खबरीलाल डेस्क

मेरठ में राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के कार्यालय के नीचे हुई गुंडागर्दी और युवक से नाक रगड़वाने के वायरल वीडियो के मुख्य आरोपी विकल चपराना ने अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook पर एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। विकल चपराना ने स्वीकार किया कि उन्होंने आक्रोश में आकर अपशब्दों का प्रयोग किया, लेकिन नाक रगड़वाने या गाड़ी तोड़ने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दावा किया है कि राजनीतिक हित साधने के लिए वीडियो को आधा काट कर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

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मंत्री के नाम पर दबंगई का आरोप

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यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विकल चपराना एक युवक, सत्यम रस्तोगी जी, को धमकाते हुए और कथित तौर पर मंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर माफी मांगने के लिए मजबूर करते दिख रहे थे। UP Police ने वीडियो वायरल होने के बाद विकल चपराना को गिरफ्तार कर लिया था।

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विकल चपराना ने दी सफाई और मांगी माफी

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विकल चपराना ने अपने जारी किए गए वीडियो में विस्तार से अपनी बात रखी है:

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जबरदस्ती के आरोप का खंडन: उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से जबरदस्ती नाक रगड़कर माफी मांगने के लिए नहीं कहा था।

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असली विवाद: विकल चपराना के अनुसार, झगड़ा सत्यम रस्तोगी जी और किसी अन्य व्यक्ति के बीच हुआ था। जब सत्यम रस्तोगी जी ने बीच-बचाव के दौरान माननीय मंत्री जी और उनके परिवार के बारे में 'भला-बुरा कहा', तब उन्हें गुस्सा आया।

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माफी की मांग का कारण: विकल चपराना ने कहा कि उन्होंने रस्तोगी जी से केवल इस बात की सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा था कि उन्होंने मंत्री जी के बारे में सार्वजनिक रूप से गलत टिप्पणी क्यों की।

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गाड़ी तोड़ने का आरोप गलत: उन्होंने खुद या अपने साथियों द्वारा रस्तोगी जी की गाड़ी तोड़ने या छूने के आरोप को पूरी तरह निराधार बताया है, और इस पर प्रशासन से जांच कराने को कहा है।

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माफी: विकल चपराना ने आक्रोश में मुंह से निकले अपशब्दों के लिए सत्यम रस्तोगी जी, अपने समर्थकों और पूरे समाज से दिल से क्षमा माँगी है।

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वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश करने का दावा

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विकल चपराना का दावा है कि वायरल वीडियो एक अधूरी क्लिप है।

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राजनीतिक इस्तेमाल: उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो का वह हिस्सा जिसमें दूसरा युवक शराब के नशे में गालियाँ दे रहा था, उसे हटा दिया गया है। केवल विकल चपराना के गुस्से वाले हिस्से को आधा काटकर 'राजनीतिक बकरे' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि अन्य राजनीतिक पार्टियाँ अपना हित साध सकें।

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मंत्री का बचाव: उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि माननीय राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर का इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।

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पुलिस को सूचना: विकल चपराना ने यह भी दावा किया कि जिस दिन की घटना है, उस दिन जब सत्यम रस्तोगी को पुलिस थाने ले गई थी, तो उन्होंने खुद थाने पहुंचकर रस्तोगी जी को छुड़वाया था और दीपावली पर उनका त्योहार खराब नहीं होने देना चाहते थे।

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निष्पक्ष जांच की मांग

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इस वीडियो के सामने आने के बाद मेरठ पुलिस पर दबाव बढ़ गया है कि वह वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई सामने लाए। विकल चपराना ने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि यह पता चल सके कि विवाद किसने शुरू किया और किसने मंत्री जी पर टिप्पणी की। यह मामला अब केवल गुंडागर्दी का नहीं, बल्कि राजनीतिक दुर्भावना और तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का भी बन गया है।