उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट में अवैध रूप से निर्मित एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी अंतिम चरण में है। आवास विकास परिषद ने शुक्रवार को पूरे सेंट्रल मार्केट में मुनादी (घोषणा) कराकर व्यापारियों को अपनी दुकानें तुरंत खाली करने का निर्देश दिया। Meerut News के अनुसार, इस निर्देश के बाद व्यापारियों ने हड़ताल ख़त्म कर अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने 25 अक्टूबर को यह कार्रवाई करने की तिथि निर्धारित की है।READ  ALSO:-UP Pollution: गाजियाबाद का लोनी 'रेड जोन' में, AQI 313 पहुंचा, मेरठ-नोएडा की हवा भी 'खराब'
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नौ महीने बाद प्रशासन हुआ सक्रिय

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सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल मार्केट 661/6 पर बने इस व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को तीन महीने के भीतर खाली कराकर, दो सप्ताह में ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
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    अवैध निर्माण: यह कॉम्प्लेक्स आवासीय भूखंडों (Residential Plots) पर भू उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) करके निर्मित किया गया था।
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    अवमानना याचिका: नौ माह बीत जाने के बावजूद व्यापारियों ने दुकान से सामान नहीं हटाया था। इसके बाद याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का वाद दाखिल किया।
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    न्यायालय का नोटिस: अवमानना वाद पर सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव, आवास आयुक्त, जिलाधिकारी (DM), एसएसपी और आवास विकास के अधिकारियों के साथ-साथ उक्त कॉम्प्लेक्स के 22 व्यापारियों को भी नोटिस जारी किया था, जिसमें दो सप्ताह में जवाब मांगा गया था। इसी सुनवाई की तिथि 27 अक्टूबर को है।
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व्यापारियों ने खाली किया परिसर, अधिकारी मंथन में जुटे

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सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद पुलिस प्रशासन और आवास विकास परिषद ने 25 अक्टूबर की तारीख ध्वस्तीकरण के लिए निर्धारित की है, जिसके चलते शुक्रवार को सेंट्रल मार्केट में सरगर्मी बढ़ गई।
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    मुनादी: आरटीओ रोड स्थित पुलिस चौकी से सेंट्रल मार्केट 661/6, नई सड़क तिराहा और शास्त्रीनगर के सेक्टर दो व तीन तक भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मुनादी कराई गई।
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    दुकानें खाली: कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन अपनी दुकानें बंद रखीं और विचार-विमर्श के बाद परिसर खाली करने का निर्णय लिया। देर शाम 'अलंकार साड़ी', 'टाम एंड जैरी' और 'अरबन ठेका रेस्टोरेंट' जैसे प्रतिष्ठानों से सामान निकालकर कैंटर और छोटा हाथी में भरा जाने लगा।
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    अधिकारियों की तैयारी: ध्वस्तीकरण को लेकर आवास विकास परिषद के अधिकारियों का अवकाश रद्द कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता ने कार्रवाई के लिए सभी स्टाफ और प्रवर्तन दल को 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
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निजी फर्म को ठेका और सुरक्षा इंतज़ाम

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ध्वस्तीकरण की जटिल कार्रवाई के लिए परिषद ने एक निजी फर्म को ठेका दिया है।
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    नोडल अधिकारी: अधीक्षण अभिंयता राजीव कुमार ने निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद को नोडल अधिकारी नामित किया है।
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    सुरक्षा और रिकॉर्डिंग: अधिकारियों के अनुसार, परिसर खाली होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कार्रवाई की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी, और सुरक्षा के लिए कर्मचारियों के लिए 25 हेलमेट व जैकेट की व्यवस्था की गई है।
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    बिजली-पानी कनेक्शन: अधिकारियों ने नगर निगम और विद्युत नगरीय वितरण खंड को कॉम्प्लेक्स के बिजली, पानी और सीवर के कनेक्शन तुरंत काटने के लिए संपर्क किया है।
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निर्माण को ध्वस्त करने की चुनौती

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अधिकारियों का मानना है कि इस तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स के निर्माण में दो हॉरिजेंटल बीम मुख्य सड़क की ओर हैं। फ्रंट और सेट बैक पर हुए निर्माण को तोड़ना फर्म के लिए तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इन बीम के टूटने पर पूरी इमारत ढह सकती है। यह ध्वस्तीकरण अभियान मेरठ में अन्य अवैध भू उपयोग परिवर्तन निर्मित परिसरों के लिए एक कड़ी चेतावनी होगी।
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