देहरादून/मेरठ: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां जहां एक ओर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं, वहीं पहाड़ी रास्तों पर होने वाली जरा सी चूक पल भर में जिंदगी लील लेती है। ऐसा ही एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र में सामने आया है। वीकेंड की छुट्टियां मनाने और पहाड़ों की सैर करने के लिए उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर से निकले 5 दोस्तों का सफर एक भयानक त्रासदी में बदल गया।READ ALSO:-सड़क केवल वाहनों की नहीं, पैदल यात्रियों की भी है: ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर दें प्राथमिकता, आपकी एक अच्छी आदत बचा सकती है अनमोल जान
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देहरादून के साहिया-क्वानू मोटर मार्ग पर कलेथा गांव के पास उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में मेरठ निवासी दो होनहार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके तीन अन्य दोस्त (जो बिजनौर के रहने वाले हैं) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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शाम 5 बजे का वह मनहूस पल: अनियंत्रित होकर खाई में समाई हुंडई i20
\r\n\r\nजानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 5 युवक एक हुंडई i20 कार (पंजीकरण संख्या: UP15 DB 8712) में सवार होकर चकराता के दर्शनीय स्थलों की ओर जा रहे थे। यह सभी दोस्त अपनी यात्रा का आनंद ले रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत उनके सफर में घात लगाए बैठी है।
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रविवार शाम करीब 5 बजे, जब उनकी कार साहिया-क्वानू मोटर मार्ग से गुजर रही थी, तभी कलेथा के पास एक तीखे मोड़ पर चालक ने कार से अपना नियंत्रण खो दिया। कार सड़क किनारे बने पैरापिट को तोड़ती हुई सीधे 100 मीटर गहरी और पथरीली खाई में जा गिरी। खाई में गिरते समय कार कई बार पलटी, जिससे उसके परखच्चे उड़ गए।
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\r\n\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों का खौफनाक मंजर: "हमने अचानक जोर की आवाज सुनी। जब तक हम समझ पाते कि क्या हुआ है, कार खाई में लुढ़कती हुई नीचे जा चुकी थी। वहां से बचाओ-बचाओ की चीखें आ रही थीं। हम लोग तुरंत अपना काम छोड़कर खाई की तरफ भागे।" - एक स्थानीय ग्रामीण।\r\n
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चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, शुरू हुआ महा-रेस्क्यू
\r\n\r\nहादसे की तेज आवाज और खाई से आती घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए। बिना एक पल की देरी किए ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने ही अपनी सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल पुलिस, प्रशासन और 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को इस भीषण हादसे की सूचना दी।
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सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंचीं:
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- \r\n कालसी थाना पुलिस\r\n \r\n
- \r\n चकराता थाना पुलिस\r\n \r\n
- \r\n स्थानीय तहसील के कर्मचारी\r\n \r\n
- \r\n डाकपत्थर से फायर सर्विस (अग्निशमन विभाग) की रेस्क्यू टीम\r\n \r\n
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100 मीटर नीचे खाई में उतरना नहीं था आसान
\r\n\r\nपुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से खाई में उतरने का फैसला किया। 100 मीटर की गहराई, खड़ी ढलान और पथरीले रास्ते के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रस्सियों और स्ट्रेचर के सहारे बचाव दल नीचे पहुंचा। क्षतिग्रस्त कार के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए कार के दरवाजों को काटना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद सभी पांचों युवकों को बाहर निकाला गया और सड़क तक लाया गया।
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हादसे के शिकार युवाओं का विवरण
\r\n\r\nरेस्क्यू के बाद पुलिस ने मृतकों और घायलों की शिनाख्त की। हादसे में मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित सैनिक विहार के रहने वाले दो युवकों ने दम तोड़ दिया, जबकि बिजनौर के तीन युवक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
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मृतकों की सूची (निवासी: सैनिक विहार, कंकरखेड़ा, मेरठ):
\r\n\r\n| \r\n नाम \r\n | \r\n \r\n उम्र \r\n | \r\n \r\n पिता का नाम \r\n | \r\n \r\n स्थिति \r\n | \r\n
|---|---|---|---|
| \r\n शैंकी पंवार \r\n | \r\n \r\n 24 वर्ष \r\n | \r\n \r\n श्री राजेश पंवार \r\n | \r\n \r\n मृतक \r\n | \r\n
| \r\n ऋषभ \r\n | \r\n \r\n - \r\n | \r\n \r\n - \r\n | \r\n \r\n मृतक \r\n | \r\n
गंभीर रूप से घायलों की सूची (निवासी: जनपद बिजनौर, यूपी):
\r\n\r\n| \r\n नाम \r\n | \r\n \r\n उम्र \r\n | \r\n \r\n पिता का नाम \r\n | \r\n \r\n मूल निवास \r\n | \r\n \r\n स्थिति \r\n | \r\n
|---|---|---|---|---|
| \r\n विशू शर्मा \r\n | \r\n \r\n 21 वर्ष \r\n | \r\n \r\n श्री डिंपल शर्मा \r\n | \r\n \r\n शिवाला कलां, बिजनौर \r\n | \r\n \r\n गंभीर रूप से घायल \r\n | \r\n
| \r\n भुवन शर्मा \r\n | \r\n \r\n 22 वर्ष \r\n | \r\n \r\n श्री जागेश \r\n | \r\n \r\n नूरपुर, बिजनौर \r\n | \r\n \r\n गंभीर रूप से घायल \r\n | \r\n
| \r\n प्रशांत सिंह \r\n | \r\n \r\n 25 वर्ष \r\n | \r\n \r\n श्री अजय सिंह \r\n | \r\n \r\n किरतपुर, बिजनौर \r\n | \r\n \r\n गंभीर रूप से घायल \r\n | \r\n
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया में चल रहा है घायलों का इलाज
\r\n\r\nखाई से निकालने के बाद सभी घायलों को तुरंत 108 एम्बुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) साहिया भेजा गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उनका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों (विशू, भुवन और प्रशांत) को सिर, सीने और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए देहरादून के बड़े अस्पताल में रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
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पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी (शवगृह) भेज दिया है।
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मेरठ और बिजनौर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
\r\n\r\nजैसे ही इस दर्दनाक हादसे की मनहूस खबर उत्तराखंड पुलिस के माध्यम से मेरठ और बिजनौर में युवकों के परिजनों तक पहुंची, दोनों ही जिलों में कोहराम मच गया। मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित सैनिक विहार कॉलोनी में शैंकी और ऋषभ के घर पर मातम पसर गया। जो माता-पिता अपने बच्चों के वापस लौटने का इंतजार कर रहे थे, उन्हें जब उनकी मौत की खबर मिली तो वे बेसुध हो गए। परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बिजनौर में भी घायल युवकों के परिवार वाले तुरंत देहरादून के लिए रवाना हो गए हैं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
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पहाड़ों पर ड्राइविंग: जरा सी चूक और बड़ा नुकसान
\r\n\r\nयह दर्दनाक हादसा एक बार फिर मैदानी इलाकों से पहाड़ों पर जाने वाले पर्यटकों के लिए एक गंभीर चेतावनी लेकर आया है। पहाड़ों के रास्तों पर ड्राइविंग करना मैदानी इलाकों की तुलना में काफी अलग और जोखिम भरा होता है। तीखे मोड़, संकरी सड़कें और गहरी खाइयां हमेशा अलर्ट रहने की मांग करती हैं।
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पहाड़ों पर सुरक्षित यात्रा के लिए कुछ अहम सुझाव:
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- \r\n गति पर नियंत्रण: पहाड़ी रास्तों पर हमेशा अपनी गाड़ी की गति धीमी रखें। तीखे मोड़ों पर ओवरस्पीडिंग जानलेवा साबित हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n ओवरटेकिंग से बचें: पहाड़ों पर कभी भी जल्दबाजी में ओवरटेक करने का प्रयास न करें, खासकर मोड़ों (Blind curves) पर।\r\n \r\n
- \r\n सही गियर का प्रयोग: ढलान पर उतरते समय गाड़ी को हमेशा छोटे गियर (1st या 2nd) में रखें, ताकि ब्रेक पर कम दबाव पड़े।\r\n \r\n
- \r\n रात के सफर से बचें: अगर बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ों पर रात के समय ड्राइविंग करने से पूरी तरह बचना चाहिए।\r\n \r\n
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फिलहाल, पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ, या चालक को नींद की झपकी आ गई थी। इस दुखद घटना ने न सिर्फ पांच परिवारों को गहरा घाव दिया है, बल्कि पूरी इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी यात्राओं के दौरान पूरी सावधानी बरतें।
Sabse pehle comment karne wale banein.