मेरठ (विशेष संवाददाता): सत्ता का नशा जब सिर चढ़कर बोलता है, तो कानून, नियम और इंसानियत सब बौने नजर आने लगते हैं। मेरठ की सड़कों पर शुक्रवार को इसका एक जीता-जागता उदाहरण तब देखने को मिला, जब कसीनो कांड से चर्चित हुए होटल हारमनी इन के मालिक नवीन अरोड़ा के बेटे कपिश अरोड़ा ने अपनी लग्जरी कार के गुरूर में एक अधिवक्ता को न सिर्फ टक्कर मारी, बल्कि बीच सड़क पर उसे बेरहमी से पीटकर अपने 'बाप' की ताकत का परिचय भी दे दिया।READ ALSO:-मेरठ हत्याकांड में सबसे बड़ा ट्विस्ट: गोली मारने वाला बोला- "कत्ल दोस्त ने किया, मुझसे तो लाश पर गोलियां चलवाकर REEL बनवाई थी"
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सड़क पर 'संग्राम', वर्दी पर 'समझौता'
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यह घटना किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है। एक तरफ कानून का रखवाला एक सामान्य अधिवक्ता विनीत भड़ाना अपनी स्कूटी पर था, तो दूसरी तरफ एक रसूखदार पिता का बेटा कपिश अरोड़ा अपनी महंगी कार में। कमिश्नरी पार्क के पास मामूली टक्कर के बाद कपिश का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उसने कार से उतरकर विनीत का कॉलर पकड़ा और ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी अपनी हैसियत की धौंस दिखाई। इस एकतरफा हमले में अधिवक्ता के कपड़े तार-तार हो गए और शरीर पर चोटें आईं।
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लेकिन असली खेल तो थाने के अंदर शुरू हुआ। पीड़ित अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पीछे-पीछे आरोपी के पिता नवीन अरोड़ा अपने पूरे लाव-लश्कर और राजनीतिक रसूख की ढाल लेकर पहुंच गए। थाने में फोन की घंटियां घनघनाने लगीं, बड़े-बड़े लोगों के नाम का जिक्र होने लगा और देखते ही देखते कानून के रखवाले यानी पुलिस मूकदर्शक बन गई। जिस मामले में FIR दर्ज होनी चाहिए थी, वहां पीड़ित पर 'समझौते' का दबाव बनाया गया और कुछ ही घंटों में रईसजादा बेटा पिता के साथ शान से घर लौट गया।
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विवादों की विरासत: बाप भी कम नहीं
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कपिश अरोड़ा की यह हरकत कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह उस विरासत का हिस्सा है जो उसके पिता नवीन अरोड़ा ने बनाई है। आइए नजर डालते हैं नवीन अरोड़ा के विवादित अतीत पर:
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    जब होटल में चलता था 'कसीनो': यह अक्टूबर 2024 की ही बात है जब तत्कालीन एसएसपी ने गुप्त सूचना पर नवीन अरोड़ा के होटल हारमनी इन पर छापा मारा था। अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी दंग रह गई थी। वहां दिल्ली-हरियाणा तक के अमीरजादे जुए की महफिल सजाए बैठे थे। पुलिस ने 6 युवतियों समेत 21 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें नवीन अरोड़ा भी थे। तब भी रात में राजनीतिक दबाव के चलते सबको छोड़ दिया गया था, लेकिन मामला मीडिया में आने और शासन की सख्ती के बाद अगले दिन गिरफ्तारी हुई थी।
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    होटल पर कब्जे का आरोप: इससे पहले, अगस्त 2023 में एक कारोबारी ने नवीन अरोड़ा पर अपने होटल को हड़पने और कब्जा करने का संगीन आरोप लगाया था, जिसने कई दिनों तक सुर्खियां बटोरी थीं।
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बेटे की ताजा करतूत ने इन सभी पुरानी फाइलों को फिर से खोल दिया है। थाने में मौजूद लोगों ने जब नवीन अरोड़ा को देखकर "कसीनो कांड" और "जैसा बाप, वैसा बेटा" जैसे तंज कसे, तो यह साफ हो गया कि जनता की नजर में उनकी छवि क्या है। यह घटना एक सवाल छोड़ जाती है - क्या कानून हमेशा रसूखदारों की चौखट पर आकर यूं ही दम तोड़ देगा?
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