खबरीलाल डेस्क
मेरठ/दौराला: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में दौराला रोड क्षेत्र उस समय रणभूमि में तब्दील हो गया, जब एक रेस्टोरेंट में आई कुछ किशोरियों के साथ छेड़छाड़ की घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे, बेल्टें और धारदार हथियार चले। दोनों तरफ से हुए भारी पथराव में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।Read also:-मेरठ में 'खूनी ईद': कब्रिस्तान के पास जुए की फड़ पर बिछी लाशें, ग्राम प्रधान के दो सगे भाइयों की धारदार हथियारों से निर्मम हत्या, छावनी में तब्दील हुआ गांव
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घटना की शुरुआत: पिज्जा खाने पहुंची थीं किशोरियां

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईद के त्योहार के मौके पर शहर में चहल-पहल थी। इसी दौरान दौराला रोड स्थित एक नामी रेस्टोरेंट में कुछ किशोरियां पिज्जा खाने और जश्न मनाने के उद्देश्य से पहुंची थीं। आरोप है कि जब किशोरियां रेस्टोरेंट में बैठी थीं, तभी वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों और संचालक पक्ष से जुड़े युवकों ने उन पर फब्तियां कसना शुरू कर दिया। शुरुआत में किशोरियों ने इसे नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन जब युवकों की अश्लील हरकतें और टिप्पणियां बढ़ने लगीं, तो किशोरियों ने इसका कड़ा विरोध किया।
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विरोध करने पर हुई बदसलूकी और मारपीट

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लड़कियों द्वारा विरोध किए जाने पर रेस्टोरेंट का स्टाफ और वहां मौजूद युवक भड़क गए। आरोप है कि माफ़ी मांगने के बजाय युवकों ने किशोरियों के साथ ही अभद्रता और मारपीट शुरू कर दी। लड़कियों के साथ बदसलूकी होते देख वहां मौजूद कुछ अन्य ग्राहकों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन विवाद थामने के बजाय और उग्र हो गया। किशोरियों ने तुरंत फोन करके अपने परिजनों और परिचितों को घटना की जानकारी दी।
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परिजनों के पहुंचते ही भड़का गुस्सा, रणभूमि बना रेस्टोरेंट

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जैसे ही लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की सूचना उनके परिजनों को मिली, उनके परिवार के लोग और भारी संख्या में समर्थक रेस्टोरेंट पहुंच गए। लड़कियों की हालत और उनके साथ हुई बदसलूकी के बारे में सुनकर परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने रेस्टोरेंट संचालक और वहां मौजूद कर्मचारियों से जवाब-तलब किया। बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
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कुछ ही मिनटों में इस बहस ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों तरफ से फोन कॉल्स के जरिए और लोगों को बुला लिया गया। चूंकि दोनों पक्ष अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखते थे, इसलिए इस विवाद ने तुरंत ही दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया।
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चले लाठी-डंडे और धारदार हथियार, जमकर हुआ पथराव

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रेस्टोरेंट के अंदर और बाहर का दृश्य बेहद खौफनाक था। दोनों पक्षों के युवाओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और यहां तक कि धारदार हथियारों से हमला कर दिया। रेस्टोरेंट का फर्नीचर तोड़ दिया गया और शीशे चकनाचूर कर दिए गए। इसके बाद सड़क पर भारी पथराव शुरू हो गया।
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दौराला रोड जो अमूमन व्यस्त रहता है, वहां अचानक मची इस भगदड़ से राहगीरों में दहशत फैल गई। लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। आसपास के दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। इस खूनी संघर्ष में कई युवकों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है, जिन्हें बाद में पुलिस और परिजनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
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दूसरे पक्ष (रेस्टोरेंट संचालक) का क्या है दावा?

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इस पूरे मामले में रेस्टोरेंट संचालक और दूसरे पक्ष का अपना अलग ही दावा है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि कुछ युवक जबरन और बिना अनुमति के रेस्टोरेंट में घुसने का प्रयास कर रहे थे। जब रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने उन्हें रोका और नियम का हवाला दिया, तो उन युवकों ने दबंगई दिखाते हुए कर्मचारियों पर हमला कर दिया।
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संचालक पक्ष का कहना है कि किशोरियों से छेड़छाड़ की बात पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है, जिसे केवल रेस्टोरेंट में की गई तोड़फोड़ और हमले को सही ठहराने के लिए गढ़ा गया है। उनका आरोप है कि हमलावरों ने पूरी योजना के तहत भीड़ बुलाई और रेस्टोरेंट में लूटपाट व तोड़फोड़ करने के इरादे से पथराव किया।
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पुलिस की मुस्तैदी: सूचना मिलते ही दौड़ी फोर्स

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दौराला रोड पर दो समुदायों के बीच बवाल और पथराव की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूम की सूचना पर स्थानीय थाने की फोर्स के साथ-साथ आसपास के थानों की पुलिस और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को तुरंत मौके की ओर रवाना किया गया।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। आला अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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सीसीटीवी और डीवीआर (DVR) से खुलेगा सच

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पुलिस इस मामले में किसी भी पक्ष के दावों पर आंख मूंदकर विश्वास करने के मूड में नहीं है। घटना की असलियत जानने और दोषियों की पहचान करने के लिए पुलिस ने सबसे पहले रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को अपने कब्जे में ले लिया है।
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अधिकारियों का कहना है कि डीवीआर की फुटेज से यह बिल्कुल साफ हो जाएगा कि घटना की शुरुआत कैसे हुई, क्या वास्तव में किशोरियों के साथ अश्लील हरकतें की गईं, या फिर दूसरे पक्ष का दावा सही है कि कुछ लोगों ने जबरन घुसने की कोशिश की। इसके अलावा आसपास की दुकानों और सड़क पर लगे स्मार्ट सिटी के कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि पथराव और हथियारों का इस्तेमाल करने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा सके।
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पुलिस की सख्त कार्रवाई: कई हिरासत में, एफआईआर की तैयारी

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इस गंभीर मामले में पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया है। घटनास्थल से पुलिस ने बवाल काट रहे आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। इन सभी से थाने में सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किशोरियों की तरफ से मिलने वाली तहरीर (शिकायत) के आधार पर छेड़छाड़, मारपीट, बलवा और जानलेवा हमले की गंभीर धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज किया जाएगा।
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पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सांप्रदायिक सौहार्द खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। जो भी लोग इस हिंसक झड़प और पथराव में शामिल पाए जाएंगे, उनकी पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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इलाके में तनावपूर्ण शांति, फ्लैग मार्च

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इस घटना के बाद दौराला रोड और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त (फ्लैग मार्च) कर रहे हैं ताकि कोई शरारती तत्व फिर से माहौल को खराब न कर सके।
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सोशल मीडिया पर नजर और पुलिस की अपील

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चूंकि मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा है, इसलिए पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स/ट्विटर) पर भी पैनी नजर रख रही है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। किसी भी भ्रामक जानकारी या भड़काऊ वीडियो को बिना पुष्टि किए आगे फॉरवर्ड न करें। अगर कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ साइबर सेल के माध्यम से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मेरठ के दौराला रोड की यह घटना एक बार फिर से सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाती है। साथ ही यह भी दिखाती है कि कैसे एक छोटी सी घटना, उग्र रूप लेकर दो समुदायों के बीच बड़े बवाल का कारण बन सकती है। फिलहाल पूरे शहर की निगाहें पुलिस की जांच और डीवीआर की फुटेज पर टिकी हैं। सच जो भी हो, लेकिन कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। उम्मीद है कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर जल्द ही असली दोषियों को बेनकाब करेगी और उन्हें कड़ी सजा दिलाएगी।