मेरठ, बुधवार। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड पर मेरठ नगर निगम का किराया और लाइसेंस शुल्क न चुकाने का गंभीर आरोप लगा है। एक नागरिक की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन कर दिया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।READ ALSO:-दादरी कांड पर मेरठ में बवाल: गुर्जरों ने जेल घेरने की कोशिश की, पुलिस से हुई नोकझोंक; सपा विधायक ने की मुलाकात, बीजेपी विधायक ने बताई 'साजिश''
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यह मामला शहर में लगे मोबाइल टावरों और ओवरहेड ऑप्टिकल फाइबर के लिए लगाए गए एरियल पोलों से जुड़ा है।
\r\n\r\nक्या हैं आरोप?
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\r\n\r\nसोहराबगेट निवासी श्री एल.के. खुराना ने नगर निगम को एक पत्र लिखकर यह शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि रिलायंस जियो ने वर्ष 2013 से अब तक शहर में स्थापित किए गए अपने मोबाइल टावरों और ऑप्टिकल फाइबर के लिए लगाए गए पोलों का निर्धारित किराया और लाइसेंस शुल्क नगर निगम कोष में जमा नहीं किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।READ ALSO:-मेरठ में सड़क की चौड़ाई पर छिड़ा विवाद: जनता बोली- 7 मीटर नहीं, 14 मीटर चाहिए रास्ता!
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नगर आयुक्त ने बनाई तीन सदस्यीय जांच समिति
\r\n\r\nशिकायत की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से एक जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:
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- \r\n अध्यक्ष: श्रीमती लवी त्रिपाठी (अपर नगर आयुक्त)\r\n \r\n
- \r\n सदस्य: श्री अमित भार्गव (मुख्य नगर लेखा परीक्षक)\r\n \r\n
- \r\n सदस्य: श्री कृष्ण बिहारी पाठक (लेखाधिकारी)\r\n \r\n
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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
\r\n\r\nनगर निगम प्रशासन ने समिति को पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में कंपनी पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो रिलायंस जियो से बकाया राशि की वसूली के साथ-साथ नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी।