उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने समाज में खून के रिश्तों की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र में पैसे और प्रॉपर्टी की अंधी हवस ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। यहां एक कलयुगी बेटे ने 150 करोड़ रुपये की बेशकीमती संपत्ति के लालच में अपने ही जन्मदाता (पिता) को बड़ी ही बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। आरोपी बेटे ने अपने पिता के चेहरे, सीने और पेट में एक के बाद एक ताबड़तोड़ 6 गोलियां दागीं, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह पूरी वारदात बुधवार रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस हत्यारे बेटे की सरगर्मी से तलाश कर रही है।Read also:-गॉडजिला अल नीनो' का महाखतरा: 150 सालों का टूटेगा रिकॉर्ड, प्रशांत महासागर में बन रहा 'दैत्य' भारत के मौसम को कैसे करेगा तबाह?
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रात के अंधेरे में खौफनाक वारदात: जब शराबी बेटे ने पार की क्रूरता की सारी हदें पुलिस सूत्रों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है, जो बुदाना गांव के रहने वाले एक बेहद संपन्न और रसूखदार किसान थे। बुधवार की रात हरिओम चौधरी ने अपनी पत्नी मीनाक्षी और छोटे बेटे नीशू के साथ सुकून से रात का खाना खाया था। उस वक्त घर का बड़ा बेटा और मुख्य आरोपी निखिल (32 वर्ष) घर पर मौजूद नहीं था। रात करीब 12 बजे निखिल अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। बेटे को इस तरह शराब के नशे में देखकर पिता हरिओम चौधरी ने उसे हमेशा की तरह फटकार लगाई।
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पिता की डांट सुनकर निखिल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वह पहले से ही पिता से रंजिश रखे हुए था। कहासुनी इतनी ज्यादा बढ़ गई कि निखिल ने अपनी मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघ दीं और पिता के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई पर उतर आया। विवाद के बीच ही निखिल ने अचानक अपनी कमर से एक अवैध पिस्टल निकाल ली और बिना कुछ सोचे-समझे अपने पिता पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने पिता के चेहरे, सीने और पेट को निशाना बनाकर 6 गोलियां दागीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा घर गूंज उठा और हरिओम चौधरी खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े।
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आंखों के सामने उजड़ता सुहाग देख बेसुध हुई पत्नी मीनाक्षी रात के सन्नाटे में गोलियों की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटा बेटा नीशू भागकर मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। फर्श पर हरिओम खून से लथपथ पड़े थे और उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। अपने पति का क्षत-विक्षत शव देखकर पत्नी मीनाक्षी चीख पड़ीं और रोते हुए अपने कातिल बेटे से कहा- "तूने पूरा घर उजाड़ दिया।"
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गोलियों की भारी आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी भी गहरी नींद से जाग गए और तुरंत मौके की तरफ दौड़े। पड़ोसियों को आता देख और हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी निखिल वहां से अपनी पिस्टल लहराता हुआ रात के अंधेरे में फरार हो गया। आनन-फानन में लहूलुहान हरिओम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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150 करोड़ का वह विशाल साम्राज्य, जो बन गया मौत की वजह इस जघन्य हत्याकांड के पीछे की सबसे बड़ी वजह 150 करोड़ रुपये की वह भारी-भरकम संपत्ति है, जिसे हरिओम चौधरी ने अपनी जिंदगी भर की मेहनत से खड़ा किया था। हरिओम बुदाना गांव के एक बहुत ही संपन्न किसान थे। मोदीनगर जैसे प्रमुख इलाके में उनके नाम पर 75 बीघा कृषि योग्य भूमि है। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड पर स्थित जीवन अस्पताल के ठीक सामने उनकी एक बहुत बड़ी और बेशकीमती कमर्शियल मार्केट भी है। कुल मिलाकर उनकी चल-अचल संपत्ति की कीमत लगभग 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
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हरिओम के परिवार में उनकी पत्नी मीनाक्षी और दो बेटे- निखिल (बड़ा) और नीशू (छोटा) हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी उम्र और संपत्ति होने के बावजूद दोनों में से किसी भी बेटे की अभी तक शादी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि बड़ा बेटा निखिल सिर्फ 12वीं कक्षा तक ही पढ़ा-लिखा है और उसे शराब की भयंकर लत लग चुकी थी।
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25 बीघा जमीन और दुकानें थीं पास, फिर भी थी पूरी संपत्ति की प्यास पिता हरिओम चौधरी अपने बड़े बेटे निखिल की शराब की लत और उसके गैर-जिम्मेदाराना रवैये से भली-भांति वाकिफ थे। इसके बावजूद एक पिता होने के नाते उन्होंने निखिल के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उसे अपनी विशाल संपत्ति में से 25 बीघा जमीन और दिल्ली-मेरठ रोड वाली मार्केट में से कई दुकानें पहले ही उसके नाम कर दी थीं। लेकिन निखिल के सिर पर लालच का ऐसा भूत सवार था कि वह पिता की पूरी 150 करोड़ की संपत्ति को सिर्फ अपने नाम कराना चाहता था।
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वह आए दिन पिता हरिओम पर अपनी बाकी की जमीन और संपत्तियों को भी उसके नाम ट्रांसफर करने का दबाव बनाता था। लेकिन हरिओम चौधरी एक दूरदर्शी पिता थे। उनका स्पष्ट कहना था कि अगर उन्होंने बाकी की संपत्ति भी निखिल के नाम कर दी, तो वह अपनी शराब की लत और बुरी आदतों के चलते सारी जमीन-जायदाद बेचकर पी जाएगा और सड़क पर आ जाएगा। पिता की यही दूरदर्शिता और इंकार निखिल को खटकने लगा और उसने संपत्ति के लिए जन्म देने वाले पिता की ही बेरहमी से हत्या कर दी।
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8 साल पहले भी खेला था खूनी खेल, छोटे भाई पर चलाई थी गोली आरोपी निखिल का आपराधिक और हिंसक इतिहास केवल अपने पिता तक ही सीमित नहीं है। परिवार के करीबियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस को एक और चौंकाने वाली जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि आज से करीब 8 साल पहले भी निखिल ने इसी तरह का एक खूनी खेल खेला था। संपत्ति और आपसी विवाद को लेकर उसने अपने ही सगे छोटे भाई नीशू पर जानलेवा हमला किया था। उस दौरान भी निखिल ने नीशू को सीधे गोली मारी थी। हालांकि, उस वक्त किस्मत अच्छी थी और नीशू की जान किसी तरह बाल-बाल बच गई थी। उस घटना के बाद भी परिवार ने खून का रिश्ता समझकर मामले को किसी तरह शांत कर लिया था, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन यही नरमी घर के मुखिया की जान ले लेगी।
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पुलिस महकमे में हड़कंप: हत्यारे बेटे की तलाश में जुटीं 4 टीमें इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज हत्याकांड की सूचना मिलते ही मोदीनगर थाना पुलिस और आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल रात में ही घटनास्थल पर पहुंच गया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से कई अहम सुराग और गोलियों के खोखे बरामद किए हैं।
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एसीपी मोदीनगर, भास्कर वर्मा ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि परिजनों और पड़ोसियों के बयानों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि यह हत्या पूरी तरह से जमीन और प्रॉपर्टी के विवाद को लेकर की गई है। मृतक हरिओम की पत्नी मीनाक्षी की तरफ से मोदीनगर थाने में अपने ही बड़े बेटे निखिल के खिलाफ नामजद हत्या की तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है।
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एसीपी भास्कर वर्मा ने कड़े शब्दों में आश्वासन दिया है कि आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। हत्यारे बेटे निखिल की धरपकड़ के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें लगातार आरोपी के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घर और जिले की सीमाओं पर दबिश दे रही हैं। पुलिस सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ले रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस कलयुगी और हत्यारे बेटे को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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इस घटना ने पूरे मोदीनगर और गाजियाबाद में सनसनी फैला दी है। हर कोई इस बात को लेकर हैरान और परेशान है कि चंद पैसों और जमीन के टुकड़ों के लिए कोई बेटा इतना अंधा कैसे हो सकता है कि वह उस पिता का ही खून बहा दे, जिसने उसे उंगली पकड़कर चलना सिखाया और उसे करोड़ों की संपत्ति का मालिक बनाया। यह हत्याकांड समाज के गिरते हुए नैतिक मूल्यों और पारिवारिक विघटन की एक बेहद डरावनी तस्वीर पेश कर रहा है।