मुंबई: बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता, पद्म भूषण धर्मेंद्र की हालिया बीमारी और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के दौरान की गई मीडिया कवरेज पर भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन निर्देशक संघ (IFTDA) ने कड़ा रुख अपनाया है। IFTDA ने कुछ पैपराजी (Paparazzi) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के खिलाफ 'अमानवीय' और 'अनैतिक' व्यवहार के आरोप में एक औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई है, जब अभिनेता के निधन की झूठी खबरें फैलीं और उनके परिवार की निजता (Privacy) का उल्लंघन किया गया।Read also:-बागपत के सरकारी स्कूल में 'साम्प्रदायिक साजिश': 4 दिन तक पेशाब पिलाने से एक बच्चे के चेहरे पर पैरालिसिस के लक्षण, मौलवी पर उकसाने का आरोप
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IFTDA द्वारा यह धर्मेंद्र स्वास्थ्य कवरेज शिकायत (Dharmendra Swasthya Coverage Shikayat) जुहू पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक को संबोधित करते हुए दर्ज कराई गई है।
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क्या है IFTDA की मुख्य आपत्ति?
\r\n\r\nIFTDA के अध्यक्ष अशोक पंडित ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि कुछ पैपराजी और डिजिटल मीडिया अकाउंट्स ने सभी नैतिक सीमाओं को पार कर दिया। उनकी मुख्य आपत्तियाँ निम्नलिखित थीं:
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- \r\n गोपनीयता का उल्लंघन: शिकायत के अनुसार, कुछ लोगों ने दिग्गज अभिनेता के आवास परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया।\r\n \r\n
- \r\n अनाधिकृत रिकॉर्डिंग: बिना सहमति के उनके परिवार के सदस्यों की फुटेज और तस्वीरें रिकॉर्ड की गईं, जबकि वे भावनात्मक रूप से मुश्किल दौर से गुज़र रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n झूठी खबरें और सनसनीखेज: अभिनेता की मृत्यु की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलाई गईं, जिससे परिवार और प्रशंसकों को अनावश्यक मानसिक पीड़ा हुई। यह व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य और अमानवीय है।\r\n \r\n

IFTDA ने मांग की है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जिसमें अनधिकृत अतिचार (Unauthorized Trespass), निजता का उल्लंघन और मानहानि से संबंधित धाराएं शामिल हैं। उन्होंने पुलिस से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक कठोर उदाहरण पेश करने का भी आग्रह किया है।
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धर्मेंद्र की स्वास्थ्य स्थिति और परिवार का आक्रोश
\r\n\r\nधर्मेंद्र को कुछ दिन पहले सांस लेने में तकलीफ के कारण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, 12 नवंबर को उन्हें छुट्टी मिल गई और वह घर पर ही इलाज करवा रहे हैं। इसी बीच, उनकी गंभीर स्थिति और यहां तक कि निधन की झूठी खबरें सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं।
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अभिनेता की बेटी ईशा देओल को 12 नवंबर को मीडिया के सामने आकर अपने पिता के स्वस्थ होने और डिस्चार्ज होने की आधिकारिक पुष्टि करनी पड़ी, जिससे इन झूठी अफवाहों पर विराम लगा।
\r\n\r\nIFTDA की धर्मेंद्र स्वास्थ्य कवरेज शिकायत ऐसे समय में आई है जब देओल परिवार के सदस्यों ने भी मीडिया के व्यवहार पर खुलकर नाराजगी व्यक्त की है।
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सनी देओल का भावनात्मक आग्रह
\r\n\r\nअस्पताल से डिस्चार्ज होने के अगले दिन, धर्मेंद्र के बेटे और अभिनेता सनी देओल को अपने घर के बाहर जमा हुए फोटोग्राफरों पर गुस्सा आता दिखा। भावुक होते हुए, उन्होंने हाथ जोड़कर पैपराजी से कहा, "आप लोगों को शर्म आनी चाहिए... आपके घर में माँ-बाप हैं, बच्चे हैं।"
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फिल्म जगत के कई अन्य दिग्गजों, जिनमें अमिताभ बच्चन भी शामिल हैं, ने सोशल मीडिया पर इस तरह के असंवेदनशील मीडिया व्यवहार की कड़ी निंदा की है। इन हस्तियों ने मीडिया से मानवीय नैतिकता बनाए रखने और एक मुश्किल समय में परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की है।
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IFTDA द्वारा दर्ज की गई यह धर्मेंद्र स्वास्थ्य कवरेज शिकायत फिल्म उद्योग में मीडिया नैतिकता और सेलिब्रिटी की निजता के उल्लंघन के संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम है। संगठन का यह एक्शन स्पष्ट संदेश देता है कि अभिनेताओं को वस्तु नहीं, बल्कि इंसान समझा जाना चाहिए और उनके परिवार की निजता का सम्मान होना चाहिए। IFTDA ने पुलिस से मांग की है कि जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्रवाई कर एक मिसाल कायम की जाए।