श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान बिजनौर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ-साथ जनसेवा की भी मिसाल पेश कर रही है। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को थाना हल्दौर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कांवड़ मार्ग से बिछड़ी 10 वर्षीय बच्ची को महज कुछ ही देर में सकुशल ढूंढ निकाला। पुलिस की इस मानवीय पहल के बाद बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।READ ALSO:-आस्था, सम्मान और सेवा का अद्भुत संगम: मेरठ के बेगम पुल पर बेगम पुल व्यापार संघ ने विशाल कांवड़ का किया नागरिक अभिनंदन, शिवभक्तों को पिलाई शीतल शिकंजी
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कांवड़ शिविर में अचानक गायब हुई 10 वर्षीय मासूम
\r\n\r\nजनपद बुलंदशहर के रहरा गांव निवासी राजू और उनकी पत्नी प्रेमा देवी अपने परिवार के साथ कांवड़ यात्रा पर निकले थे। शनिवार को यह परिवार नहटौर-पैजनिया रोड स्थित एक कांवड़ शिविर में ठहरा हुआ था। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच उनकी 10 वर्षीय बेटी रिया अचानक ओझल हो गई।
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\r\n\r\nकाफी देर तक बच्ची का कोई अता-पता न चलने पर माता-पिता बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने आसपास के क्षेत्र में काफी खोजबीन की, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण बालिका कहीं नजर नहीं आई। इसके बाद घबराई हुई मां ने तुरंत गश्त कर रही पुलिस टीम से मदद मांगी।
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\r\n\r\nबिजनौर पुलिस का त्वरित एक्शन और तलाश अभियान
\r\n\r\nमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात बिजनौर पुलिस के उप-निरीक्षक शेर सिंह और आरक्षी रुस्तम पंवार ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने बच्ची का हुलिया नोट किया और आसपास के सभी पिकेट्स को सतर्क कर दिया।
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\r\n\r\nइसके साथ ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए नहटौर-पैजनिया और आसपास के संपर्क मार्गों पर सघन चेकिंग और पेट्रोलिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों की इस मुस्तैदी के कारण खोजबीन अभियान तेजी से आगे बढ़ा।
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पैजनिया-चांदपुर रोड से सकुशल मिली बालिका
\r\n\r\nसघन तलाशी अभियान का सकारात्मक परिणाम जल्द ही देखने को मिला। गश्त के दौरान बिजनौर पुलिस के जवानों ने पैजनिया-चांदपुर रोड के पास 10 वर्षीय रिया को अकेले भटकते हुए देखा।
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पुलिसकर्मियों ने तत्काल बच्ची को अपने संरक्षण में लिया, उसे पानी पिलाया और ढांढस बंधाकर सुरक्षित महसूस कराया। बच्ची पूरी तरह सुरक्षित और ठीक हालत में पाई गई, जिससे पुलिस टीम ने भी राहत की सांस ली।
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लाडली को सही-सलामत देख छलके परिजनों के आंसू
\r\n\r\nबालिका को सकुशल बरामद करने के बाद बिजनौर पुलिस टीम उसे तुरंत कांवड़ शिविर में मौजूद उसके परिजनों के पास ले गई। अपनी खोई हुई बेटी को आंखों के सामने सही-सलामत देखकर माता-पिता भावुक हो गए और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।
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कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता, मुस्तैदी और मानवीय सेवा की खुले दिल से प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया।
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श्रद्धालुओं के लिए बिजनौर पुलिस का विशेष संदेश
\r\n\r\nइस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। इसके साथ ही बिजनौर पुलिस ने कांवड़ यात्रा में आ रहे श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
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प्रशासन ने सलाह दी है कि बच्चों की जेब में नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखी पर्ची जरूर रखें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पास के पुलिस पिकेट, 112 नंबर या स्थानीय पुलिस थाने से संपर्क करें।
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श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान हुई यह घटना बिजनौर पुलिस के मानवीय और सेवाभावी चेहरे को उजागर करती है। पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से न केवल एक मासूम बच्ची सुरक्षित अपने परिवार से मिली, बल्कि आम जनमानस में खाकी के प्रति विश्वास और सम्मान भी और अधिक मजबूत हुआ है।



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