खबरीलाल डेस्क
लखनऊ (क्राइम/आपदा डेस्क): सपनों को उड़ान देने के लिए घर से निकले 15 युवाओं का सफर लखनऊ के अलीगंज में आकर खत्म हो गया। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे अलीगंज के एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है।READ ALSO:-FSSAI का बड़ा एक्शन: 'हेल्दी' और 'ऑर्गेनिक' के नाम पर धोखा! किंडर जॉय, सफोला और बीकानेरवाला समेत 14 बड़े ब्रांड्स को थमाया नोटिस, दावों की खुली पोल
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जिस बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर 'लर्निंग स्पेस' (लाइब्रेरी) और 3D एनीमेशन का काम चल रहा था, वह कुछ ही मिनटों में धुएं और आग के गुबार में तब्दील हो गई। इस महा-त्रासदी में अब तक 15 लोगों (5 महिलाएं और 10 पुरुष) के जान गंवाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से जिम्मेदार अफसरों पर गाज गिराई है और 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आइए, इस पूरी घटना के घटनाक्रम, जांच और सरकार के एक्शन की विस्तृत समीक्षा करते हैं।
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 नीचे कूदे युवक को लोग उठाकर सड़क की दूसरी तरफ लेकर आए।

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मौत का फंदा कैसे बनी बिल्डिंग? (बायोमेट्रिक लॉक और AC ब्लास्ट)

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यह बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से कमर्शियल गतिविधियों का केंद्र थी। इसके बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक थे, जबकि दूसरे फ्लोर पर 'लर्निंग स्पेस' नाम की कोचिंग/लाइब्रेरी और 'हेड हॉपर स्टूडियो' था, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन का काम होता था।
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हादसे के मुख्य कारण:

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  1. \r\n
    AC ब्लास्ट: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के अनुसार, आग की शुरुआत बेसमेंट में लगे एसी में हुए जोरदार ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट से हुई। इसके बाद जहरीला धुआं (Toxic Smoke) सीढ़ियों के रास्ते तेजी से दूसरी मंजिल पर भर गया।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    ऑटोमैटिक बायोमेट्रिक गेट: यह इस हादसे का सबसे दर्दनाक और तकनीकी पहलू है। हादसे में जान गंवाने वाली 23 वर्षीय सुखमणि के दोस्त यश ने खुलासा किया कि ऑफिस का मुख्य गेट थंब इंप्रेशन (Thumb Impression) से खुलता था। आग लगने के कारण बिजली गुल हो गई और गेट 'ऑटोमैटिक लॉक' हो गया। सिस्टम फेल होने से गेट खोलने में देरी हुई और अंदर मौजूद 40 से ज्यादा लोग फंस गए।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    इमरजेंसी एग्जिट का न होना: शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ है कि इस विशाल इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) ही नहीं था, जिससे युवाओं को जान बचाने का कोई मौका नहीं मिला। कई छात्रों ने दहशत में खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जहां दम घुटने (Suffocation) से उनकी मौत हो गई।
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  6. \r\n
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 बिल्डिंग के अंदर फंसे एक युवक को बाहर निकाला गया। वह रोए जा रहा था।

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बचाव कार्य और डिप्टी CM के आंसू

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आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 19 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। धुएं का गुबार इतना घना था कि फायर कर्मियों, SDRF और NDRF को बिल्डिंग के पीछे की दीवार तोड़कर शव निकालने पड़े। जान बचाने के लिए एक छात्र 'जयंत' ने पहले फ्लोर से छलांग लगा दी, जबकि 5 अन्य लोगों ने तारों के सहारे लटककर अपनी जान बचाई।
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मंजर इतना भयावह था कि वहां पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद को रोक नहीं पाए और रो पड़े। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी आंखों के सामने से लाशें निकलते हुए देखी हैं।" घायलों को तुरंत एंबुलेंस से KGMU ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, हालांकि मौके पर एंबुलेंस की कमी की बात भी सामने आई।
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CM योगी का 'कड़क एक्शन': 4 अफसर सस्पेंड, 3 गिरफ्तार

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अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रॉमा सेंटर जाकर मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।"
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सस्पेंड किए गए अधिकारियों की सूची: सीएम के आदेश पर तत्काल प्रभाव से 4 अधिकारियों को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है:
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  1. \r\n
    गौरव कुमार: एक्सईएन (XEN) जानकीपुरम, बिजली विभाग
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  2. \r\n
  3. \r\n
    कमलेंद्र कुमार सिंह: अग्निशमन अधिकारी (Fire Officer), इंदिरा नगर
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  4. \r\n
  5. \r\n
    अनिल कुमार: असिस्टेंट इंजीनियर (AE), लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    प्रमोद पांडे: जूनियर इंजीनियर (JE), लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)
    \r\n
  8. \r\n
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आरोपियों की गिरफ्तारी: अलीगंज पुलिस ने इमारत के मालिक समेत छह नामजद आरोपियों के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 110, 105, 125, 3(5) और अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है:
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    \r\n
  1. \r\n
    वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62): इमारत का मालिक (RITM कॉलेज का मालिक)।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    रामकृष्ण उपाध्याय (43): अलीगंज निवासी।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    तूशॉक कृष्णा जायसवाल (31): बालागंज निवासी।
    \r\n
  6. \r\n
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(जांच में पता चला है कि इमारत का नक्शा 2014 में आवासीय (Residential) के तौर पर पास हुआ था, लेकिन इसे कमर्शियल (Commercial) बना दिया गया। 16 आरोपी और तत्कालीन इंजीनियर रडार पर हैं।)
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7 दिन में SIT सौंपेगी रिपोर्ट

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हादसे की जड़ तक पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री ने एक दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम को 7 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने और जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। SIT में शामिल सदस्य:
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    \r\n
  1. \r\n
    अमृत अभिजात: अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    प्रवीण कुमार: अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), लखनऊ जोन
    \r\n
  4. \r\n
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मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख का मुआवजा

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सरकार ने इस हृदय विदारक घटना के लिए गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक मदद का ऐलान किया है। लखनऊ उत्तरी के भाजपा विधायक नीरज बोरा ने सीएम की घोषणा के अनुसार, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। उन्होंने माना कि, "जान की कोई कीमत नहीं हो सकती, परिजनों का गुस्सा बिल्कुल स्वाभाविक है।"
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रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी विशेष रूप से दिल्ली से लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल के साथ-साथ KGMU जाकर घायलों का हालचाल जाना।
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कौन थे वो 15 बदनसीब? (मृतकों की सूची)

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इस हादसे में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के युवाओं की जान गई है। मरने वालों की सूची इस प्रकार है:
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क्रम
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नाम
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उम्र
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जिला/राज्य
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1
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सागर
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28
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लखनऊ
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\r\n
2
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\r\n
नीलेश
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21
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लखनऊ
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\r\n
3
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\r\n
अनामिका
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\r\n
30
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\r\n
पश्चिम बंगाल
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\r\n
4
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\r\n
अब्दुल रहमान
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\r\n
22
\r\n
\r\n
लखनऊ
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\r\n
5
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\r\n
मोहम्मद अम्मार
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\r\n
24
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बाराबंकी
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\r\n
6
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आदित्य श्रीवास्तव
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\r\n
24
\r\n
\r\n
लखनऊ
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\r\n
7
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जैनी चक्रवर्ती
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25
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मध्य प्रदेश
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\r\n
8
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\r\n
ज्योति
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\r\n
25
\r\n
\r\n
लखनऊ
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\r\n
9
\r\n
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संयम
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\r\n
27
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कानपुर
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\r\n
10
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शहजान सिद्दीकी
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18
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लखनऊ
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\r\n
11
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सौमाल्या बेरा
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\r\n
24
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पश्चिम बंगाल
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\r\n
12
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सुखमणि सिंह
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\r\n
23
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लखनऊ
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\r\n
13
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अनुष्का
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\r\n
24
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लखनऊ
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\r\n
14
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भविष्य
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\r\n
25
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हरियाणा
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\r\n
15
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\r\n
सूरज
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28
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कानपुर
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(मेडिकल कॉलेज से 6 घायलों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि 3 का इलाज अभी भी जारी है।)
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कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) अलर्ट पर: 22 कोचिंग सेंटर सील

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लखनऊ की इस त्रासदी के तुरंत बाद, प्रदेश के अन्य शहरों में भी प्रशासन की नींद टूट गई है। कानपुर में काकादेव कोचिंग हब में KDA की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) का उल्लंघन करने पर प्रसिद्ध 'फिजिक्स वाला' (Physics Wallah) समेत 22 कोचिंग संस्थानों को खाली कराकर सील कर दिया गया है
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लखनऊ का यह अग्निकांड सिस्टम के भ्रष्टाचार, नियमों की अनदेखी और 'ऑटोमैटिक' तकनीक की खतरनाक खामी का एक दर्दनाक नतीजा है। जब तक बिना नक्शा पास कराए और बिना फायर सेफ्टी के बेसमेंट में चल रही 'मौत की कोचिंग्स' पर स्थायी रूप से रोक नहीं लगाई जाती, तब तक ऐसे हादसों का खतरा बना रहेगा। अब सभी की निगाहें SIT की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस सिस्टम के बड़े मगरमच्छों के नाम बेनकाब करेगी।