देश के कई हिस्सों में इन दिनों लोग उमस भरी गर्मी और तेज धूप से बुरी तरह परेशान हैं। ऐसे में हर नागरिक के मन में यही एक सवाल उठ रहा है कि आखिर कब लौटेगी बारिश। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे लेकर अब एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत देने वाला पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, जुलाई के मध्य में मानसून एक बार फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने जा रहा है।READ ALSO:-चीन के महाविनाशकारी 'मेदोग डैम' से भारत पर मंडराया 'महाप्रलय' का खतरा: 5 करोड़ जिंदगियां दांव पर, 8 राज्य डूबने की कगार पर
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मानसून ट्रफ की स्थिति में बदलाव से बदलेगा मौसम
\r\n\r\nमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मानसून की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का अनुमान है कि 16 से 22 जुलाई के बीच मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
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इस अवधि के दौरान मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) का पश्चिमी हिस्सा अपनी सामान्य यानी नॉर्मल अवस्था में लौट सकता है। जब यह ट्रफ अपनी सही स्थिति में आता है, तो मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मानसूनी हवाएं एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय हो जाती हैं। इसके परिणाम स्वरूप देश के कई राज्यों में झमाझम वर्षा का दौर दोबारा शुरू हो जाएगा।
\r\n\r\nबंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने की संभावना
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मौसम विभाग के इस नए पूर्वानुमान में एक और बड़ी भौगोलिक हलचल का जिक्र किया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून ट्रफ की स्थिति सामान्य होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवात (Cyclone) भी बन सकता है।
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यह संभावित चक्रवाती सिस्टम मानसून की सोई हुई रफ्तार को एक नई और जबरदस्त ऊर्जा प्रदान करेगा। खाड़ी से उठने वाली नम हवाएं देश के आंतरिक हिस्सों में भारी नमी लेकर आएंगी। इसके कारण मध्य, पूर्व और उत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का एक नया और मजबूत दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
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तब तक झेलनी होगी उमस भरी गर्मी और तेज धूप
\r\n\r\nहालांकि, राहत की इस बड़ी खबर के बीच मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए सचेत भी किया है। जब तक 16 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय नहीं होता, तब तक देश के ज्यादातर हिस्सों में लोगों को उमस और तपिश का सामना करना पड़ेगा।
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इस बीच अधिकांश राज्यों में केवल हल्की फुल्की छिटपुट बारिश ही देखने को मिलेगी। इसके विपरीत, दिन के समय तेज धूप खिलेगी जिससे तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। बढ़ती हुई तपिश और हवा में मौजूद भारी नमी के कारण होने वाली उमस भरी गर्मी लोगों को काफी बेहाल कर सकती है।
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आम जनता और किसानों के लिए कब लौटेगी बारिश का महत्व
\r\n\r\nभारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए मानसून का हर एक दिन बेहद कीमती माना जाता है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में किसान अपनी खरीफ फसलों, जैसे धान की बुवाई और रोपाई के लिए पूरी तरह से मानसूनी वर्षा पर ही निर्भर रहते हैं।
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यही कारण है कि खेती-किसानी से जुड़े लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि कब लौटेगी बारिश। जुलाई के इस दूसरे पखवाड़े में होने वाली संभावित वर्षा फसलों के लिए अमृत के समान साबित होगी। इससे न केवल फसलों को जीवनदान मिलेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
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शहरी इलाकों में जलभराव से निपटने की चुनौतियां
\r\n\r\nएक तरफ जहां बारिश का दोबारा लौटना कृषि के लिए फायदेमंद है, वहीं दूसरी तरफ बड़े शहरों के लिए यह परीक्षा की घड़ी भी साबित हो सकता है। पहली तेज बारिश में ही कई शहरों की बुनियादी ढांचागत व्यवस्थाओं की पोल खुल चुकी है।
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ऐसे में जब 16 से 22 जुलाई के बीच मानसून दोबारा अपनी पूरी रफ्तार पकड़ेगा, तो नगर निगमों को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहना होगा। नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत जैसे काम समय रहते पूरे कर लिए जाने चाहिए ताकि आम जनता को भारी जाम और हादसों से बचाया जा सके।
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मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन ने साफ कर दिया है कि उमस भरी गर्मी से परेशान नागरिकों को ज्यादा दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आगामी 16 जुलाई से 22 जुलाई के बीच मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवात के कारण मानसूनी बारिश देश में एक बार फिर धमाकेदार वापसी करने के लिए तैयार है। तब तक के लिए लोगों को तेज धूप और उमस से थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार लेख भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए साप्ताहिक और संभावित मौसम पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम एक परिवर्तनशील घटक है, इसलिए सटीक दैनिक अपडेट, भारी बारिश की चेतावनी या स्थानीय मौसम में बदलाव के लिए अपने क्षेत्र के प्रादेशिक मौसम केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट और बुलेटिनों को अवश्य देखें।