मेरठ: मेरठ के सबसे बड़े अस्पताल, लाला लाजपत राय मेमोरियल (LLRM) मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं के खिलाफ बुधवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मरीजों को हो रही परेशानियों और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के विरोध में छात्र नेता विनीत चपराना ने कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय तक 'दंडवत' यात्रा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सही इलाज न मिलने और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण लगातार मरीजों की मौत हो रही है, लेकिन प्रबंधन इस पर आंखें मूंदे बैठा है।READ ALSO:-दिल्ली अब 'सिर्फ 55 मिनट' दूर: मेरठ से मोदीपुरम तक 21 KM का 'नमो मेट्रो' ट्रैक तैयार, एक ही लाइन पर दौड़ेगी 'नमो' और 'मेरठ' मेट्रो
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क्यों निकाला गया यह अनोखा विरोध?
\r\n\r\nछात्र नेता ने इस सांकेतिक विरोध के माध्यम से अस्पताल की कई प्रमुख समस्याओं को उजागर किया। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं:
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- \r\n एक बेड पर दो मरीज: इमरजेंसी और अन्य वार्डों में मरीजों को एक ही बेड पर दो-दो लिटाने की अमानवीय प्रथा को तुरंत बंद किया जाए।\r\n \r\n
- \r\n दवाओं की उपलब्धता: अस्पताल में जरूरी दवाओं की कमी को दूर करके उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।\r\n \r\n
- \r\n डायलिसिस मशीनें: खराब पड़ी तीनों डायलिसिस मशीनों को तुरंत ठीक कराया जाए, जिससे मरीजों को परेशानी न हो।\r\n \r\n
- \r\n साफ-सफाई: परिसर में जलभराव और गंदगी के कारण फैल रहे संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए परिसर की पूरी तरह से साफ-सफाई कराई जाए।\r\n \r\n

24 घंटे का अल्टीमेटम: नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
\r\n\r\nविरोध प्रदर्शन के बाद विनीत चपराना ने कहा कि यह सिर्फ एक चेतावनी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह सैकड़ों छात्रों के साथ दोबारा एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
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अस्पताल प्रशासन का क्या है कहना?
\r\n\r\nइस मामले पर सीएमओ अशोक कटारिया ने अपनी सफाई दी। उन्होंने माना कि मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आए मरीजों को बेड न होने का बहाना देकर वापस भेजना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य हर मरीज को इलाज देना है, और फिलहाल स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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Sabse pehle comment karne wale banein.