गाजियाबाद/क्राइम डेस्क:
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां के कमिश्नरेट अंतर्गत राजनगर एक्सटेंशन (नंदग्राम) इलाके में 7 साल की एक मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।
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​इस घटना में सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि जिस बच्ची को सैकड़ों लोग और पुलिस घंटों तक नहीं ढूंढ पाए, उसे एक बेजुबान आवारा कुत्ते ने ढूंढ निकाला। कुत्ते की सूझबूझ और एक स्थानीय महिला की गवाही के कारण ही पुलिस मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन समेत दो दरिंदों को पकड़ने में कामयाब रही। इलाके में इस खौफनाक वारदात के बाद से मातम और भारी आक्रोश का माहौल है।
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​लापता होने से लेकर खौफनाक खुलासे तक: क्या हुआ उस रात?

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​घटना शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात की है। मासूम बच्ची के अचानक घर के बाहर खेलते हुए लापता होने के बाद से ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
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    ​लाडली का एडमिशन कराने की थी तैयारी: पीड़ित मां ने रोते हुए बताया कि वे जल्द ही अपनी बेटी का स्कूल में दाखिला कराने की तैयारी कर रहे थे। बच्ची का भविष्य संवारने के सपने कुछ ही घंटों में एक बुरे सपने में बदल गए।
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    ​4 घंटे की नाकामी: बच्ची के गायब होने पर परिजनों ने पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की मदद ली। सैकड़ों की संख्या में लोग रात के घुप्प अंधेरे में, टॉर्च की रोशनी में आसपास के मोहल्लों, खाली प्लॉटों और निर्माणधीन साइट्स (Construction Sites) पर खाक छानते रहे। करीब 3 से 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी मासूम का कोई सुराग नहीं मिला।
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जब एक आवारा कुत्ता बना 'देवदूत'

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​तलाश करते-करते लोगों की भीड़ पास ही स्थित एक निर्माणाधीन बिल्डिंग (मॉल) के पास पहुंची। वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड (Security Guard) ने लोगों को बताया कि उसने कुछ देर पहले बिल्डिंग के अंदर से किसी के चीखने की आवाज सुनी थी, लेकिन सन्नाटा और अंधेरा होने के कारण वह पक्का नहीं कह सकता था कि आवाज किसकी थी।
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​रात के करीब 12:30 बज चुके थे। गार्ड की बात सुनकर जब लोग टॉर्च जलाकर निर्माणाधीन इमारत के अंदर दाखिल हुए, तो उनके साथ-साथ गली का एक आवारा कुत्ता भी अंदर चला गया।
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    ​कुत्ते की अजीब हरकत: बिल्डिंग में घुसते ही वह कुत्ता अचानक दौड़ता हुआ सीधे बेसमेंट की तरफ गया और एक जगह जाकर बिल्कुल स्थिर (शांत) खड़ा हो गया।
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    ​कांप गई रूह: कुत्ते की इस अजीब हरकत को देखकर लोगों को शक हुआ। वे भागकर कुत्ते के पीछे बेसमेंट के उस हिस्से में पहुंचे, जहां वह खड़ा था। वहां का मंजर देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई और रूह कांप गई। वहां 7 साल की मासूम बच्ची का लहूलुहान शव पड़ा हुआ था। रात करीब 1:00 बजे तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।
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​स्थानीय महिला की गवाही और दरिंदों की गिरफ्तारी

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​शव मिलने के बाद मौके पर भारी आक्रोश और हंगामा फैल गया। इसी भीड़ के बीच मौजूद एक स्थानीय महिला ने पुलिस की तफ्तीश में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
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    ​चश्मदीद गवाह: महिला ने भीड़ को बताया कि उसने कुछ घंटे पहले दो संदिग्ध लोगों को बच्ची को बहला-फुसलाकर उसी निर्माणाधीन इमारत की तरफ ले जाते हुए देखा था।
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    ​आरोपियों तक कैसे पहुंची पुलिस? महिला को आरोपियों के सटीक घर का पता तो नहीं था, लेकिन उसने उनका हुलिया बता दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इलाके के दो अन्य पुरुषों पर दबाव बनाया जो उन संदिग्धों को जानते थे। उनकी निशानदेही पर गाजियाबाद पुलिस और आक्रोशित जनता सीधे आरोपियों के कमरे तक जा पहुंची और मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन समेत दो आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए दोनों आरोपी पेशे से मजदूर बताए जा रहे हैं।
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पुलिस की कार्रवाई: POCSO, रेप और हत्या का केस दर्ज
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​इस जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। गाजियाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल को सील कर दिया।
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    ​साक्ष्य संकलन: कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) नंदग्राम, श्रीमती प्रिया श्रीपाल ने बताया कि फॉरेंसिक (FSL) टीम की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक और अहम साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।
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    ​पोस्टमार्टम: शव को कब्जे में लेकर डॉक्टरों के एक विशेष पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया गया है, ताकि दरिंदगी की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
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    ​धाराएं और गिरफ्तारी: परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप (Gangrape), हत्या (Murder) और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों में से एक बालिग और एक नाबालिग है। दोनों को जेल/बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि इस मामले में एक तीसरे फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
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गाजियाबाद की इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां इंसानियत हार गई और दरिंदों ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली, वहां एक बेजुबान जानवर ने वफादारी और सूझबूझ का वो उदाहरण पेश किया, जो समाज के लिए एक बड़ा सबक है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और न्याय व्यवस्था पर टिकी हैं, ताकि इन दरिंदों को जल्द से जल्द फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सके।
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