खबरीलाल डेस्क
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इंदिरा नगर इलाके में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना से लगाया जा सकता है। यहां बुधवार देर रात एक 24 वर्षीय युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक एक निजी कंपनी में रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करता था। लखनऊ में रिकवरी एजेंट की हत्या (Recovery Agent Murder in Lucknow) का यह मामला इंदिरा नगर के सेक्टर-8 का है, जहां एक खाली प्लॉट में युवक का खून से लथपथ शव बरामद हुआ।READ ALSO:-बदायूं में खौफनाक मंजर: छात्र को घेरकर बेरहमी से पीटा, वीडियो में गूंजी आवाज- 'जान से मार दो', मरणासन्न हालत में छोड़कर भागे आरोपी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हत्यारे कोई और नहीं बल्कि मृतक के परिचित हो सकते हैं, क्योंकि उसे एक फोन कॉल के जरिए घर से बाहर बुलाया गया था। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

एक फोन कॉल और मौत का बुलावा

\r\n\r\n
मृतक की पहचान शशि प्रकाश उपाध्याय (24) के रूप में हुई है। वह अपने पिता चंद्रभूषण और परिवार के साथ इंदिरा नगर के सेक्टर-8 स्थित रघुराजनगर में एक किराए के मकान में रहता था। शशि 'विष्णु एंड कंपनी' नामक फर्म के लिए लोन रिकवरी का काम करता था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
घटनाक्रम के बारे में मृतक के भाई रवि ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे शशि के मोबाइल पर किसी का कॉल आया था। फोन पर बात करते हुए वह घर से बाहर टहलने के लिए निकला था। परिजनों को लगा कि वह पास में ही कहीं गया होगा और थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। लेकिन, वह वापस नहीं लौटा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
देर रात पुलिस ने परिवार को सूचना दी कि शशि की तबीयत खराब है और वह डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है। खबर मिलते ही बदहवास परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि शशि की मौत हो चुकी है। लखनऊ में रिकवरी एजेंट की हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

खाली प्लॉट में मिली खून से सनी लाश

\r\n\r\n
पुलिस के मुताबिक, शशि का शव घर से कुछ दूरी पर स्थित एक खाली प्लॉट में पड़ा मिला था। शव बुरी तरह से खून से लथपथ था और शरीर पर चोट के गहरे निशान थे, जिससे यह साफ होता है कि उसे बड़ी बेरहमी से पीटा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों ने उसे घेरकर मारा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
गाजीपुर थाना प्रभारी (Inspector Gazipur) ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया। जिस तरह से इस लखनऊ में रिकवरी एजेंट की हत्या को अंजाम दिया गया, उससे साफ जाहिर होता है कि हमलावरों का इरादा सिर्फ मारपीट करना नहीं, बल्कि जान लेना ही था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

किसी परिचित का हो सकता है हाथ

\r\n\r\n
इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। डीसीपी पूर्वी (DCP East) शशांक सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हत्या के पीछे किसी परिचित का हाथ होने की प्रबल संभावना है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डीसीपी ने कहा, "प्रथम दृष्टया यह रंजिश का मामला लग रहा है। जिस तरह उसे फोन करके बुलाया गया, उससे लगता है कि वह हत्यारों को जानता था। लखनऊ में रिकवरी एजेंट की हत्या के इस मामले के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच समेत कुल चार टीमें गठित की गई हैं। हमने कुछ संदिग्धों को चिह्नित किया है और उनकी तलाश जारी है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

लोन रिकवरी का काम और रंजिश का शक

\r\n\r\n
शशि प्रकाश लोन रिकवरी का काम करता था, जो अक्सर विवादों से भरा होता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या हाल ही में किसी से लोन वसूली को लेकर उसका झगड़ा हुआ था। रिकवरी एजेंट्स को अक्सर कर्जदारों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। हालांकि, भाई रवि और परिवार का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लखनऊ में रिकवरी एजेंट की हत्या ने एक बार फिर शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है ताकि उस आखिरी कॉलर का पता लगाया जा सके जिसने शशि को मौत के मुंह में धकेला।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लखनऊ के इंदिरा नगर में 24 वर्षीय शशि प्रकाश उपाध्याय की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। एक फोन कॉल पर घर से निकलने के बाद उसका शव खाली प्लॉट में मिला। पुलिस को शक है कि लखनऊ में रिकवरी एजेंट की हत्या में उसके किसी परिचित का हाथ है। मामले की जांच के लिए 4 टीमें लगाई गई हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।