उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) का गोमती नगर (Gomti Nagar) इलाका गुरुवार की दोपहर गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। पॉश इलाके में दिनदहाड़े हुई इस जघन्य वारदात ने न सिर्फ आम जनता के रोंगटे खड़े कर दिए, बल्कि पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फुला दिए। तीन अलग-अलग मौतों और तीनों के सिर में गोली लगने की इस सनसनीखेज घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने के साथ-साथ एक उलझी हुई मर्डर-सुसाइड (Murder-Suicide) मिस्ट्री को जन्म दे दिया है।
\r\n\r\nमृतका दिव्या मिश्रा (Divya Mishra) मशहूर डिजिटल पत्रकार और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा (Pragya Mishra) की सगी बहन थीं और आलमबाग की रहने वाली थीं। वह गोमती नगर के विवेक खंड स्थित आईसीआईसीआई बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। इस तिहरे हत्याकांड में दिव्या मिश्रा, उनके पति मानस और मानस की बहन—तीनों की जान जा चुकी है।
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बैंक के बाहर बुलाया, बहस हुई और फिर दाग दी गोली
\r\n\r\nघटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार दोपहर विवेक खंड स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के बाहर से हुई। रोज की तरह दिव्या मिश्रा अपने कार्यालय में काम कर रही थीं। तभी उनके पति मानस का फोन आया और उसने दिव्या को बात करने के बहाने बैंक के बाहर सड़क पर बुलाया।
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प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक:
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- \r\n तीखी बहस: बैंक के बाहर सड़क किनारे मानस और दिव्या के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।\r\n \r\n
- \r\n अचानक फायरिंग: बातचीत के दौरान ही मानस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने अचानक अपनी जेब से पिस्तौल निकाली और सीधे दिव्या के सिर को निशाना बनाकर गोली चला दी।\r\n \r\n
- \r\n अस्पताल में तोड़ दम: गोली चलते ही दिव्या खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ीं। बैंक के कर्मचारी और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल दिव्या को निकटतम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।\r\n \r\n
\r\n\r\n1 किलोमीटर दूर किराए के कमरे में दूसरा हत्याकांड और आत्महत्या
\r\n\r\nपत्नी को गोली मारने के बाद आरोपी मानस में जरा भी खौफ या हिचकिचाहट नहीं दिखी। वह तुरंत अपनी बाइक या वाहन से करीब एक किलोमीटर दूर हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने किराए के मकान की ओर भाग निकला।
\r\n\r\nघर पहुंचकर मानस ने अपनी बहन को निशाना बनाया। उसने अपनी बहन के सिर में भी सीधे गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके तुरंत बाद मानस ने उसी खूनी खेल को आगे बढ़ाते हुए बंदूक अपनी कनपटी पर रखी और ट्रिगर दबाकर अपनी खुद की भी जीवन लीला समाप्त कर ली। महज आधे घंटे के भीतर दो जगहों पर तीन जिंदगियां हमेशा-हमेशा के लिए शांत हो गईं।
\r\n\r\n3 शव, 3 सिर में गोली और 3 पिस्तौलें: पुलिस के सामने बड़ा सस्पेंस
\r\n\r\nइस पूरे दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स (Forensic Experts) तब चौंक गए जब घटनास्थल और आरोपी के घर की तलाशी के दौरान कुल 3 पिस्टल (Pistols) बरामद हुईं।
\r\n\r\nपुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि क्या मानस ने तीनों हत्याओं और आत्महत्या के लिए अलग-अलग पिस्तौलों का इस्तेमाल किया था?
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- \r\n तीनों मृतकों के सिर में गोली: दिव्या, मानस की बहन और खुद मानस—तीनों के सिर में ही सटीक गोली मारी गई थी।\r\n \r\n
- \r\n हथियारों का स्रोत: पुलिस अब इस जांच में जुटी है कि मानस के पास एक साथ तीन पिस्तौलें कहां से आईं? क्या ये हथियार अवैध थे या किसी के नाम पर लाइसेंस जारी था?\r\n \r\n
- \r\n फॉरेंसिक बैलिस्टिक जांच: पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने तीनों हथियारों, कारतूस के खोखों और फिंगरप्रिंट्स को कब्जे में ले लिया है। बैलिस्टिक जांच से ही साफ हो सकेगा कि किस हथियार से किस पर गोली चलाई गई।\r\n \r\n
\r\n\r\n1 साल से चल रहा था तलाक का मुकदमा, वॉट्सऐप स्टेटस ने खोला राज
\r\n\r\nपुलिस की शुरुआती तफ्तीश में इस खूनी वारदात के पीछे गंभीर पारिवारिक कलह और वैवाहिक विवाद सामने आया है। दिव्या और मानस के बीच पिछले काफी समय से रिश्ते बेहद तनावपूर्ण चल रहे थे।
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- \r\n तलाक की अर्जी: दोनों के बीच अनबन इतनी बढ़ चुकी थी कि दिव्या मिश्रा ने करीब एक साल पहले अदालत में अपने पति मानस से तलाक (Divorce) के लिए मुकदमा दायर किया था।\r\n \r\n
- \r\n रिश्तों में कड़वाहट: मानस इस कानूनी लड़ाई और अलगाव से काफी समय से अवसाद और गुस्से में था।\r\n \r\n
- \r\n सनसनीखेज वॉट्सऐप स्टेटस: घटना को अंजाम देने से ठीक पहले या उसके आसपास मानस के वॉट्सऐप (WhatsApp) पर एक स्टेटस अपलोड हुआ था। इसमें उसने अपनी पत्नी की हत्या करने का खुलेआम दावा किया था और साथ ही पारिवारिक रिश्तों, धोखे और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था। साइबर सेल अब इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या यह स्टेटस मानस ने खुद ही टाइप किया था।\r\n \r\n
\r\n\r\nसीसीटीवी और कॉल डिटेल खंगाल रही यूपी पुलिस
\r\n\r\nमामले की संवेदनशीलता और हाइलाइटेड प्रोफाइल को देखते हुए लखनऊ पुलिस के आला अधिकारी—जिनमें पुलिस आयुक्त और संयुक्त पुलिस आयुक्त शामिल हैं—खुद घटनास्थल पर डटे हुए हैं।
\r\n\r\nजांच के मुख्य बिंदु:
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- \r\n सीसीटीवी फुटेज: बैंक के बाहर, सड़क मार्ग और हुसड़िया स्थित घर के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि मानस के आने-जाने के सटीक समय का पता लगाया जा सके।\r\n \r\n
- \r\n सीडीआर (Call Detail Record): दिव्या और मानस के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। दोनों के बीच घटना से ठीक पहले हुई बातचीत और कॉल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया जा रहा है।\r\n \r\n
- \r\n पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट से गोली लगने की दूरी, दिशा और सटीक समय का वैज्ञानिक ब्योरा सामने आएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\nलखनऊ के गोमती नगर में हुआ यह तिहरा हत्याकांड इस बात का दुखद उदाहरण है कि कैसे पारिवारिक विवाद और कड़वाहट जब हिंसक रूप लेते हैं, तो पूरा परिवार तबाह हो जाता है। एक होनहार बैंक अफसर और उनकी ननद की असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। अब सभी की निगाहें फॉरेंसिक जांच और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस 3 पिस्तौलों वाले खूनी खेल के पीछे के पूरे सच का खुलासा करेगी।