मेरठ: आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को मेरठ की धरती से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया। एक तरफ उन्होंने समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को अपनी 'मासूम छोटी बहन' बताकर उनके सम्मान में खड़े होने का ऐलान किया, तो दूसरी तरफ गैंगस्टर बदर अली और उसके करीब 2000 मुस्लिम समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाकर एक बड़ा सियासी संदेश दिया।READ ALSO:-मेरठ में दिवाली पर नहीं लगेगा जाम! ट्रैफिक पुलिस का 'महाप्लान' लागू, इन 11 'हॉटस्पॉट' पर 24 घंटे रहेगी पुलिस की नजर
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यह पूरा घटनाक्रम मेरठ में आयोजित आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान हुआ, जहाँ चंद्रशेखर ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में सरकार पर निशाना साधा और भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय कर दी।
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'इकरा मेरी मासूम बहन, बयानबाजी गलत'
\r\n\r\nचंद्रशेखर ने हाल ही में सहारनपुर में भावुक हुईं सपा सांसद इकरा हसन का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा, "इकरा हसन मेरी मासूम छोटी बहन हैं। मैं उसके साथ खड़ा हूं। उसके खिलाफ जो भी अपमानजनक बयानबाजी हुई है, वह सरासर गलत है। इस तरह की भाषा का हम कभी समर्थन नहीं करते। सरकार और पुलिस को ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।"
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बता दें कि इकरा हसन ने बुधवार को आरोप लगाया था कि भाजपा के पूर्व सांसद ने उन्हें 'मुल्ली' और 'आतंकी' कहा, जो उनके लिए बेहद पीड़ादायक था। चंद्रशेखर का यह बयान विपक्षी खेमे में एक नई एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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गैंगस्टर बदर अली की ASP में एंट्री
\r\n\r\nसम्मेलन का सबसे चौंकाने वाला पहलू गैंगस्टर बदर अली की आजाद समाज पार्टी में एंट्री थी। बदर अली पर गैंगस्टर एक्ट समेत 22 मुकदमे दर्ज हैं और उसका एक आपराधिक इतिहास रहा है। 2019 में बिना अनुमति जुलूस निकालने पर उस पर दंगा भड़काने का भी आरोप लगा था। चंद्रशेखर ने मंच से बदर अली और उसके 2000 मुस्लिम समर्थकों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट की चाह में बदर अली ने ASP का दामन थामा है।
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मिशन 'दलित-मुस्लिम' गठजोड़: बसपा के समीकरण पर नजर
\r\n\r\nचंद्रशेखर का यह कदम सीधे तौर पर पश्चिमी यूपी में बसपा के उस सफल दलित-मुस्लिम समीकरण में सेंधमारी की एक बड़ी कोशिश है, जिसके दम पर मायावती ने कई चुनाव जीते। आजाद समाज पार्टी अब उसी फॉर्मूले को अपनी जीत का आधार बनाना चाहती है।
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- \r\n युवा मुस्लिम वोटर पर फोकस: ASP का मानना है कि दलित युवाओं का एक बड़ा हिस्सा उनके साथ है। अब पार्टी मुस्लिम युवाओं को अपने साथ जोड़कर इस गठजोड़ को मजबूत करना चाहती है। बदर अली जैसे चेहरों को शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि मुस्लिम युवाओं को पार्टी से जोड़ा जा सके।\r\n \r\n
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चंद्रशेखर के भाषण की बड़ी बातें:
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- \r\n "आजादी मांगने से नहीं, छीनने से मिलती है। मेरठ की धरती इसकी गवाह है।"\r\n \r\n
- \r\n "आज यूपी में ऐसा माहौल है कि सुबह घर से निकलो तो शाम को वापस आओगे, इसकी कोई गारंटी नहीं। सरकार में खाकी के हाथ भी कमजोर हैं।"\r\n \r\n
- \r\n "कोई नेता सरकार से गरीबों की बात नहीं करना चाहता। आज की गुलामी के खिलाफ हमें मिलजुलकर आगे बढ़ना होगा।"\r\n \r\n
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इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर को नीली पगड़ी पहनाई और चुनाव चिन्ह 'केतली' भेंट की। चंद्रशेखर का यह कार्यक्रम स्पष्ट रूप से पश्चिमी यूपी में उनकी बढ़ती महत्वाकांक्षा और एक नए राजनीतिक समीकरण को जन्म देने की कोशिश को दर्शाता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.