उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के पॉश इलाके गोमती नगर में सोमवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई थी। यहां एक रिटायर्ड आईएएस (IAS) अधिकारी के घर के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला का शव मिला था। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है।READ ALSO:-मेरठ: 'अफसरों का कोई दबाव नहीं था, नींद न आने से था तनाव'; जहर खाने वाले BLO मोहित चौधरी ने दी सफाई, साथियों से की भावुक अपील
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बुधवार को पुलिस ने हत्या के आरोप में दो युवकों को विनीत खंड इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। आरोपियों ने कबूला है कि उन्होंने पहले महिला को शराब पिलाई, फिर उसके साथ शारीरिक संबंध (Sex) बनाए और बाद में पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में उसकी हत्या कर दी।
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शराब, सेक्स और फिर खौफनाक मौत
\r\n\r\nगिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेंद्र सिंह (कानपुर निवासी) और सूरज पाल (गोमती नगर, विशाल खंड-2 निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला Lucknow Murder Case की फाइलों में एक ब्लाइंड केस की तरह दर्ज हुआ था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने सारे राज खोल दिए।
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आरोपियों ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात करीब 8 बजे देवेंद्र अपने ई-रिक्शा से नवाब पुरवा ठेके पर शराब लेने गया था। गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पास उसे 45 वर्षीय पीड़िता मिली। महिला ने ई-रिक्शा को हाथ देकर रोका और उसमें बैठ गई।
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देवेंद्र ने कबूल किया, "रास्ते में महिला ने शारीरिक संबंध बनाने की बात कही और शर्त रखी कि अगर हम उसे शराब पिलाएंगे, तो वह साथ चलेगी। मैंने तुरंत अपने दोस्त सूरज को फोन किया और उसे अपनी झोपड़ी (विशाल खंड-2) पर ले गया।"
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200 रुपए के लिए ले ली जान?
\r\n\r\nझोपड़ी में तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद दोनों आरोपियों ने महिला के साथ संबंध बनाए। विवाद तब शुरू हुआ जब महिला ने सेक्स के बदले पैसों की मांग कर दी। आरोपियों का कहना है कि पैसों के लेनदेन की पहले कोई बात नहीं हुई थी।
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आरोपी सूरज ने पुलिस को बताया, "जब हमने पैसे देने से मना किया, तो वह हंगामा करने लगी। पास में ही पॉश रिहायशी इलाका था, हमें डर लगा कि कोई सुन लेगा। हमने उसे चुप कराने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। गुस्से में हमने उसे जोर से धक्का दिया। उसका सिर पीछे रखे लकड़ी के तखत से टकरा गया और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।"
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लाश को जिंदा समझकर दीवार के सहारे बैठाया
\r\n\r\nसिर पर गहरी चोट लगने के बाद महिला काफी देर तक नहीं उठी। आरोपी डर गए और रात के अंधेरे का इंतजार करने लगे। रात करीब 3 बजे जब उन्होंने महिला को हिलाकर देखा तो शरीर में कोई हरकत नहीं थी।
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डर के मारे दोनों ने महिला के शव को ई-रिक्शा में डाला और वहां से करीब 200 मीटर दूर रिटायर्ड आईएएस के घर के पास ले गए। उन्होंने शव को नाली के पास दीवार के सहारे ऐसे बैठा दिया जैसे कोई जिंदा इंसान बैठा हो।
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देवेंद्र ने पुलिस को बताया, "हम दोनों बहुत नशे में थे। हमें लगा कि वह सिर्फ बेहोश है और सुबह होश आने पर खुद घर चली जाएगी। लेकिन अगले दिन जब उसकी मौत की खबर टीवी और अखबारों में देखी, तो हम घबराकर फरार हो गए।"
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CCTV ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
\r\n\r\nसोमवार को जब दोपहर तक महिला अपनी जगह से नहीं हिली, तो राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव की शिनाख्त अलीगंज सेक्टर-बी निवासी एक 45 वर्षीय महिला के रूप में की। शरीर पर घसीटने और चोट के निशान थे।
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पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में ई-रिक्शा और दोनों संदिग्ध कैद हो गए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने बुधवार को विनीत खंड से उन्हें दबोच लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
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लखनऊ के गोमती नगर में हुई इस वारदात ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और अनैतिक गतिविधियों के अंजाम को उजागर किया है। शराब के नशे और पैसों के विवाद ने एक महिला की जान ले ली। पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच (CCTV) की बदौलत आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।