सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण कार विस्फोट (Delhi Car Explosion) ने राष्ट्रीय राजधानी को दहला दिया। इस दहशतगर्द घटना ने जहां पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया, वहीं इसने उत्तर प्रदेश के दो परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। विस्फोट में शामली (Shamli) के एक युवा दुकानदार नोमान (Noman) और मेरठ (Meerut) के ई-रिक्शा चालक मोहसिन (Mohsin) की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नोमान का चचेरा भाई अमन गंभीर रूप से घायल है।READ ALSO:-दिल्ली ब्लास्ट ने अमरोहा के दो दोस्तों को छीना: अस्पताल में रिश्तेदार से मिलकर लौटे खाद व्यापारी लोकेश, कफन में मिली बॉडी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शामली के नोमान: सामान खरीदने गए और फिर लौटे नहीं

\r\n\r\n
शामली जिले के झिंझाना कस्बे के मोहल्ला मनिहारान निवासी 22 वर्षीय नोमान अंसारी अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह कस्बे में कॉस्मेटिक की एक छोटी सी दुकान चलाते थे। सोमवार को साप्ताहिक बाजार बंदी के कारण नोमान अपने चचेरे भाई अमन (कैराना निवासी) के साथ थोक का सामान खरीदने दिल्ली के सदर बाजार गए थे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
खरीदारी पूरी करने के बाद, जब दोनों लाल किला के पास पार्किंग से निकल रहे थे, तभी एक तेज धमाके ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर ही नोमान की मौत हो गई, जबकि अमन गंभीर रूप से घायल हो गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
नोमान के घर मंगलवार सुबह दिल्ली से आई दुखद सूचना ने पूरे परिवार में कोहराम मचा दिया। नोमान अपने बूढ़े माता-पिता, किडनी के मरीज बड़े भाई और चार बहनों का सहारा थे। उनके मामा ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ के मोहसिन: दो बच्चों का सहारा छिन गया

\r\n\r\n
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के न्यू इस्लामनगर निवासी मोहसिन (32 वर्षीय) अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए करीब दो साल पहले अपनी पत्नी सुल्ताना और दो बच्चों के साथ दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में किराए के मकान में रहने लगे थे। वह दिल्ली में ई-रिक्शा चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सोमवार शाम को, मोहसिन अपनी रोजमर्रा की तरह ई-रिक्शा चला रहे थे और लाल किला इलाके में एक कार विस्फोट की चपेट में आ गए। विस्फोट इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शव को लेकर भी हुआ हृदय विदारक दृश्य

\r\n\r\n
मोहसिन के शव को लेकर उनके परिवार और पत्नी के बीच विवाद की स्थिति बन गई, जिसने दुःख की इस घड़ी को और भी गमगीन बना दिया। मोहसिन के भाई ने बताया कि तीन घंटे की तलाश के बाद उन्हें मोहसिन का शव मिला, जिसे वे पोस्टमॉर्टम कराकर मेरठ ला रहे थे। लेकिन दिल्ली में रह रही उनकी पत्नी सुल्ताना ने इसका विरोध किया और शव को दिल्ली वापस लाने की जिद में गाड़ी के आगे लेट गईं। इस हृदय विदारक स्थिति के चलते पुलिस को फिलहाल मोहसिन के शव को सौंपने से इनकार करना पड़ा और सुल्ताना को शांत करने के प्रयास किए गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आतंकवाद का साया और जाँच एजेंसियां

\r\n\r\n
लाल किला के पास हुए इस विस्फोट के बाद, दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और मामले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। शुरुआती जाँच में इसे 'फिदायीन हमला' (Suicide Attack) माना जा रहा है, और जाँच एजेंसियां इसके तार फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जोड़ रही हैं। इस हमले में मारे गए लोगों में नोमान और मोहसिन जैसे मेहनतकश लोग शामिल थे, जो अपनी रोज़ी-रोटी के लिए दिल्ली आए थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
दिल्ली विस्फोट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकवाद का शिकार आम लोग ही होते हैं। नोमान और मोहसिन के परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार से पर्याप्त मुआवजा और सहायता की उम्मीद है
विज्ञापन
विज्ञापन