मेरठ, 19 अप्रैल 2026 (रविवार): भगवान विष्णु के छठे अवतार, शस्त्र और शास्त्र के प्रणेता, चिरंजीवी भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर मेरठ महानगर में आस्था, भक्ति और सामाजिक एकजुटता का एक अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। युवा ब्राह्मण समाज संगठन ट्रस्ट, मेरठ के तत्वावधान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शिशु मंदिर (निकट रामलीला ग्राउंड) में एक अत्यंत भव्य 31 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस पुनीत अवसर पर जहाँ एक ओर वैदिक मंत्रों की गूंज से संपूर्ण वातावरण पवित्र हो उठा, वहीं दूसरी ओर ब्राह्मण समाज ने अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर एक सुर में हुंकार भरते हुए वर्तमान व्यवस्था और सरकार की नीतियों के खिलाफ भारी रोष प्रकट किया। यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ब्राह्मण समाज की राजनीतिक और सामाजिक चेतना का एक शक्तिशाली मंच बनकर उभरा।Read also:-मेरठ RTO का बड़ा एक्शन: वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर और हूटर लगाने वाले वर्कशॉप संचालकों पर लगेगा 1 लाख का भारी जुर्माना
\r\n\r\n\r\n\r\n
महायज्ञ का आध्यात्मिक स्वरूप और वैदिक मंत्रोच्चार
\r\n\r\nप्रातः काल की मंगल बेला में, जब सूर्य की प्रथम रश्मियों ने धरती को स्पर्श किया, तब 31 हवन कुंडों पर यजमानों ने अपना स्थान ग्रहण किया। पूर्ण विधि-विधान और सनातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए, मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम का आवाहन किया गया। यज्ञ की अग्नि प्रज्वलित होते ही संपूर्ण क्षेत्र हवन की पवित्र सुगंध से महक उठा।
\r\n\r\n 
इस अत्यंत महत्वपूर्ण हवन कार्यक्रम के मुख्य पुरोहित के रूप में भगवान जगन्नाथ मंदिर के वयोवृद्ध एवं विद्वान पुजारी श्री गणेश शर्मा जी उपस्थित रहे। उनके साथ बिलेश्वर महादेव मंदिर के आचार्य पंडित अभिषेक सबल और उनके सुयोग्य छात्रों ने संपूर्ण यज्ञ को शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराया। यजमानों ने समाज की सुख-शांति, समृद्धि और धर्म की रक्षा के लिए यज्ञ नारायण को आहुतियां समर्पित कीं। इस दौरान भगवान परशुराम के जीवन आदर्शों, उनके त्याग, तपस्या और अन्याय के विरुद्ध उनके संघर्ष को याद किया गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आयोजन समिति और प्रमुख समाजसेवियों की उपस्थिति
\r\n\r\nइस विशाल और सुव्यवस्थित कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों ने दिन-रात एक कर दिया था। आज के इस भव्य कार्यक्रम के मुख्य संयोजक की जिम्मेदारी अजय शर्मा (एल.आई.सी.) ने बखूबी निभाई। उनके साथ सह-संयोजक के रूप में आर.के. पचौरी और विकास शर्मा ने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया।
\r\n\r\n 
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य रूप से संगठन की स्थाई समिति के जितेंद्र गौतम, अजय शर्मा, मंडल अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष रंजन शर्मा और गणेश त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष राजीव नरहरि, सौरभ शर्मा, मंत्री पुनीत शर्मा, मंत्री सौरभ दिवाकर शर्मा, रवि मिश्रा, डॉक्टर प्रियंक शर्मा, ब्रह्मपुरी अध्यक्ष ललित शर्मा, राजू शर्मा, सुनील शर्मा, आदरणीय गिरीश पाराशर, कुलदीप कौशिक, और शैलेंद्र दीक्षित सहित सभी क्षेत्रीय समितियों के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ब्राह्मण भोज और विशाल भंडारे का आयोजन
\r\n\r\nहवन की पूर्णाहूति के उपरांत, सनातन धर्म की महान परंपरा 'ब्राह्मण भोज' का आयोजन किया गया। वैदिक ब्राह्मणों को ससम्मान भोजन कराकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया गया। तदोपरांत सभी उपस्थित यजमानों, अतिथियों और श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का शुभारंभ हुआ। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अत्यंत श्रद्धा भाव से भगवान का भोग प्रसाद ग्रहण किया। व्यवस्थापकों ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम में आए प्रत्येक श्रद्धालु को प्रसाद प्राप्त हो।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आस्था के बीच उभरा आक्रोश: परशुराम जयंती की छुट्टी रद्द होने पर बवाल
\r\n\r\nदोपहर होते-होते इस धार्मिक आयोजन ने एक सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का रूप ले लिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह और समुदाय के बीच एक गहरा असंतोष और अत्यधिक पीड़ा साफ दिखाई दे रही थी। यह आक्रोश मुख्य रूप से भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर होने वाले सार्वजनिक अवकाश को लेकर था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पूर्व की सरकारों द्वारा घोषित इस अवकाश को वर्तमान व्यवस्था द्वारा समाप्त किए जाने से समाज में भारी नाराजगी है। मंडल अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने भरे मंच से इस मुद्दे को उठाते हुए इसे 'संपूर्ण ब्राह्मण समाज का घोर अपमान' करार दिया। उन्होंने कहा, "भगवान परशुराम केवल एक जाति के नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज के आराध्य हैं। उनके जन्मोत्सव की छुट्टी को खत्म करना यह दर्शाता है कि हमारी आस्था को जानबूझकर चोट पहुंचाई जा रही है। समाज इस कृत्य को कभी माफ नहीं करेगा।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
सुप्रीम कोर्ट की अवमानना और यूजीसी (UGC) का मुद्दा: सरकार को अल्टीमेटम
\r\n\r\nकार्यक्रम के उपरांत संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने एक आपातकालीन वैचारिक बैठक की, जिसमें समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। संगठन के कद्दावर नेता जितेंद्र गौतम और मंत्री पुनीत शर्मा ने यूजीसी (UGC) के मुद्दे पर गंभीर चिंता और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद, देश और प्रदेश की कुछ यूनिवर्सिटी तथा मेडिकल कॉलेज अपने-अपने स्तर पर मनमाने तरीके से यूजीसी के नियमों को लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। नेताओं ने एक स्वर में कहा, "यह केवल निंदनीय ही नहीं है, बल्कि यह देश के सर्वोच्च न्यायालय की खुली अवमानना भी है। यह सब देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं सरकार के मौन संरक्षण में ब्राह्मण और सवर्ण विरोधी गतिविधियों को खाद-पानी दिया जा रहा है।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
सौरभ दिवाकर शर्मा, आर.के. पचौरी और ललित शर्मा ने भी अपने प्रखर विचार व्यक्त करते हुए यूजीसी के मनमाने रवैये का पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इन ब्राह्मण विरोधी गतिविधियों और शिक्षण संस्थानों की इस मनमानी पर शीघ्र अति शीघ्र अंकुश नहीं लगाया गया, तो ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतरकर मुखर आंदोलन करेगा। इतना ही नहीं, आगामी चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा और समाज अपने वोट की ताकत से इसका करारा जवाब देगा, जिसकी संपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारी वर्तमान सरकार और उनके नेताओं की होगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
राजेश शर्मा की अनुकरणीय पहल: 150 गज जमीन का महादान
\r\n\r\nइस आक्रोश और चेतावनियों के बीच, कार्यक्रम का समापन एक अत्यंत सकारात्मक और प्रेरक घटना के साथ हुआ। गंगा नगर क्षेत्र के अध्यक्ष श्री राजेश शर्मा ने समाज और धर्म के प्रति अपने अगाध समर्पण का परिचय देते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की।
\r\n\r\n\r\n\r\n
राजेश शर्मा जी ने अपने पैतृक गाँव कमालपुर (गढ़ रोड) में स्थित अपनी 150 गज की बहुमूल्य जमीन 'युवा ब्राह्मण समाज संगठन ट्रस्ट' को एक भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से दान में दे दी। उनके इस फैसले का वहां उपस्थित हजारों लोगों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
संगठन के पदाधिकारियों ने राजेश शर्मा जी का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर भावपूर्ण धन्यवाद किया। मंच से संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा, "आज के इस कलियुग में, जहाँ लोग एक-एक इंच जमीन के लिए न्यायालयों के चक्कर काटते हैं और भाइयों में खूनी संघर्ष तक हो जाते हैं, वहीं राजेश जी जैसे दानवीर लोग समाज के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं। उनका यह पुण्य कार्य यह सिद्ध करता है कि धर्म की रक्षा और समाज के उत्थान के लिए आज भी भागीरथ प्रयास करने वालों की कमी नहीं है।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
युवा ब्राह्मण समाज संगठन ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह 31 कुंडीय महायज्ञ न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना, बल्कि इसने सोए हुए समाज को झकझोर कर जगाने का कार्य भी किया है। भगवान परशुराम के फरसे की तरह ही समाज के नेताओं के विचार भी धारदार और स्पष्ट रहे। धर्म, कर्म और अधिकारों की लड़ाई का यह शंखनाद यह स्पष्ट करता है कि मेरठ का ब्राह्मण समाज अब अपनी किसी भी उपेक्षा को मूकदर्शक बनकर नहीं सहेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.