खबरीलाल विशेष रिपोर्ट: आम जनता की सहूलियत और गैस उपभोक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में सिटी गैस वितरण (CGD - City Gas Distribution) नेटवर्क की स्थापना और उससे जुड़ी समस्याओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गैस वितरण से जुड़ी तमाम अवस्थापना सुविधाओं के विकास, जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं की पहचान और उनके त्वरित निवारण पर गहन चर्चा की गई।READ ALSO:-मेरठ में धधक रहा सेंट्रल मार्केट का मुद्दा: सीलिंग के विरोध में महिलाओं का धरना 9वें दिन भी जारी, 53 'लापरवाह' अफसरों की कुर्की की मांग तेज
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों, पीएनजी (PNG) अधिकारियों और गैस एजेंसियों के संचालकों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि उपभोक्ताओं को बिना किसी देरी के रसोई गैस सुलभ हो सके। आइए, खबरीलाल (Khabreelal) की इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि गैस उपभोक्ताओं के लिए प्रशासन ने क्या-क्या नए नियम और निर्देश लागू किए हैं।
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1. 3 से 4 दिन के भीतर होगी LPG सिलेंडर की होम डिलीवरी

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बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा गैस सिलेंडरों की डिलीवरी में होने वाली देरी का रहा। अक्सर उपभोक्ताओं की यह शिकायत रहती है कि एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर बुक करने के कई दिनों बाद भी होम डिलीवरी नहीं होती है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इस समस्या पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सभी तेल कंपनियों (जैसे- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता द्वारा गैस रिफिल की बुकिंग किए जाने के मात्र तीन से चार दिन के भीतर हर हाल में सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जानी चाहिए। गैस वितरकों और एजेंसी संचालकों को भी ताकीद की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ग्राहकों के घर तक गैस पहुंचाएं, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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2. स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए एलपीजी की तत्काल आपूर्ति

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प्रशासन ने स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन (मिड-डे-मील) व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भी विशेष निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मिड-डे-मील योजना के तहत संचालित होने वाले सभी प्राथमिक विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में आवश्यकतानुसार एलपीजी गैस सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएं। तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि जैसे ही स्कूलों से गैस की मांग आए, उस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बिना किसी विलंब के सिलेंडर की आपूर्ति की जाए ताकि बच्चों का भोजन बनने में कोई रुकावट न आए।
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3. औद्योगिक और शादी समारोहों के लिए निर्बाध सप्लाई

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घरेलू और स्कूली गैस आपूर्ति के साथ-साथ व्यावसायिक जरूरतों का भी बैठक में ध्यान रखा गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित होने वाले औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी उनके कोटे के अनुसार समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, शादी-विवाह के वर्तमान और आगामी सीजन को देखते हुए, समारोहों के लिए एलपीजी की मांग के अनुरूप त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आयोजन में गैस की किल्लत का सामना न करना पड़े।
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4. PNG कनेक्शन है तो सरेंडर करना होगा LPG गैस कनेक्शन

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सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए प्रशासन ने एक और बड़ा फैसला लिया है। जिन उपभोक्ताओं ने अपने घरों में पीएनजी (PNG - Piped Natural Gas) का कनेक्शन ले लिया है, उनके लिए अब पुराना एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर कनेक्शन रखना नियमों के विरुद्ध होगा।
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जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के पास यदि एलपीजी कनेक्शन पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सरेंडर कराने की विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एलपीजी और पीएनजी कनेक्शनों के विवरण (डेटा) का आपस में मिलान (Data Matching) करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि खाली हुए एलपीजी कनेक्शनों को उन जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके, जिनके पास अभी तक गैस कनेक्शन नहीं है।
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5. गैस एजेंसियों पर प्रदर्शित होंगे अधिकारियों के मोबाइल नंबर

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अक्सर देखा जाता है कि जब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी या वितरक से कोई शिकायत होती है, तो उनकी सुनवाई नहीं होती और उन्हें संबंधित तेल कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने का जरिया नहीं पता होता।
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आम जनता की इस परेशानी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने पारदर्शिता बढ़ाने वाला एक अहम आदेश जारी किया है। सभी गैस एजेंसियों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी एजेंसी के नोटिस बोर्ड या बाहर दीवार पर संबंधित तेल कंपनी के विक्रय अधिकारियों (Sales Officers) के नाम और उनके मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से और स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित करें। इससे यदि किसी उपभोक्ता को गैस डिलीवरी या एजेंसी से जुड़ी कोई शिकायत है, तो वह सीधे उच्च अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकेगा।
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जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के ये कड़े निर्देश निश्चित रूप से जनपद के गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर आए हैं। समय पर होम डिलीवरी, पीएनजी-एलपीजी डेटा का मिलान और जवाबदेही तय करने से गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई और जनहित से जुड़े अन्य सभी महत्वपूर्ण फैसलों की सबसे तेज और प्रामाणिक अपडेट्स के लिए लगातार जुड़े रहें खबरीलाल (Khabreelal) न्यूज़ पोर्टल के साथ।
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