रोहटा। मेरठ-करनाल हाईवे (NH-709) पर स्थित भूनी टोल प्लाजा अब एक नई शुरुआत के लिए तैयार है। एक महीने पहले एक सेना के जवान के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कार्रवाई करते हुए पुरानी कंपनी का ठेका रद्द कर दिया है। अब सूर्या इंटरनेशनल नामक एक नई कंपनी ने टोल का कार्यभार संभाल लिया है। यह बदलाव केवल प्रबंधन का नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था की उम्मीद का भी है।READ ALSO:-मेरठ के व्यापारियों का 'रात 12 बजे तक' बाजार खोलने की मांग: मंत्री से बोले- 'पुलिस जबरन कराती है बंदी'
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कैसे बदला गया ठेकेदार?
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टोल प्लाजा के संचालन में यह बड़ा बदलाव 17 अगस्त को हुई एक घटना के बाद हुआ। गांव गोटका निवासी सेना के जवान कपिल के साथ टोल कर्मचारियों ने न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उसे पोल से बांधकर मारपीट भी की। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने अगले दिन जमकर हंगामा किया और टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए, एनएचएआई ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तत्कालीन टोल संचालक मैसर्स धर्मसिंह का ठेका निरस्त कर दिया। इतना ही नहीं, कंपनी पर 20 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया और उसकी 3.7 करोड़ रुपये की धरोहर राशि भी जब्त कर ली गई, जिससे कंपनी को कुल मिलाकर करोड़ों का नुकसान हुआ।
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नई कंपनी और लोगों की उम्मीदें
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मैसर्स धर्मसिंह का ठेका निरस्त होने के बाद एनएचएआई ने नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित कीं। इसमें सूर्या इंटरनेशनल ने 12 करोड़ 77 लाख 95 हजार रुपये की बोली लगाकर तीन महीने के लिए टोल वसूली का ठेका हासिल किया। बुधवार से नई कंपनी ने आधिकारिक तौर पर काम शुरू कर दिया है।
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स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नई कंपनी के आने से टोल प्लाजा की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और पुरानी 'गुंडागर्दी' से मुक्ति मिलेगी। बताया जा रहा है कि नई कंपनी ने सभी कर्मचारियों को बाहर से नियुक्त किया है ताकि स्थानीय विवादों से बचा जा सके। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि यह नई व्यवस्था यात्रियों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।
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