मेरठ, उत्तर प्रदेश — पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले रही है। मेरठ समेत 22 जिलों के अधिवक्ता 20 सितंबर को एक विशाल प्रदर्शन करने जा रहे हैं, जो इस मुद्दे पर अब तक का सबसे बड़ा दबाव होगा। यह कदम तब उठाया गया है जब वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।READ ALSO:-मेरठ को जाम से मिलेगी मुक्ति: बागपत रोड से रेलवे रोड को जोड़ेगी नई लिंक रोड, दिवाली तक काम पूरा होने का अनुमान
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संगठनों की एकजुटता
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हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति ने हाल ही में मेरठ कचहरी के नानक चंद सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और समिति के चेयरमैन संजय शर्मा ने की, जबकि महामंत्री राजेंद्र सिंह राणा ने इसका संचालन किया। बैठक में सभी राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों ने खुलकर अपना समर्थन दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह केवल वकीलों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का मुद्दा बन गया है।
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व्यापक राजनीतिक समर्थन
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इस आंदोलन को समाज के हर वर्ग से समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने पत्र भेजकर समर्थन जताया। भाजपा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महानगर जिलाध्यक्ष विवेक रस्तौगी ने भी फोन पर अपना समर्थन दिया। इसके अलावा, विधायक अमित अग्रवाल, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आदील चौधरी और अंकित शर्मा, तथा बसपा के सुभाष प्रधान जैसे प्रमुख नेताओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया या अपना समर्थन दिया।
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जनता से जुड़ा है मुद्दा
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समिति का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ वकीलों का नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा से जुड़ा है। पश्चिमी यूपी के लोगों को न्याय पाने के लिए इलाहाबाद तक की लंबी और खर्चीली यात्रा करनी पड़ती है। एक स्थानीय बेंच की स्थापना से समय और धन दोनों की बचत होगी और न्याय तक पहुँच आसान हो जाएगी। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी संगठनों से सहयोग की अपील की गई है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
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