मेरठ (सलावा): उत्तर प्रदेश की सियासत में हर छोटा-बड़ा इशारा मायने रखता है और जब यह इशारा खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की तरफ से हो, तो उसके सियासी मायने निकाले जाने तय हैं। मेरठ के सलावा में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान एक ऐसा ही वाकया हुआ, जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री योगी ने सरधना के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम (Sangeet Som) को सार्वजनिक रूप से पीछे हटने का इशारा किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।READ ALSO:-मेरठ में बवाल: 2000 साल पुरानी मजार क्षतिग्रस्त, CM योगी के शहर में होते हुए किसने की यह हरकत? पुलिस ने बताया- 'नाला निर्माण की गलती'
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यह घटना सिर्फ एक प्रोटोकॉल का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक संदेश छिपा है, इसको लेकर भाजपा के भीतर और बाहर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। आइए, आपको विस्तार से बताते हैं कि आखिर वहां क्या हुआ था।
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क्या हुआ निरीक्षण के दौरान?
\r\n\r\nतारीख: 25 जनवरी, 2026 स्थान: मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, सलावा (मेरठ)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को मेरठ पहुंचे थे। उनका मुख्य उद्देश्य सलावा में बन रहे देश के पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का जायजा लेना था। वे अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट के मॉडल का मुआयना कर रहे थे।
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वीडियो में क्या दिखा? वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री मॉडल को देख रहे हैं। उनके ठीक दाईं ओर (बराबर में) पूर्व विधायक संगीत सोम खड़े हैं। तभी मुख्यमंत्री अपनी नजरें घुमाते हैं और अपना दायां हाथ थोड़ा उठाकर संगीत सोम की तरफ इशारा करते हैं। उनके होठों की हरकत से और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, उन्होंने कहा, "मंत्री जी को आगे आने दीजिए।"
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nजनपद मेरठ में पत्रकार बंधुओं से वार्ता... https://t.co/WG1OMIyVYH
\r\n— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 22, 2026
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जैसे ही सीएम का इशारा हुआ, संगीत सोम तुरंत पीछे हट गए। इसके बाद सीएम के पीछे खड़े राज्यमंत्री दिनेश खटीक आगे आए और मुख्यमंत्री के बराबर में खड़े हो गए। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद कैमरों में कैद हो गया और कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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संगीत सोम: विवादों से पुराना नाता
\r\n\r\nसंगीत सोम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का एक बड़ा और फायरब्रांड चेहरा माने जाते हैं। हालांकि, विवादों से उनका चोली-दामन का साथ रहा है।
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- \r\n सीओ को धमकी का आरोप: इसी कार्यक्रम में पहुंचने के दौरान का उनका एक और वीडियो सामने आया था। इसमें वे अपनी सिक्योरिटी रोके जाने पर पुलिस से नाराज दिख रहे थे। उन पर एक सीओ (Circle Officer) को कथित तौर पर धमकी देने का आरोप लगा है, जिसका वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है।\r\n \r\n
- \r\n हार के बाद भी रूतबा: 2022 के विधानसभा चुनाव में संगीत सोम सरधना सीट से हार गए थे, लेकिन क्षेत्र में उनका रूतबा और पार्टी में उनकी सक्रियता कम नहीं हुई है। वे अक्सर अपनी बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं।\r\n \r\n
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सियासी मायने: प्रोटोकॉल या संदेश?
\r\n\r\nमुख्यमंत्री के इस इशारे के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं:
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1. प्रोटोकॉल का पालन: सबसे सीधा मतलब यह निकाला जा रहा है कि सीएम योगी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने वाले नेता हैं। किसी भी सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के बाद मंत्रियों का स्थान होता है। चूंकि दिनेश खटीक राज्यमंत्री हैं और संगीत सोम फिलहाल पूर्व विधायक हैं, इसलिए सीएम ने प्रोटोकॉल के तहत मंत्री को आगे किया। यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
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2. ' कद ' का अहसास: राजनीतिक पंडितों का एक वर्ग इसे संगीत सोम के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देख रहा है। यह इशारा हो सकता है कि पार्टी और सरकार में 'कद' पद से तय होता है, सिर्फ रूतबे से नहीं। चुनाव हारने के बाद भी अगर कोई नेता खुद को मंत्री से ऊपर दिखाने की कोशिश करेगा, तो उसे उसकी जगह बताई जा सकती है।
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3. पश्चिमी यूपी में संतुलन: दिनेश खटीक पश्चिमी यूपी से आते हैं और दलित समुदाय के बड़े नेता हैं। वहीं, संगीत सोम ठाकुर समुदाय से हैं। सीएम का यह कदम क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। यह संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि सरकार में सभी वर्गों और उनके प्रतिनिधियों को उचित सम्मान मिलेगा।
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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
\r\n\r\nवीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। विपक्ष इसे भाजपा के अंदरूनी कलह के रूप में पेश कर रहा है।
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- \r\n समाजवादी पार्टी (SP): सपा समर्थक इस वीडियो को शेयर कर तंज कस रहे हैं कि भाजपा में 'ठाकुरवाद' के खिलाफ आवाज उठने लगी है या फिर यह नेताओं के बीच की गुटबाजी का नतीजा है।\r\n \r\n
- \r\n भाजपा समर्थक: भाजपा के समर्थक इसे सीएम योगी की अनुशासनप्रियता और प्रोटोकॉल के प्रति गंभीरता का उदाहरण बता रहे हैं।\r\n \r\n
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मेरठ में हुआ यह छोटा सा वाकया कई बड़े सवाल छोड़ गया है। क्या यह वाकई सिर्फ प्रोटोकॉल था या फिर सीएम योगी ने इशारों-इशारों में पश्चिमी यूपी की सियासत को एक नया संदेश दिया है? संगीत सोम जैसे कद्दावर नेता के लिए यह असहज स्थिति जरूर थी, लेकिन सार्वजनिक मंच पर सीएम का यह रुख बताता है कि वे अनुशासन और मर्यादा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं हैं।
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आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना का भाजपा की आंतरिक राजनीति और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, सलावा का खेल मैदान राजनीति के खेल का अखाड़ा बन गया है।
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मेरठ में खेल यूनिवर्सिटी के निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने पूर्व विधायक संगीत सोम को पीछे हटने का इशारा किया ताकि राज्यमंत्री दिनेश खटीक आगे आ सकें। प्रोटोकॉल से जुड़ी इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं गर्म हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.