गाजियाबाद: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi-NCR) से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में पुलिस ने एक बड़े और घिनौने अपराध का पर्दाफाश किया है। शहर के पॉश और घनी आबादी वाले इलाके में किराए के फ्लैट की आड़ में लंबे समय से जिस्मफरोशी (Prostitution) का काला कारोबार चलाया जा रहा था। गाजियाबाद कमिश्नरेट की पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक सटीक सर्च और रेस्क्यू (Search and Rescue) अभियान चलाते हुए इस हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट (Sex Racket) का भंडाफोड़ किया है।READ ALSO:-नोएडा-ग्रेटर नोएडा में उग्र हुए मजदूर, सड़कों पर आगजनी और बवाल के बाद झुकी योगी सरकार! रातों-रात न्यूनतम मजदूरी में 21% की बंपर बढ़ोतरी का ऐलान
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यह पूरा मामला जिले के शालीमार गार्डन (Shalimar Garden) थाना क्षेत्र का है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से 4 पीड़ित और मजलूम महिलाओं को सकुशल रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें इस दलदल में जबरन धकेला गया था। साथ ही, इस पूरे गोरखधंधे को चलाने वाली मुख्य महिला सरगना (Kingpin) सहित कुल 3 लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
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मुखबिर की सूचना और पुलिस का एक्शन प्लान
\r\n\r\nमिली जानकारी के अनुसार, शालीमार गार्डन थाना पुलिस को पिछले कुछ दिनों से इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की भनक लग रही थी। इसी बीच, पुलिस को एक खास मुखबिर (Informer) से पुख्ता सूचना मिली कि शालीमार हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (Shalimar Housing Complex) के एक बंद मकान के भीतर कुछ लोग बाहर से लड़कियां लाते हैं और वहां अवैध रूप से देह व्यापार का अड्डा संचालित किया जा रहा है।
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शालीमार गार्डन पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इसमें महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया ताकि रेस्क्यू की जाने वाली महिलाओं को सहज महसूस कराया जा सके। पूरी तैयारी के साथ पुलिस टीम ने बताए गए फ्लैट की घेराबंदी की और अचानक वहां छापा मार दिया।
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फ्लैट के अंदर का नजारा: आपत्तिजनक हालत और सहमी हुई महिलाएं
\r\n\r\nजैसे ही पुलिस ने मकान का दरवाजा खुलवाया और अंदर प्रवेश किया, वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। फ्लैट के अंदर देह व्यापार का धंधा पूरी तरह से चरम पर था। पुलिस की रेड पड़ते ही वहां मौजूद आरोपियों में भगदड़ मच गई, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी को धर दबोचा।
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कमरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री (Objectionable Material) भी बरामद की है, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि पुलिस ने फ्लैट के अलग-अलग कमरों से 4 भोली-भाली महिलाओं को सकुशल बरामद (Rescue) कर लिया। ये महिलाएं बेहद डरी और सहमी हुई थीं। महिला पुलिस अधिकारियों ने उन्हें तुरंत अपनी सुरक्षा में लिया और उन्हें सांत्वना दी।
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कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? सरगना है एक महिला
\r\n\r\nपुलिस ने मौके से इस पूरे सेक्स रैकेट को संचालित करने वाले 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे चौंकाने वाला नाम इस गिरोह की मुख्य सरगना का है, जो खुद एक महिला है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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- \r\n आरती उर्फ शबनम (संचालिका/सरगना): यह महिला ही इस पूरे गिरोह की मास्टरमाइंड थी। वह ग्राहकों से संपर्क (Dealing) करती थी और लड़कियों का इंतजाम करती थी।\r\n \r\n
- \r\n विपिन शर्मा: यह आरती का मुख्य सहयोगी था, जो ग्राहकों को फ्लैट तक लाने और बाहर की सुरक्षा देखने का काम करता था।\r\n \r\n
- \r\n शोयब शेख: यह भी इस गिरोह का अहम सदस्य था, जो लॉजिस्टिक और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संचालिका की मदद करता था।\r\n \r\n
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पूछताछ में खुला राज: कैसे बिछाया जाता था जाल?
\r\n\r\nरेस्क्यू की गई महिलाओं और गिरफ्तार आरोपियों से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो इस घिनौने धंधे का पूरा मॉड्यूस ऑपरेंडी (Modus Operandi) सामने आ गया। पूछताछ में सामने आया कि संचालिका आरती उर्फ शबनम का निशाना हमेशा गरीब, बेबस और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की महिलाएं होती थीं।
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आरती इन भोली-भाली महिलाओं को किसी कंपनी में अच्छी नौकरी दिलाने, घरेलू काम दिलाने या फिर मोटे पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाती थी। जब ये महिलाएं काम की तलाश में उसके पास आती थीं, तो उन्हें बंधक बनाकर डरा-धमका कर जिस्मफरोशी के इस गंदे धंधे में धकेल दिया जाता था।
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सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरती उर्फ शबनम रईस ग्राहकों से इन महिलाओं के नाम पर हर दिन हजारों रुपये की मोटी रकम वसूलती थी, लेकिन इसके बदले में उन बेचारी महिलाओं को सिर्फ खाने-पीने और दो वक्त का गुजारा करने लायक चंद रुपये ही दिए जाते थे। पूरी मलाई सरगना और उसके दलाल खा रहे थे।
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पुलिस की आगे की कार्रवाई और सख्त संदेश
\r\n\r\nगाजियाबाद पुलिस ने रेस्क्यू की गई सभी 4 महिलाओं को काउंसलिंग के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण और न्यायालय में उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे, जिसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा या फिर सुरक्षित आश्रय गृह (Shelter Home) भेजा जाएगा।
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वहीं, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों—विपिन शर्मा, शोयब शेख और आरती उर्फ शबनम—के खिलाफ शालीमार गार्डन थाने में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (Immoral Traffic Prevention Act) की संबंधित और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इन तीनों का पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal History) भी खंगाल रही है।
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साथ ही, पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि इस रैकेट के तार और किन-किन शहरों से जुड़े हुए हैं और इनके वाट्सऐप या मोबाइल में किन सफेदपोश ग्राहकों के नंबर मौजूद हैं। पुलिस ने सख्त संदेश दिया है कि जिले में किसी भी तरह के अवैध देह व्यापार या अनैतिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.