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मेरठ: मेरठ की दक्षिण विधानसभा में स्थित अब्दुल्लाह रेजीडेंसी पर मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर की शिकायत के बाद जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर कॉलोनी में हुए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई को लेकर इलाके में हड़कंप मच गया और यह संदेश गया कि प्रशासन किसी भी तरह की धांधली को बर्दाश्त नहीं करेगा।READ ALSO:-मेरठ को जाम से मिलेगी निजात: बच्चा पार्क से सदर तहसील तक बनेगी एलिवेटेड रोड, संशोधित डिजाइन पर शुरू हुआ सर्वे
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 Meerut: Illegal Construction at Abdullah Residency Demolished, Case Filed Against Owners

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राज्यमंत्री की शिकायत, DM ने बनाई थी तीन सदस्यीय टीम
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दरअसल, डॉ. सोमेंद्र तोमर ने आरोप लगाया था कि हापुड़ रोड पर बन रही इस कॉलोनी में हिंदू समाज के लोगों को जानबूझकर प्लॉट नहीं दिए जा रहे हैं। इस गंभीर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम डॉ. वीके सिंह ने एसडीएम सदर डॉ. दीक्षा जोशी, सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद की एक जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी को सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच करने का निर्देश दिया गया था।
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नक्शे में नहीं था 300 वर्ग मीटर का अवैध कब्जा
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जांच कमेटी ने जब कॉलोनी की पैमाइश की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कॉलोनी का मानचित्र 22 हजार वर्ग मीटर का पास हुआ था, लेकिन बिल्डरों ने करीब 300 वर्ग मीटर अतिरिक्त सरकारी जमीन पर कब्जा कर बाउंड्रीवॉल बना ली थी। जांच टीम के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यह केवल शुरुआती कार्रवाई है।
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बिल्डर के खिलाफ मुकदमा, अन्य बिंदुओं पर भी जांच जारी
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इस मामले में आवास विकास परिषद के जेई संदीप कुमार ने रेजीडेंसी के मालिक जावेद इकबाल और महेंद्र गुप्ता के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और अतिक्रमण करने का मुकदमा भी दर्ज कराया है। डीएम ने कहा है कि अवैध निर्माण के अलावा, मंत्री की शिकायत के अन्य बिंदुओं (जैसे सांप्रदायिक आधार पर भूखंड न देना) की भी जांच की जा रही है। हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही ने मांग की है कि ऐसी सभी कॉलोनियों की जांच होनी चाहिए। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून का उल्लंघन कर अवैध निर्माण करते हैं।
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