खबरीलाल डेस्क
मेरठ (Smart City News Desk): उत्तर प्रदेश की 'स्पोर्ट्स सिटी' और ऐतिहासिक नगरी मेरठ अब परिवहन के क्षेत्र में दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों को कड़ी टक्कर दे रही है। शहर में 'नमो भारत' (Namo Bharat) रैपिड रेल और 'मेरठ मेट्रो' (Meerut Metro) के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा तो विश्वस्तरीय हो गई है, लेकिन यात्रियों के मन में एक सवाल हमेशा रहता था कि स्टेशन उतरने के बाद वे अपने घर, कॉलेज या दफ्तर तक आसानी से कैसे पहुंचेंगे?READ ALSO:-आम आदमी को बड़ी राहत: खाड़ी देशों में भारी तनाव के बावजूद भारत में नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत, सरकार ने किया 'फुल सप्लाई' का वादा
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इसी समस्या को जड़ से खत्म करने और यात्रियों को 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' (Last Mile Connectivity) का बेहतरीन तोहफा देने के लिए मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज (Meerut City Transport Services) ने आज (गुरुवार) से अपनी नई कार्ययोजना को जमीन पर उतार दिया है। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूट पर आज से 10 नई और आधुनिक सिटी बसों का संचालन विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है।
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क्यों खास है यह नया सिटी बस रूट?

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यह नया बस रूट कोई आम रूट नहीं है; इसे शहर के 'एजुकेशन हब', प्रशासनिक केंद्रों और प्रमुख बाजारों को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए एक 'मास्टरप्लान' के तहत डिजाइन किया गया है। अब साकेत चौराहे, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU), और मेरठ कॉलेज जैसे प्रमुख स्थानों से छात्र और आम नागरिक सीधे वातानुकूलित और सुरक्षित बस पकड़कर बेगमपुल स्थित 'नमो भारत-मेट्रो स्टेशन' तक बिना किसी ऑटो बदलने के झंझट के पहुंच सकेंगे।
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मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के डिपो प्रभारी सचिन ने बताया कि इन 10 नई सिटी बसों का संचालन शहर की परिवहन व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह रूट इस तरह से तैयार किया गया है कि शहर के लगभग हर प्रमुख हिस्से का नागरिक इसका लाभ उठा सके।
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डिटेल में जानिए: क्या होगा इन 10 नई सिटी बसों का 'पूरा रूट मैप'

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यात्रियों की सुगमता के लिए इस बस रूट को एक वृत्ताकार (Circular Loop) के रूप में तैयार किया गया है। यह बस शहर के एक छोर से शुरू होकर मुख्य बाजारों और कॉलेजों से होते हुए मेट्रो स्टेशन तक जाएगी और फिर दूसरे रास्ते से वापस आएगी।
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चरण 1: मेडिकल कॉलेज से बेगमपुल मेट्रो स्टेशन तक का सफर

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    बस अपनी यात्रा शहर के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र मेडिकल कॉलेज (Medical College) से प्रारंभ करेगी।
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    यहां से आगे बढ़ते हुए यह शहर के सबसे व्यस्त तेजगढ़ी चौराहे को पार करेगी और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के मुख्य द्वार तक पहुंचेगी।
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    इसके बाद छात्रों और मरीजों की सुविधा के लिए यह बस लोकप्रिय अस्पताल, छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज और जेलचुंगी चौराहे को कवर करेगी।
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    आगे का सफर तय करते हुए बस आईटीआई कॉलेज (ITI College), एसआईसी साकेत चौराहा, और कैलाश प्रकाश स्टेडियम से होकर गुजरेगी।
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    इसके बाद बस शहर के प्रशासनिक हब यानी कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचेगी। यहां से मेरठ कॉलेज, बीएसएनएल ऑफिस (BSNL Office), और ऐतिहासिक लालकुर्ती होते हुए अपने प्रमुख गंतव्य बेगमपुल (नमो भारत-मेट्रो स्टेशन) पर जाकर रुकेगी।
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चरण 2: बेगमपुल से वापस मेडिकल कॉलेज की ओर (वापसी का रूट)

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    स्टेशन से सवारियां लेकर यह बस वापसी में शहर के दूसरे प्रमुख व्यावसायिक हिस्सों को कवर करेगी।
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    बेगमपुल से निकलकर यह बस जीआईसी (GIC), बच्चा पार्क, और ईव्ज (Eves) चौराहा जाएगी।
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    इसके बाद शहर के घने ट्रैफिक वाले इलाके इंदिरा चौक, हापुड़ अड्डा, सोहराब गेट, और नई सड़क होते हुए तेजगढ़ी पहुंचेगी।
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    अंत में यह बस वापस मेडिकल कॉलेज पर आकर अपना एक पूरा चक्र (Round) समाप्त करेगी।
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(विशेष नोट: इससे ठीक पहले, परिवहन विभाग ने मेडिकल कॉलेज से हापुड़ अड्डा होते हुए बेगमपुल तक 10 अन्य सिटी बसों का संचालन शुरू किया था। आज शुरू हुई 10 बसें इस बेड़े में एक अतिरिक्त और बेहद अहम विस्तार हैं।)
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किराया सूची (Fare Details): ऑटो-ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम

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शहर में सार्वजनिक परिवहन न होने के कारण अब तक यात्रियों को प्राइवेट ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी का शिकार होना पड़ता था, जो थोड़ी सी दूरी के लिए भी भारी किराया वसूलते थे। लेकिन अब सिटी ट्रांसपोर्ट ने यात्रियों की जेब का पूरा ख्याल रखा है:
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    मात्र ₹10 का जादुई किराया: यदि कोई छात्र या यात्री साकेत चौराहे से बस में सवार होकर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) तक जाता है, तो उसे अपनी जेब से सिर्फ और सिर्फ 10 रुपये खर्च करने होंगे।
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    ₹20 में लंबी दूरी का सफर: यदि आप साकेत चौराहे से बेगमपुल (मेट्रो स्टेशन) जाने का विचार कर रहे हैं या साकेत से मेडिकल कॉलेज तक की लंबी दूरी तय करना चाहते हैं, तो आपको मात्र 20 रुपये का किफायती किराया देना होगा।
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गर्मी और प्रदूषण से बचकर एक सुरक्षित सफर के लिए यह किराया किसी भी प्राइवेट वाहन के मुकाबले न केवल सस्ता है, बल्कि आरामदायक भी है।
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अलर्ट और सुविधा: सुबह से रात तक अनवरत चलेगी सेवा

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अक्सर देर शाम के बाद बाजारों या स्टेशन से घर लौटने वाले यात्रियों (विशेषकर महिलाओं) को सुरक्षित वाहन नहीं मिलते हैं। डिपो प्रभारी सचिन ने इस समस्या को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि इन 10 नई सिटी बसों का संचालन सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर रात 10:00 बजे तक लगातार किया जाएगा। सुबह जल्दी कॉलेज, कोचिंग या दफ्तर जाने वाले लोगों और रात में दिल्ली/गाजियाबाद से नमो भारत ट्रेन के जरिए बेगमपुल उतरने वाले दैनिक यात्रियों को इस 16 घंटे की लंबी सेवा का भरपूर लाभ मिलेगा।
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इन 4 वर्गों के लिए 'वरदान' साबित होगी यह सिटी बस सेवा

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    हजारों छात्र-छात्राएं: यह नया रूट सही मायनों में एक 'एजुकेशनल कॉरिडोर' है। सीसीएसयू (CCSU), मेरठ कॉलेज, छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई (ITI) में पढ़ने वाले हजारों छात्रों को अब महंगे ऑटो के बजाय 10-20 रुपये में एक सुरक्षित और सम्मानजनक सफर मिलेगा।
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    कचहरी और प्रशासनिक कार्यों वाले नागरिक: पूरे जिले भर से ग्रामीण और शहरी लोग रोजाना अपने मुकदमों और प्रशासनिक कामों के लिए कचहरी, कलक्ट्रेट और कमिश्नरी आते हैं। यह बस रूट सीधे कमिश्नरी चौराहे को कवर करता है, जिससे इन लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
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    मरीज और उनके तीमारदार: मेडिकल कॉलेज और लोकप्रिय अस्पताल जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थानों तक सीधी और सस्ती पहुंच होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी राहत मिलेगी।
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    मेट्रो और नमो भारत के यात्री (Multi-modal Transport): इस योजना का सबसे शानदार पहलू 'मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी' है। सोचिए, कोई व्यक्ति मोदीपुरम (Modipuram) या परतापुर (Partapur) से मेरठ मेट्रो या नमो भारत ट्रेन पकड़ता है। वह चंद मिनटों में बेगमपुल स्टेशन पर उतरेगा और स्टेशन से बाहर आते ही उसे कचहरी, सीसीएसयू या मेडिकल जाने के लिए यह सिटी बस तैयार मिलेगी। यह व्यवस्था शहरों में परिवहन को पूरी तरह से 'स्मूथ' बना देगी।
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मेरठ शहर में आज से दौड़ीं ये 10 नई सिटी बसें केवल वाहन नहीं, बल्कि महानगर के सुव्यवस्थित भविष्य की एक तस्वीर हैं। एक तरफ जहां इनसे लोगों की जेब का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर मुख्य सड़कों पर बेतरतीब दौड़ने वाले प्राइवेट वाहनों की संख्या में भी कमी आएगी। इसके परिणामस्वरूप शहर में जाम की समस्या (Traffic Jam) सुलझेगी और प्रदूषण के स्तर में भी भारी गिरावट देखने को मिलेगी। मेरठ सच में अब एक रफ्तार भरा और 'स्मार्ट महानगर' बन रहा है।