खबरीलाल डेस्क
श्रावण मास (सावन) की शुरुआत होते ही पूरा उत्तर भारत 'बम-बम भोले' के जयकारों से गूंज उठता है। कांवड़ यात्रा हिंदू धर्म के सबसे बड़े और पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों शिवभक्त (कांवड़िये) हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख से पवित्र गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर पैदल यात्रा करते हैं। इस पूरी यात्रा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला एक 'सेंट्रल हब' (मुख्य केंद्र) की भूमिका निभाता है। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी के अन्य जिलों में जाने वाले अधिकांश कांवड़िये मेरठ से होकर ही गुजरते हैं।READ ALSO:-यूपी STF का बिजनौर में बड़ा एक्शन: घर बैठे बना रहा था कई राज्यों के फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, नहटौर से इब्राहिम अंसारी गिरफ्तार
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कांवड़ियों के इस विशाल सैलाब की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आम जनता को भयंकर जाम से बचाने के लिए मेरठ के एसपी यातायात (SP Traffic) राजेश श्रीवास्तव ने परिवहन विभाग, आरएम रोडवेज, आरटीओ और प्राइवेट ट्रांसपोर्टर्स के साथ एक उच्च स्तरीय मैराथन बैठक की। इस बैठक के बाद प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 के लिए एक बेहद सख्त और विस्तृत 'महा-डायवर्जन प्लान' तैयार किया है। यह डायवर्जन 29 जुलाई की रात 12 बजे से शुरू होकर 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। अगर आप भी अगले कुछ दिनों में मेरठ या आसपास के हाईवे से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन से रास्ते खुले हैं और कौन से बंद।
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हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की 'नो-एंट्री': जानिए तिथिवार पूरा प्लान

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प्रशासन ने भारी वाहनों (ट्रक, डंपर, कमर्शियल बसें आदि) के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए सबसे सख्त कदम उठाए हैं। यातायात पुलिस के आधिकारिक आदेश के अनुसार, मार्गों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार किया गया है:
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    29 जुलाई (रात 12 बजे से): दिल्ली-रुड़की हाईवे (NH-58), खतौली से लेकर मुरादनगर तक गंगनहर पटरी और सबसे व्यस्त रहने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) पर सभी प्रकार के भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इन रास्तों पर कोई भी कमर्शियल भारी वाहन नहीं जा सकेगा।
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    2 अगस्त (हल्के वाहनों के लिए नया नियम): दो अगस्त से हरिद्वार से दिल्ली की ओर जाने वाली (हरिद्वार-दिल्ली लेन) सड़क पूरी तरह से सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित (Reserve) कर दी जाएगी। वहीं, दिल्ली से हरिद्वार जाने वाली दूसरी लेन को 'टू-वे' (Two-way) कर दिया जाएगा, जिस पर केवल कार, जीप और दुपहिया जैसे हल्के वाहन ही दोनों तरफ आ-जा सकेंगे।
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    5 अगस्त (हल्के वाहन भी बैन): सावन के मुख्य दिनों में कांवड़ियों की भीड़ अपने चरम पर होती है। इस स्थिति को देखते हुए 5 अगस्त से इन सभी प्रमुख मार्गों (दिल्ली-रुड़की हाईवे और एक्सप्रेसवे) पर हल्के वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
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राहत की बात: भारी वाहनों को पूरी तरह से रोका नहीं गया है, बल्कि उनके रास्ते बदले गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) और निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर भारी वाहनों का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।
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मेरठ शहर के अंदर प्रवेश का समय और आवश्यक सेवाओं के लिए खास 'पास'

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शहर के अंदर भी ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। ऐसे में शहरवासियों की दिनचर्या ज्यादा प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:
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    शहर में एंट्री का 'नाइट स्लॉट': बाहर से आने वाले या शहर से गुजरने वाले भारी ट्रकों को दिन में शहर के अंदर घुसने की बिल्कुल मनाही होगी। इन वाहनों को केवल आधी रात 1:00 बजे से लेकर तड़के 3:00 बजे तक (महज 2 घंटे) शहर के बाहरी और कांवड़ मार्ग को छोड़कर अन्य सुरक्षित मार्गों से प्रवेश दिया जाएगा।
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    इमरजेंसी सेवाओं को ग्रीन सिग्नल: स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे ऊपर है। इसलिए किसी भी एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड (दमकल गाड़ियां) या पुलिस-प्रशासन के वाहनों को किसी भी मार्ग पर नहीं रोका जाएगा।
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    रोजमर्रा की चीजों के लिए 'कांवड़ स्टीकर पास': दूध, ताजी फल-सब्जियां, दवाइयां और अन्य अति-आवश्यक खाद्य सामग्री की सप्लाई करने वाले कमर्शियल वाहनों को छूट दी जाएगी। लेकिन इसके लिए वाहन मालिकों को संबंधित विभाग से एक विशेष 'कांवड़ स्टीकर पास' बनवाना होगा, जिसे गाड़ी के शीशे पर चस्पा करना अनिवार्य होगा।
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    सिटी बस सेवा ठप: मेरठ शहर के अंदर चलने वाली 'सिटी बस सेवा' को 29 जुलाई की सुबह 8:00 बजे से कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
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रोडवेज बसों के संचालन में आमूल-चूल बदलाव: भैंसाली बस अड्डा हुआ शिफ्ट

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कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को होती है जो सार्वजनिक परिवहन (Roadways) पर निर्भर हैं। आरएम रोडवेज ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ रूट पर पड़ने वाले भैंसाली बस अड्डे का संचालन पूरी तरह से सोहराब गेट बस अड्डे से किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न शहरों की ओर जाने वाली बसों के नए रूट इस प्रकार तय किए गए हैं:
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1. दिल्ली/गाजियाबाद से मेरठ रूट

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दिल्ली और गाजियाबाद से मेरठ आने वाली रोडवेज बसें अब सीधे हाईवे से नहीं आ सकेंगी। ये बसें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से होते हुए भोजपुर कट से नीचे उतरेंगी। वहां से हापुड़ होते हुए चौकी साईलो-3, फिर टियाला अंडरपास से किठौर के रास्ते सोहराबगेट बस अड्डे पहुंचेंगी। वापसी के समय भी दिल्ली जाने के लिए इसी लंबे रूट का इस्तेमाल किया जाएगा।
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2. हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, देहरादून रूट

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मेरठ से उत्तराखंड और वेस्ट यूपी के इन प्रमुख शहरों की ओर जाने वाली बसें सोहराबगेट बस अड्डे से चलेंगी। ये बसें तेजगढ़ी चौराहा, जेलचुंगी चौराहा, बीएनजी स्कूल कट से गंगानगर होते हुए मवाना पहुंचेंगी। मवाना से बहसूमा होकर मीरापुर (मुजफ्फरनगर की तरफ) और वाया बिजनौर होकर हरिद्वार और देहरादून की तरफ प्रस्थान करेंगी।
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3. बागपत, बड़ौत और शामली रूट

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    बागपत: बागपत की तरफ से आने-जाने वाली सभी रोडवेज बसें NH-58 बागपत बाईपास से ही संचालित की जाएंगी।
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    बड़ौत: बड़ौत से आने-जाने वाली रोडवेज और सभी निजी बसों का संचालन NH-58 रोहटा बाईपास से सुनिश्चित किया जाएगा।
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    शामली: शामली रूट की बसें कंकरखेड़ा बाईपास (NH-58) से होकर गुजरेंगी।
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प्राइवेट बसों (डग्गामार) के लिए नए अस्थाई स्टैंड

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प्राइवेट बसों और छोटे यात्री वाहनों के कारण शहर में अक्सर जाम लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए प्राइवेट बसों के स्टैंड भी शहर के बाहरी हिस्सों में शिफ्ट कर दिए गए हैं:
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    गंगानगर शिफ्टिंग: मवाना बस अड्डा और बेगमपुल स्थित अम्बाला बस स्टैंड से चलने वाली सभी प्राइवेट बसें अब अस्थाई तौर पर थाना गंगानगर के पास से संचालित की जाएंगी।
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    हापुड़-बुलंदशहर रूट: हापुड़ और बुलंदशहर की दिशा में जाने वाली प्राइवेट बसें अब एल-ब्लॉक चौकी से मिलेंगी।
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    किला परीक्षितगढ़ रूट: किला परीक्षितगढ़ की ओर जाने वाली सभी प्राइवेट बसों का संचालन अब चौकी यादगारपुर (वसंत विहार, किला रोड) से किया जाएगा।
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प्रशासन की अपील: कांवड़ यात्रा एक आस्था का महापर्व है, और प्रशासन का यह पूरा प्रयास है कि न तो शिवभक्तों को कोई कष्ट हो और न ही आम जनता को। यातायात पुलिस ने सभी नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे 29 जुलाई से 12 अगस्त तक यात्रा करने से पहले इस डायवर्जन प्लान का भली-भांति अध्ययन कर लें। लंबी दूरी की यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें और चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपकी थोड़ी सी समझदारी और सहयोग इस महा-आयोजन को सफल बनाने में बड़ा योगदान देगी।