूरी हॉलिडे सूची
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इलाज के दौरान हुई मुलाकात, शादी का झांसा देकर बनाए संबंध

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पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2016 में वह पेट के संक्रमण के इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उसकी पहचान वहां तैनात डॉक्टर से हुई। युवती का आरोप है कि डॉक्टर ने उसका मोबाइल नंबर लिया और धीरे-धीरे बातों के जरिए नजदीकी बढ़ाई। डॉक्टर ने उसे शादी का भरोसा दिलाया और शारीरिक संबंध बनाए।
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पीड़िता ने बताया कि आरोपी डॉक्टर उसे झांसे में रखने के लिए तमाम हथकंडे अपनाता था। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उससे करवा चौथ का व्रत भी रखवाया और उसे दिन के समय अपने किराए के मकान में पत्नी की तरह साथ रखता था, जबकि रात होते ही उसे वापस घर भेज दिया जाता था। जब भी युवती ने शादी की बात छेड़ी, डॉक्टर ने हमेशा उसे टाल दिया और झूठे वादे करता रहा।
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चार बार गर्भपात और मारपीट का खौफनाक आरोप

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मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब युवती ने डॉक्टर पर चार बार गर्भवती होने और हर बार डॉक्टर द्वारा परिजनों व परिचितों की मदद से उसका जबरन गर्भपात (Forced Abortion) कराने का आरोप लगाया। पीड़िता का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं। आरोपी डॉक्टर वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात है। जब युवती ने शादी के लिए अंतिम बार दबाव बनाया, तो डॉक्टर ने साफ तौर पर इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने कानून का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया।
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डॉक्टर का पलटवार: 'मुझे फंसाया जा रहा है' 

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दूसरी ओर, आरोपी डॉक्टर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। डॉक्टर का दावा है कि यह एक सोची-समझी साजिश है और उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) किया जा रहा है। डॉक्टर ने कहा कि उन्हें कई बार रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूले गए हैं। उनका कहना है कि इस ब्लैकमेलिंग के संबंध में उनके पास साक्ष्य (सबूत) भी मौजूद हैं। डॉक्टर का कहना है कि वह भी अब अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और सच्चाई सामने लाएंगे।
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पुलिस की भूमिका: जांच के बाद होगी कार्रवाई

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फिलहाल यह मामला शिकायत और प्रत्यारोपों (Allegations and Counter-allegations) के बीच फंस गया है। एक तरफ युवती पुलिस अधिकारियों से मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रही है, तो दूसरी तरफ आरोपी डॉक्टर खुद को निर्दोष और पीड़िता को ब्लैकमेलर बता रहा है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला काफी पुराना है और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों का परीक्षण आवश्यक है। थाना पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फॉरेंसिक साक्ष्य और दोनों पक्षों के दावों की सच्चाई जानने के बाद ही पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएगी।
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मेरठ का यह मामला महिलाओं के साथ होने वाले शोषण और उसके कानूनी पहलुओं को एक बार फिर से सुर्खियों में ले आया है। पुलिस की निष्पक्ष जांच ही यह तय करेगी कि सच्चाई क्या है। इस मामले में पुलिस के पास अब बड़ी चुनौती है कि वह इतने गंभीर आरोपों की जांच पारदर्शी तरीके से पूरी करे ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और कानून का सम्मान बरकरार रहे।
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मेरठ में एक मेडिकल कॉलेज से जुड़े डॉक्टर पर युवती ने शादी का झांसा देकर 10 साल तक यौन शोषण करने और 4 बार गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मेडिकल थाने में शिकायत न दर्ज होने पर उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई है। वहीं, आरोपी डॉक्टर ने इन आरोपों को ब्लैकमेलिंग करार दिया है और खुद को निर्दोष बताया है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
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